महंगाई की मार, आम आदमी बेजार
नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* महंगाई की मार, मार गई,परेशान हो गया आम आदमीअब कैसे चले यह जीवन की गाड़ी,आसमान छू रही सभी चीजों की कीमत भी। आम आदमी की पहुँच से, दूर-दूर काफी,कैसे करें सामना महंगाई से भीकैसे पार करें हम जीवन की नैया अपनी,नहीं कुछ भी बचत, आय-व्यय में असमानता बढ़ी। इससे जीना भी … Read more