यह राम-कृष्ण की पावन धरती
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* संस्कारों के पुष्प खिलाती, उपवन नवल सजाती है।यह राम कृष्ण की पावन धरती, हम सबको नित भाती है॥ शुभ-मंगल की पवन बह रही, रीति-नीति के मेले हैं,साँच और तप दिलों में रहते, किंचित नहीं झमेले हैं।सीता, अनुसुइया का बल है, संतों की जो थाती है,यह राम कृष्ण की पावन धरती, हम … Read more