हिंदी तुझे मैं क्या लिखूं

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)****************************************** हिंदी तुझे मेरा बंधन,तन, मन, धन, जीवन अर्पणऐ हिंदी तुझे हर पल मैं लिखूं,मेरे माथे की तू बिंदी, हिंदी। क्या अब, क्या कल, क्या बरसों ?जनम-जनम के जज्बात मैं लिखूं,मेरे हिंदी तुझे हर बार लिखूं,अपना मन, अपना स्वप्न लिखूं। जीवन लिख दूं जन्म-जन्म लिख दूं,हे हिंदी तुझे मैं हर बार लिखूंमधुर मिलन … Read more

भ्रम जाल

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* भ्रम जगती का जाल, मनुज फॅंसता ही जाता।माया का जंजाल, सभी को ये उलझाता॥मिले न मानव देह, जगत में हर  प्राणी को।मधुर सुसंस्कृत बोल, मिले न हर वाणी को॥ भ्रममय ये संसार, सत्य सब  इसको जाने।मात्र ब्रह्म है सत्य, नहीं उसको  पहचाने॥जीवन का है ध्येय, मुक्त जग से हो जाएं।जीवन मृत्यु विमुक्त, शिव सायुज्य को पाएं॥ भ्रम जो पाले जीव, सदा अवनति को पाते।भटके जीवन राह, … Read more

हिमालय रक्षक

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)*************************************** है गिरिराज हिमालय बनकर चौकीदार खड़ा,रिपु किंचित आ नहीं सकता रक्षक बन अड़ा। भारत का है गौरव हिमगिरि मंगलगीत सुनाता,वन से भरा हुआ है हरीतिमा को बिखराता। हवा हमें सुहानी देता वनोपज से दुलराता,बना हुआ है प्यारा हरदम सबको ही भाता। पर्यावरण का रक्षक नित ही देता है साँसें,पर अब उसे … Read more

पापा, लौट आओ ना…

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ***************************************** पापा फिर से लौट आओ ना,अपने में मुझे फिर समेट लो नादुनिया की भीड़ में खो गया हूँ मैं, आपके बिना पापा हताश हो गया हूँ मैं।  आपकी फटकार में छिपा था प्यार,आपके वचनों में समाया था संसारआपके जाने के बाद संसार सूना है,हर खुशी अब अधूरी आपके बिना है। बहुत … Read more

नफ़रत की दीवार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नफ़रत की दीवार से, गिरा प्रेम का गेह।मन की कटुता छोड़कर, बरसाओ बस नेह॥ नफ़रत की दीवार अब मत रखन  परिवार।मिल-जुलकर सुख बाँटिए, प्रेम  रहे आधार॥ नफ़रत की दीवार जब, बढ़ती बारम्बार।क्षमा-दीपिका फिर जलें, मन का मिटे विकार॥ नफ़रत की दीवार को, प्रेम करे बेकार।मीठी वाणी से सदा, जीतो सबका प्यार॥ नफ़रत की दीवार बिन, जागे नव संसार।मानवता के फूल से, महके खुशी बयार॥ नफ़रत की दीवार से, टूटे सारे … Read more

सावन की रिमझिम रातें

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* सावन की रिमझिम रातें, मन में    रस घोल रही हैं,भीगी-भीगी चाँदनी, चुपके से कुछ बोल रही हैं। बादल की ओट में चंदा, जैसे लजाकर मुस्काए,पुरवाई की उँगली थामे, मन के तार झंकृत हो जाए। नीम तले टप-टप बूँदें, मधुरिम    गीत सुनाती हैं,सूनी पड़ी हुई गलियों में, स्मृतियाँ  लौट आती हैं। भीगी मिट्टी की खुशबू, साँसों में    उतर रही है,मन की सूनी चौखट पर, कोई    आस सँवर रही है। … Read more

विदेशों में भी धूम

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)******************************** हम सब हिन्दुस्तानी है, भाषा हमारी हिन्दी है,हम सब स्वाभिमानी हैं, शान हमारी हिन्दी है। हम सभी सदा एक हों, आन हमारी हिन्दी है,गौरव हमारी हिन्दी है, जान हम सबकी हिन्दी है। इसका प्रसार बढ़ाना है, लोगों को समझाना है,हिंदी में ही बात करें हम, हिन्दी को अपनाना है। चाहे घर हो … Read more

कलम की शक्ति

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** जिसने आँसू को स्वर देकरपीड़ा को पहचान लिया,जिसने मौन खड़े लोगों कोबोलने का अधिकार दिया। गुमसुम घने अँधेरे पल कोजिसमें नवल प्रकाश दिया,सत्य मार्ग को पोषित करताजिसने सच्चा ज्ञान दिया। अन्याय हो रहे अंधी रातों कोजागृत पहरेदार दिया,जिसने रणभेरी बजते हीयोद्धा को तुरत जगा दिया। कलम उठे तो सत्य लिखे,कलम उठे तो … Read more

दान से भवसागर पार

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)****************************************** छपा के नहीं,छुपाकर कीजिए अपना दान। इस पृथ्वी का,सबसे बड़ा दानी कर्ण महान। कीजिए दान,ज़िन्दगी संवारिये सुख पाइये। दान जरूरी,अपने लाभांश का दस पर्सेन्ट। कीजिये दान,अक्षम व्यक्तियों को पुण्य मिलेगा। नहीं है कुछ,दान से बढ़कर इस जहां में। दान के बाद,फल की इच्छा व्यर्थ यही है अर्थ। खुश रहेंगे,कीजिए गुप्त दान बनें महान। तर जायेगी,आपकी सात पीढ़ियाँगुप्त … Read more

ऐसा था गुरु-शिष्य सम्बन्ध

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)******************************* मेरे भाग्य विधाता (शिक्षक दिवस विशेष )… पांच सितम्बर का दिन दिन है आज महान,आज मिलता है देश मेंगुरूओं को सम्मान। जो गुरु होते,सच्चे अर्थों मेंवे होते हैं महान,उनके बल से बनते हैं सब बच्चे महान। देश के कर्णधारों को,मांज-मांज कर कुन्दन-साचमकाते हैंजिससे बनते हैं वे बच्चे एक दिन महान सच्चे। एक से एक … Read more