नारी के विविध रूप
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ममता की गोद में सपनों का संसार है,आँचल में सिमट हर जीवन का विस्तार हैथामे हुए शिशु को मुस्कानों में ढालती,वो नारी ही है जो सृष्टि का आधार है। रसोई की आँच में तपकर जो खिलती है,थाली में प्रेम सजाकर हर दिन मिलती है,अपने ही हाथों से खुशियाँ परोसती,वो … Read more