युद्ध विध्वंस
शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** युद्ध और शांति-जरूरी क्या ?… युद्ध विध्वंस,बिखर गया सबउड़ा दी नींद। गोलियाँ सहे,आसमान जरियाहोते धमाके। गया अमनउजड़ा है चमनसब वीरान। आँखों में खौफ,आवाज़ें हैं डरातीबेचैन मन। चीख-पुकार,विलुप्त भूख-प्यासबेबस मनु। टूटी दीवारें,तबाही ही तबाहीकैसा मंजर ? लहू-लुहान,हृदय-विदारकविक्षत शव। मानव बना,मानव का दुश्मनविध्वंसक क्यों ? दया-करुणा,दुनिया से लुप्तप्रेम है कहाँ ? परिचय-शीला … Read more