दो बोल मीठे
हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ कभी भी बोलचाल बंद व तेवर तीखे मत करना,संवाद में जब कठोरता व नफरत पनपती हैतो ग़लत बातों का शोर, हमें जल्दी सुनाई देता है,इसलिए हमें सिर्फ दो बोल मीठे ही बोलना चाहिए। आज-कल तू-तू मैं-मैं में विश्वास टूटते हुए देखा है हमने,कोई को ‘अच्छा’ बोलना ठीक नहीं लगता है … Read more