कैसा ये इंसान ?
दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* सिसकती मानवता,दम तोड़ती संवेदनाएंहृदय हीन मानव,इन्हें कैसे इंसान कहें ? आँखों में हवस,दिल में हैवानियतदरिंदगी का आलम,इन्हें कैसे इंसान कहें ? पहचान इंसान की इंसानियत,मानव की मानवता से,ये भी जो भूल बैठा आज,इन्हें कैसे इंसान कहें ? जानवर अवाक हैं,आँखों में प्रश्न हैं।क्या अंतर है हम दोनों में,इन्हें कैसे इंसान कहें ??