बिखरते रिश्ते, सिमटते लोग
नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* आज के रिश्ते बिखरने लगे,सभी अपने स्वार्थों में ही लिपटे रहे। लोग अपने आप में सिमटते गए,सभी अपनी खुशी में ही मस्त होते रहे। दुनिया की तरफ देखने से भी सहमते रहे,बस अपने-आपसे ही सम्बन्ध रखते रहे। ऊपर के फ्लैट में कौन रह रहे हैं, नहीं जानते,क्योंकि नाता रखना ही नहीं … Read more