नंदलाला आ जाओ…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************* जन्माष्टमी विशेष… कब तक हम भक्तों का,इम्तिहान’ लोगे भगवानअब तो आ जाओ, ‘पुकार’ रहा इंसानहजारों तालों को तोड़ कर ‘नंदलाला’ आ जाओ। हर जगह लूट मची है, कोई ‘सुनता’ नहीं है,बेमानी व भ्रष्ट लोगों के ‘शोर’ में तुम भी अपना जलवा दिखाओइस छल-कपट, चोरी में दुनिया फंसी हुई है,फिर क्यों … Read more

गुरुवर तेरी महिमा

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ***************************************** मेरे भाग्य विधाता… (शिक्षक दिवस विशेष)… क्या बताऊँ गुरुवर तेरी महिमा,तेरे कारण ही मुझमें है गरिमा। तूने ही दी है मुझे ज्ञान की ज्योति,तेरे ज्ञान से बना मेरा जीवन मोती। मेरे जीवन में फैला था अँधेरा,तूने ही फैलाया ज्ञान का उजाला। तेरे बिना जीवन मेरा था अधूरा,गुरु ज्ञान से ही … Read more

लोगों का कल्याण किया

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)******************************** जन्माष्टमी विशेष…. रोहिणी नक्षत्र में तिथि, अष्टमी आधी रात में,कृष्ण का जन्म हुआ, कृष्ण पक्ष द्वापर युग में। लोग इस दिन उल्लास से, भजन कीर्तन करते हैं,खुशी और स्वेच्छा से, पवित्र उपवास करते हैं। मथुरा के कारागार में, कृष्ण अवतार लिए,अत्याचार-अधर्म का, नाश करने के लिए। देवकी और वासुदेव के, आठवें पुत्र … Read more

गुरु से शिक्षक तक – एक यात्रा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )************************************************ मेरे भाग्य विधाता (शिक्षक दिवस विशेष)… गुरु ब्रह्मा गुरु विष्णु है, गुरु ही साक्षात शिव, गुरु बिन उपजे न ज्ञान, गुरु बिन जीवन निर्जीवगुरु शिष्य की परंपरा उस युग काल रहे सजीव, प्राणियों में सद्भावना ज्ञानी थे, जन्तु और जीव। वैदिक काल की बेला, गुरुकुल थे दिव्य विधाता, उपनयन हो बालक, बारह … Read more

शिव बसे हैं मेरे दिल में

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** शिव बसे हैं मेरे दिल में किस्मत जगी,शिव करे हैं सुमंगल किस्मत जगीचेतना, कामना, भावना पल्लवित,जिन्दगी को नया मोड़ किस्मत जगीशिव की नगरी, बनी मेरी कुटिया अभी,बनके मंदिर सुसज्जित बहुत है सजी।शिव बसे हैं मेरे दिल में किस्मत जगी,शिव बने हैं मेरे नाथ किस्मत जगी…॥ अब नहीं पीर, मातम, निराशा बची,जिन्दगी … Read more

माखन चोर नंद किशोर

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** यशोदा दुलारा है वो,नंद जी का प्यारा है वोघूम-घूम ब्रज गली,माखन चुराता है। कैसे मैं मनाऊँ उसे,कैसे समझाऊँ उसेभागे इधर-उधर,हाथ नहीं आता है। निशाना साध करके,कंकड़ी मार करकेगोपियों की मटकी को,तोड़ भाग जाता है। कैसे समझाऊँ उसे,कैसे मैं मनाऊँ उसे।जितना वो खाता नहीं,उतना गिराता है॥

एहसास-ए-बरसात

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)******************************** पहली बूँद गिरी बरसात में मेरे हाथ पर,मेरे दिल में ख़याल आया हँसता चेहरा तेरालगा जैसे तुमने दिल से मुझे पुकारा,मैंने भी धीरे से कहा, आओ प्यारे, बरसात में। तेरे ही एहसास भरे हैं मिट्टी की ख़ुशबू में,मेरा भीगा हुआ मन भी तेरे पास हैपानी की बूँदें बरस रही हैं आँगन … Read more

मौन रहकर भी वो..

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)************************************** प्यार की लहरों में बहता डूबता वो जा रहा है।मौन रहकर भी वो कोई, गीत पावन गा रहा है॥ धड़कनों की आहटों से साज़ सजने लग गए हैं।उर में है नव राग,नेहिल भाव जगने लग गए हैं।है सुकोमल ताल, भीतर चेतना को भा रहा है,मौन रहकर भी वो कोई, गीत पावन … Read more

जीवन मेरा धन्य होगा

राधा गोयलनई दिल्ली************************************ जहाँ धरती, गौ, तुलसी मैया को माता कह के बुलाते हैं,जहाँ मात-पिता को गणपति जी  भगवान मानकर पूजते हैं। वृक्ष, सूर्य, चन्द्र,अग्नि, वरुण को देव मान पूजा जाता,हर प्राणी में भगवान बसा, जिस देश में सिखलाया जाता। जहाँ अन्न को अन्न देवता कह, प्रसाद समझकर खाते हैं,माता को देवी मान जहाँ, जागरण कराए … Read more

नदी नाराज़ है

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** नदियाँ यह नाराज़ है कहतीहमसे अपने मन की बात,मैंने तो तुम सबके हित मेंसदा दी तुमको सौग़ात। कभी न समझा मेरा सपनाक्या मैं तुमसे आस करूँ ?नहीं वेदना समझी मेरीकिससे मैं फ़रियाद करूँ। सदा प्रवाहित की गंदगीकिया अशुद्ध मुझे जी-भर,यह तो नहीं तुम्हारे हित मेंकभी न सोचा जीवनभर। मैं तो बहती अलख … Read more