सदगुरु ने राह दिखाई
सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** मेरे भाग्य विधाता (शिक्षक दिवस विशेष )… मोह-माया के जाल में घिरी,झूठे जग को लेकर दौड़ीअंधकार में जकड़ी घिरी,सतगुरु जी, ने मुझे राह दिखाई। धन-दौलत के लोभ में फिरती,चारों पहर माया में जकड़ीअपने मन को चंचल करती,दिन-दिन सतगुरु ‘जरा’ में जकड़ी। मेरी नैया भंवर में डोली,मैं तो मुख से सदगुरु … Read more