हर पल संघर्ष रहा जीवन

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… मन नहीं मानता अब नहीं रहीं,पर सत्य तो सत्य हैदीनानाथ की थी लाड़ली,पर जीवन ने किया घातहर पल संघर्ष, संकट घेरे रहा जीवन। दिल में था जुनून,मन में था ठानानहीं पालना है पेट,किसी और के सहारेना थी किसी से कोई खास पहचान। घर से … Read more

गायिका सदाबहार

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* ‘गीत-संगीत की अमिट पहचान’ (स्व. आशा भोसले विशेष)… हृदय में संगीत को बसाए हुए,दीनानाथ थे सुरों के आधार,लता थीं उनकी प्रथम सुपुत्री,आशा ने बढ़ाया आगे यह संसार। अपनी गायकी से सबको हर्षाया,नवयुवकों के लिए पॉप भी गायाछा गई मदहोशी, ऐसा सुर आया,अपने परिवार का मान बढ़ाया। ऐसी हैं हमारी आशा भोसले,संगीत … Read more

कौन सुनेगा पुकार ?

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ पृथ्वी जल रही है,कौन सुनेगा ‘करुण’ पुकार ?गाँव-जंगल ‘गुम’ हो गए शहरों में,कोई सुनता ही नहीं…?कहीं आँधी, कहीं तूफान,गिर रही बर्फ बैमोसमबिगड़ता ही जा रहा दुनिया का पर्यावरण,पृथ्वी जल रही है…। इंसान सही में ‘बोझ’ बन चुका है,अपने लालच के लिए धरती को बांट दियाप्रदूषण, पर्यावरण सबके-सब दूषित हो गए,और … Read more

चमत्कार

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** यदि एक बार तुम आ जातेपथ में पराग बिछाते हम,आलोकित होता जग साराऔर हर्षित होते सारे हम। यह चमत्कार यदि हो जाएअनुराग पुष्प अर्पित करती,याद किया करती हर दिनवह बीते दिन सुमिरन करती। यदि काश अगर आ जाते तुमदिखलाती दुनिया के मिज़ाज,कैसे-कैसे सब बदल गएपहले क्या और क्या है आज। सब मतलब … Read more

एक युग का अवसान

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* सुर की ज्योति बुझी नहीं है, आसमां में आज भी छायी,तेरी मधुर तान अमर हो आशा, हर धड़कन में समायी। जग ने खोया स्वर का सागर, विश्व गूँजे शोक अपार,फिर भी तेरे गीत रहेंगे, जन यादों में बारम्बार। मधुरिम स्वर की रानी तुम थी, विविध रागों की परछाई,हर लय … Read more

जो मेरे प्रेम को समझा नहीं…

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ जो मेरे प्रेम को नहीं समझा,मैं भी उससे प्रेम करना नहीं चाहती। कभी मुझे अपना समझो तो ठीक है,बंदिशों में रिश्ते निभाना नहीं चाहती। मेरी मंज़िल तो बस एक है,जिसको मैंने सपनों में देखा था कभी। खड़ी थी समंदर किनारे पर,नदियों ने अपना प्रेम जताया मुझे। भटकती रही शान्ति के लिए,हर जगह … Read more

आँखों में समंदर

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* अपने आँखों के समंदर में डूब जाने दे मुझे,जो प्यार और दर्द की गहराई को व्यक्त करते हैंआँखों में समंदर भरा है, जो तेरी आँखों में दिखता है,मैं भी तेरी आँखों के समंदर में डूब जाने का इरादा रखती हूँ। क्या-क्या छिपा है इस समंदर की गहराई में,तेरे ख़यालों का, तेरी … Read more

आस में देखूँ तुम्हारे इशारे

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* लौटने की आस में देखूँ तुम्हारे इशारे,जबसे तुम गए हो, मैंने दिन-रात रो-रो कर गुज़ारेरात बिताते गिन-गिन तारे। लौटने की आस में करूँ इंतज़ार तेरा,अब नहीं लौटकर आने वालेघर छोड़ कर जाने वाले,अब तुम सदा के लिए चले गएलेकिन मैं इंतज़ार करूँ सिर्फ तेरा। तुम्हारे फिर कभी रूप बदल कर आने … Read more

महायुद्ध का नाश हो

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* युद्ध और शांति: जरूरी क्या ?… कैसा तम बिखरा हुआ, डरता मन का मोर।सभी आज सहमे हुए, मचा हुआ है शोर॥ बतियाती ना अब हवा, पूछ रही ना हाल।चुप चुप रहते खग सभी, बदली उनकी चाल॥ सूरज भी तो जग उठा, सुन चिड़ियों का शोर।उसे आज मैं बांध दूं, … Read more

नारी वंदन है अभिनंदन है…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ बदलते भारत की है यह नई कहानी,यहाँ नारी शक्ति की आँखों में आँसू नहीं है,क्योंकि वह शाक्ति है, व साहस और विश्वास है,तभी तो नारी वंदन है, अभिनंदन है…। वह नहीं है किसी से कम, उनका नहीं हो अपमान,वह तो हर एक क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैइसीलिए ‘मान-सम्मान’ दे … Read more