करें प्रकृति श्रृंगार
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस विशेष)… पुरखों से मिली थी हमेंमुस्कुराती हरी-भरी धरती,निर्मल वातावरण और प्राकृतिक संपदा से हमें संपन्न करती। प्रकृति के असीम उपवन कोस्वार्थवश हमने क्षीण किया,हरितिमा की करुण पुकार कोनीरवता में परिवर्तित किया। विकास के उन्मत्त रथ परविनाश का ध्वज लहराया,कौन समझे यह मौन वेदना ?स्वार्थ ने … Read more