दिल की धड़कन सुनने वाला

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)********************************************* धरती के भगवान… सफेद कोट और गले में आला,दिल की धड़कन सुनने वालाचिकित्सा शास्त्र का रखता ज्ञान,कहते इसे ‘धरती का भगवान।’ सब जानते हैं एक सच्ची बात,जीवन-मृत्यु ईश्वर के हाथपर, जब जीवन पर विपदा आई तब डॉक्टर ने ही जान बचाई। उस समय ना कोई याद आता,भगवान और डॉक्टर याद आतामिले दवा-दुआ, बच जाए प्राण,मन को … Read more

बादलों से हवाएँ आयी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*********************************************** मेघों से घिरती हवाएँ चली आयी हैं,संग-संग अपने पावस-फुहार लायी हैंगर्मी भी दूर हुई नाचते हैं मोर कहीं-कोयल की कुहुक राग सबके मन भायी है। बाग-बगीचे सभी पानी में धुल गये हैं,लगता किसी ने हरी चूनर पहनाई है।प्रेम और स्नेह की उमंग फैली रही अब-सजी हुई वसुंधरा मन को अति भायी है॥

धरती के भगवान ‘चिकित्सक’

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** धरती के भगवान… जब शरीर थक जाता है,जब दर्द आँखों तक पहुँच जाता हैजब मन में डर घर बना लेता है,तब एक चिकित्सकउम्मीद की तरह सामने खड़ा दिखाई देता है। उसके हाथों में केवल दवाइयाँ नहीं होतीं,वहाँ अनुभव होता हैसमझ होती है,और एक शांत विश्वास होता हैवह दिन और रात का अंतर … Read more

वह धरती के भगवान ही

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )*********************************** धरती के भगवान…. वह हमें ‘जीने’ की राह दिखाते हैं,हम बीमार हों तो दवाइयां हमें ‘ठीक’ करती हैलेकिन हौसला वह डॉक्टर का सबसे ‘अहम’ होता है,क्योंकि वह ‘धरती’ के भगवान ही होते हैं। जीवन-मृत्यु की डोर ‘ईश्वर’ के हाथ में होती है,उसी मालिक के प्रतिनिधि के रूप मेंआज ‘सफेद कोट’ … Read more

प्रखर राष्ट्रभक्त डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** राष्ट्रवाद के प्रखर शिल्पी, हिंदुत्व की सनातन लिपिविश्वविद्यालय के कुलपति, जनसंघ पार्टी के सेनापति। माँ जोगमाया देवी, पिता आशुतोष, श्यामा को मुस्लिम लीग से असंतोषविरोध में हिंदू महासभा का जयघोष, बंगाल वित्तमंत्री बन सरकार से रोष। डॉ. मुखर्जी का त्याग, तपस्या एवं समर्पण, एक राष्ट्र, निशान, विधान को जीवन अर्पणमहिला शिक्षा, संस्कृति, हिंदुत्व चिंतन … Read more

चले आना तुम

राधा गोयलनई दिल्ली**************************************** मेरे दोस्तों,देखो ना मानव की धनलिप्सा ने किस तरह से सारे पेड़ काट डाले हैं,तुमसे तुम्हारा घरौंदा छीन लिया हमसे हमारा घर छीन लिया,सुनते हैं यहाँ विकास होगापर यहाँ कहाँ विकास नजर आ रहा है!केवल पेड़ के कटे हुए तने पड़े हैं। चलो मेरे साथ,मैं तो बारिश से बचने के लिए इस पाइप में छिप … Read more

योग करें, रोग भगाएं

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** स्वस्थ रहना जरूरी है, तोयोग करना बहुत जरूरी है। सिर्फ शारीरिक स्वास्थ्य नहीं,मानसिक स्वास्थ्य भी जरुरी है। योग करें और रोग दूर भगाएं,खुद भी करें, औरों को बताएं। काम करने की शक्ति बढ़ाएं,लोगों से मेल-जोल बढ़ाएं। स्वस्थ रहने का मूल मंत्र है,खान पान का, ध्यान दिलाए। सही दिनचर्या का पालन कर,चिंता, गुस्सा, … Read more

उनकी साँस से जुड़ी खुशियाँ

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* मेरी असली प्रेरणा… ‘पापा’,एक शब्द नहीं एक रिश्ता नहीं,आरंभ से अंत तकपरिवार की ताकत है। ‘पापा’,सिर्फ गुस्सा नहीं सिर्फ सख्त नहीं,गुणों की खान हैपरिवार की शान है। ‘पापा’,ऊपर से गरम, अंदर से नरमपढ़ाई के समय कड़ाई,थोड़ी कुश्ती या लड़ाईडिनर पर खुलकर मौज-मस्ती। ‘पापा’,समाज सेवा में समर्पितसबको करते खुशियाँ अर्पित,बच्चों के वो असली हीरोजी-जान … Read more

सदुपयोग, योग, प्रयोग, सहयोग

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* समय-धन का जो जीवन में सच्चा ‘सदुपयोग’ करता है, श्रम के मोती चुन-चुन करके    भाग्य स्वयं संवरता हैहर क्षण में संभावनाओं का छिपा हुआ भंडार, कर्मशील जन का भविष्य भी ऊँचा नित निखरता है।  तन-मन को निर्मल बनाकर जो  नित ‘योग’ करता है, अंतस के अज्ञान-तिमिर का सहज क्षय होता हैश्वासों में चहुँ परमात्मा का संगीत सुनाई देता, साधक जीवन-पथ पर अपना  व्यक्तित्व गढ़ता है।  नव-विचार की ज्योति जगाकर जो ‘प्रयोग’ करता है, विघ्नों के पर्वत को भी … Read more

इन्सान में साक्षात भगवान समाए 

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* हम अंश है अपने ईश्वर के,वो तो कण-कण में व्याप्त जगत केजन जीवन के ह्रदय में वास करते,मिलते उन्हीं को भगवान, जो भक्ति करते। जब अंहकार को त्यागें हम अपने,तभी भगवान हर पल मिलतेप्रेम से ही भगवान मिलते, सेवा से अन्तर मन शुद्ध होते। जब हम सेवा करते मन से जग की,किसी का दु:ख-दर्द महसूस करते दिल सेभक्ति मिलती ही है सेवा से,जो परमार्थ करते … Read more