समय चक्र
दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* समय बड़ा अनमोल,जाकर वापस न आएसमय चक्र में जीवन के,हर एक रंग है समाए। सुख-दुःख, आशा और निराशा,मिलन-वियोग, कष्ट और आरामसमय चक्र के तार हैं ये सब,जीवन इनमें फंस बढ़ता जाए। जीवन पथ पर चक्र समय का,हर पल बढ़ता जाएज्यों-ज्यों बढ़ता आगे जीवन,यह नए रंग दिखलाए। समय कभी अपना-सा लागे,कभी अजनबी बन जाएकभी … Read more