नदी पार की चिट्ठी
कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ प्यार रहता हमारा नदी के पार,चिट्ठी में रहता प्रेम का सारकरवट लेकर कटती रातें,कैसे-कैसे बीती दिल की बातेंआँखें चार होती बड़े प्यार से,कितने-कितने दिन देखेनदी के इस पार आँखेंआज देंगे चिट्ठी नदी के उस पार जाकर। आज आई रानी की चिट्ठी,हर पंक्ति में प्रेम भरा थाप्रेम को मेरे समझो तुम रानी,पढ़कर चिट्ठी … Read more