बाजार में ईमान बेच रहा
कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’देवास (मध्यप्रदेश)******************************************************* पहले दिल की ज़ुबां को,बिन कहे नजरों से हीसमझ जाते थेप्रेम में ऐसी मौन प्रगाढ़ता होती थी। हर स्पर्श निष्कपट था,हर साँस में पवित्रता का,एहसास होता थामन से मन का जुड़ना,ऐसा रिश्ता होता था। कहाँ गए वो दिन,जब दिल ही मंदिर होता था ?जहाँ प्रेम की पूजा होती थी,और ईमान … Read more