एहसास-ए-बरसात
नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)******************************** पहली बूँद गिरी बरसात में मेरे हाथ पर,मेरे दिल में ख़याल आया हँसता चेहरा तेरालगा जैसे तुमने दिल से मुझे पुकारा,मैंने भी धीरे से कहा, आओ प्यारे, बरसात में। तेरे ही एहसास भरे हैं मिट्टी की ख़ुशबू में,मेरा भीगा हुआ मन भी तेरे पास हैपानी की बूँदें बरस रही हैं आँगन … Read more