एहसास-ए-बरसात

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)******************************** पहली बूँद गिरी बरसात में मेरे हाथ पर,मेरे दिल में ख़याल आया हँसता चेहरा तेरालगा जैसे तुमने दिल से मुझे पुकारा,मैंने भी धीरे से कहा, आओ प्यारे, बरसात में। तेरे ही एहसास भरे हैं मिट्टी की ख़ुशबू में,मेरा भीगा हुआ मन भी तेरे पास हैपानी की बूँदें बरस रही हैं आँगन … Read more

मौन रहकर भी वो..

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** प्यार की लहरों में बहता डूबता वो जा रहा है।मौन रहकर भी वो कोई, गीत पावन गा रहा है॥ धड़कनों की आहटों से साज़ सजने लग गए हैं।उर में है नव राग,नेहिल भाव जगने लग गए हैं।है सुकोमल ताल, भीतर चेतना को भा रहा है,मौन रहकर भी वो कोई, गीत पावन … Read more

जीवन मेरा धन्य होगा

राधा गोयलनई दिल्ली************************************ जहाँ धरती, गौ, तुलसी मैया को माता कह के बुलाते हैं,जहाँ मात-पिता को गणपति जी  भगवान मानकर पूजते हैं। वृक्ष, सूर्य, चन्द्र,अग्नि, वरुण को देव मान पूजा जाता,हर प्राणी में भगवान बसा, जिस देश में सिखलाया जाता। जहाँ अन्न को अन्न देवता कह, प्रसाद समझकर खाते हैं,माता को देवी मान जहाँ, जागरण कराए … Read more

नदी नाराज़ है

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** नदियाँ यह नाराज़ है कहतीहमसे अपने मन की बात,मैंने तो तुम सबके हित मेंसदा दी तुमको सौग़ात। कभी न समझा मेरा सपनाक्या मैं तुमसे आस करूँ ?नहीं वेदना समझी मेरीकिससे मैं फ़रियाद करूँ। सदा प्रवाहित की गंदगीकिया अशुद्ध मुझे जी-भर,यह तो नहीं तुम्हारे हित मेंकभी न सोचा जीवनभर। मैं तो बहती अलख … Read more

मेरी भाषा मेरा अभिमान

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)******************************** हिन्दी हमारी शान है,हिन्दी हमारी जान हैहिन्दी एक समृद्ध भाषा है,हिन्दी पर अभिमान हैहिन्दी में हमारी पहचान है,हिन्दी हमारी राष्ट्र की निशानी हैहिन्दी में अपनापन है,हिन्दी से ही जाना-मानामाँ ने लोरी सुनाई,माँ के जैसी सुहानीहिन्दी, हिन्दी में ही है,मेरी भाषा हिन्दी। तुलसी, कबीर, सूर की वाणी,सभी हिन्दी से ही हैवीरों की … Read more

है हिमालय की चेतावनी

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)************************************* नेपाल बाढ़ विशेष… पहाड़ों ने आज एक भाषा बोली है,बर्फ पिघली तो धरती भी डोली है। ‘त्रिशूली’ के पानी ने जब रुख मोड़ा है,भारत की सरहद तक भी नाता जोड़ा है। लाशें बहकर आईं दूर देश से,दर्द का रिश्ता बंधा है परिवेश से। सीमाएं होती हैं नक्शों की लकीरें,पर नहीं मानते … Read more

कलाई पर सजा प्यार-विश्वास

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)******************************** कलाई पर सजा प्यारा विश्वास,भाई-बहन के मिलन की आस। रक्षाबंधन है प्यार का बंधन,साथ हो इनका जीवन भर। बहन-भाई का हो अभिनंदन,सुख-दु:ख की सीमा नहीं बंधन। भाई समझे बहना का दु:ख,मिल-जुल बांटे सब सुख-दु:ख। बहना की राह ताकते भाई,मेरी प्यारी बहना कब आए ? बहना भी राखी का फर्ज निभाए,सब काम-धाम छोड़ … Read more

राखी सरहद के वीरों के नाम

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** सरहद के प्रहरी तुम भाई,भारत के अभिमान हो तुमबहनों के तुम बड़े लाड़ले,माँ भारती की शान हो तुम। राखी के पावन दिन भाई,बहना तुमको याद करेरहो जहाँ भी रहो सलामत,केवल बस यह ध्यान करे। जब आओगे तुम घर छुट्टी,राखी तुमको बाँधूँगीरोली अक्षत थाल सजा कर,विजय तिलक मैं साजूँगी। बर्फीली चोटी हो या … Read more

भाई-बहन का प्यार अनोखा

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ***************************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन  (रक्षाबंधन विशेष)… भाई-बहन का रिश्ता है अनोखा,दुनिया का सबसे सुंदर झरोखालेन-देन का नहीं है कोई हिसाब,इनमें ही बसता है प्यार बेहिसाब। इनके बीच होती कभी नोक-झोंक,तो कभी होती मीठी तकरारमत समझो इसको तुम बेकार,सचमुच इसमें बसता सच्चा प्यार। भाई की कलाई और बहन की राखी,जैसे सफ़र में … Read more

रक्षाबंधन-प्रेम की अबूझ पहेली

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)******************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन  (रक्षाबंधन विशेष)… भाई-बहन के प्रेम की अबूझ पहेली,रक्षाबंधन है अटूट प्रेम की कहानीस्नेह से खिलखिलाती बचपन की अनमोल कहानी,जब लड़ते थे, झगड़ते थे छोटी-छोटी बातों पर ही। आज फिर यादें लेकर आई वहमधुर क्षण बचपन के,रक्षाबंधन वह पावन दिन, जब बहन लगातीभाई के माथे पर टीका, अक्षत और … Read more