पिता ही तो सर्वस्व
ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** मेरी असली प्रेरणा….. पिता पर हमें गर्व होता है,पिता ही तो सर्वस्व होता है। पिता की डांट, पिता की मार,यही तो उनका प्यार होता है। जिस तरह एक कुम्हार बर्तन को,बाहर-भीतर से पीट रहा होता है पिताजी बनाते हैं हमें सामाजिक,कुम्हार तो घड़ा बना रहा होता है। पिताजी रोज सुबह-सवेरे उठ जाते … Read more