राम-राम धुन मन में बसियो
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* राम-राम धुन मन में बसियो, मोरे जीवन नाथ तिहारो जी।दीन अनाथ जनन के स्वामी, भवसागर सो उबारो जी॥ मन-मंदिर में दीप जलाओ, प्रेम-सुधा रसधार बहे।माया-मोह के घोर तिमिर को, ज्ञान-किरन से निखारो जी॥ सीता-राम बसो उर भीतर, पावन हो हर श्वास प्रभो।करुणा-कृपा की छाँव बिछाकर, जीवन-बाग सँवारो जी॥ शबरी-जैसी सरल प्रतीक्षा, हनुमत-सा विश्वास मिले।भरत-सरीखा भाव समर्पण, चरणों में स्वीकारो … Read more