पिता ही तो सर्वस्व

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** मेरी असली प्रेरणा….. पिता पर हमें गर्व होता है,पिता ही तो सर्वस्व होता है। पिता की डांट, पिता की मार,यही तो उनका प्यार होता है। जिस तरह एक कुम्हार बर्तन को,बाहर-भीतर से पीट रहा होता है पिताजी बनाते हैं हमें सामाजिक,कुम्हार तो घड़ा बना रहा होता है। पिताजी रोज सुबह-सवेरे उठ जाते … Read more

मानव और दानव

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* मानव दानव क्यों बने, सोचें सब यह बात।जगमग दिन खिलता रहे, कभी न हो फिर रात॥ मानव मानव ही रहे, रीति-नीति हों संग।क्योंकर दानव बन मनुज, करे स्वयं से जंग॥ मानव के तो संग हों, मानव के गुणधर्म।सदा सोच पावन रहे, मानव से ही कर्म॥ दानव बनना पाप है, बहुत बड़ा … Read more

बात हमारी मान लो

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* रखो सदा सद्भावना, कर सेवा  संसार।बात हमारी मान लो, है दुनिया परिवार॥ मिट जाएँ सब भेद अब, छोड़ो झूठा भार।बात हमारी मान लो, परहित जीओ  यार॥ प्रेम-सुधा से सींचिए, हर मन का उद्गार।बात हमारी मान लो, करो जगत श्रृंगार॥ दीन-दुखी के कष्ट को, दूर करो  परिवेश।बात हमारी मान लो, दो पावन    संदेश॥ करुणा से जग खिल उठे, हो जीवन विस्तार।बात हमारी मान लो, यही लोक उपहार॥ … Read more

हर रास्ते पर चलने का साहस दिया

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** मेरी असली प्रेरणा… मेरी असली प्रेरणामेरे पिता हैं,जिन्होंने मुझे केवल रास्ते नहीं दिखाएबल्कि हर रास्ते पर चलने का साहस दिया। उन्होंने मुझे यह नहीं सिखाया,कि जीवन हमेशा आसान होगा-उन्होंने सिखाया कि कठिन रास्तों पर भी,अपने कदमों को स्थिर रखना चाहिए। जब मैं गिरने से डरती थी,उन्होंने मेरा हाथ पकड़कर नहीं,मुझ पर विश्वास … Read more

अनिर्वचनीय शिव

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************* हे! महादेव महेश्वर, हे! सर्वेश्वर त्रिनेत्रधर गौरीवरहे! वृषभेश्वर पिनाकधर गौरीवर। श्राप दियो शिव कश्यप ऋषि ने, मारोगे तुम पुत्र स्वयं काभक्तन हित स्वीकारा श्राप भी, हे! करुणेश्वर त्रिशूलधर गौरीवर। कालकूट विष पीकर शिव ने, औषधि में बस भंग जो पी लीजग पिए मस्ती दोष धरे शिव, हे! विश्वेश्वर डमरूधर गौरीवर। पाप करन से डरे … Read more

विभाजन का दर्द

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** विभाजन का दर्द वे ही समझेंगे, जिसने अपनों को वारा हैकश्मीर से कन्याकुमारी तक, भारत को सबने संवारा है मिली आजादी से देश, अब लगता कितना प्यारा है,बहती गंगा-जमुना सी नदियाँ, यहाँ की पावन धारा है लहराता है जब तिरंगा, देखो लगता कितना प्यारा है। बलिदानियों के बलिदान से, हुआ देश आजाद हमारा हैएक पल को छपक गई देशभक्तों … Read more

शीघ्र आ जाइए

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* रचना शिल्प-८, ८, ८,६… हर पल भारी लगे,हर साँस तुम जगे,प्रतीक्षा में बीते पल,शीघ्र आ जाइए॥ मिट जाएगा अंधेरा,होगा फिर से सवेरा,प्रतीक्षा का फल मीठा,टेर लगाइए॥ पल में उमंग जगे,हिया धड़कन लगे,प्रतीक्षा के बीच गीत,गुनगुनाइए॥ कैसे कहूँ मन बात,तड़पत दिन-रात,अगन-सी जल रही,इसे बुझाइए॥ परिचय-पेशे से अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय में प्राचार्य (बांदीकुई,दौसा) डॉ.एन.के. सेठी का बांदीकुई में ही स्थाई निवास है। १९७३ में १५ जुलाई को बड़ियाल कलां,जिला दौसा (राजस्थान) में … Read more

वो पिता की सीख

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मेरी असली प्रेरणा…. पिता ने इतना ही कहा— सत्य पथ कभी न छोड़ना, लाभ मिले या हानि मिले, निज धर्म नहीं तुम तोड़ना।क्षणिक सफलता के पीछे तुम मत अपने मूल्य गंवाना-चरित बचा तो जीवनभर सम्मान  रहेगा जोड़ना॥ पिता ने सिखलाया मुझको श्रम से बढ़कर है धन क्या ?कर्मठता की उजली आभा से  सुंदर जीवन क्या ?भाग्य सहारे बैठा मानव मंज़िल कभी पा सकता-पुरुषार्थों … Read more

पिता सिखाते बुद्धि-अनुबुद्धि

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** मेरी असली प्रेरणा… पिता प्रेरणा, पिता चेतना,पिता चिंतन, पिता संवेदनापिता ब्रम्हांड, पिता वंदना,पिता साध्य, पिता साधना। पिता बुद्धि, पिता सुबुद्धि,पिता शुद्धि, पिता विशुद्धिपिता संशुद्धि, पिता परिशुद्धि,पिता संबुद्धि, पिता प्रबुद्धि। पिता दूर करते सारी कुबुद्धि,पिता में अजब होती प्रतिबुद्धिपिता सिद्ध हो, पा लेते सिद्धि,पिता सिखाते बुद्धि-अनुबुद्धि। पिता प्रबोध, पिता ही … Read more

कम मत समझना पिता के संघर्ष को

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ मेरी असली प्रेरणा… कम मत समझना पिता के संघर्षों को,संघर्ष से भरा सारा जीवन ही रहता,पसीने से भरा शर्ट रहता पिता का। करते रहते हमेशा अरमान पूरा हमारा,पिता होते हैं बच्चों की सारी हिम्मत,हमारी खुशी का सपना, पहचान हमारा। पिता के होंठों पर मुस्कान हो,जेब हो खाली फिर भी न कहते कभीकभी … Read more