व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)****************************************** अनाचार से जो भिड़ते हैं, उनका खिलता जीवन। व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं, भरे हर्ष से तन-मन॥ सदाचार है मानवता-पथ, रीति-नीति सिखलाए,साँच-झूठ में भेद बताता, जीवन-सुमन खिलाए।सदाचार को जो अपनाते, उनका महके आँगन,व्यथा, वेदनाएँ मिट जातीं, भरे हर्ष से तन-मन…॥ सदा कर्म की महिमा न्यारी, चमत्कार होता है,अनुपालन है जहाँ न्याय का, वहाँ … Read more