रक्षा सूत्र

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)***************************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन (रक्षाबंधन विशेष)… रक्षा सूत्र बांधा है बहिन ने,खुद एवं बहन कीरक्षा का बंधन है ये,कलाई निखर जाती हैजब बंधता है रक्षा सूत्र। रक्षासूत्र के स्वरूप भीनिराले हैं,चमके-दमकते दिखते ये मतवाले हैंरक्षाबंधन पर्व पर सजती,बाजारों की राखी से सजी गलियाँसुंदर पोशाक संग राखी केखिल जाती गलियाँ,बहना के चेहरे पर खुशियाँ … Read more

कलाई पर रेशम धागा

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)********************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन (रक्षाबंधन विशेष)… राखी का त्योहार प्यारा,इससे बढता है भाईचारा। प्यारा-सा बंधन है ये सारा,लगता प्यारा साथ हमारा। कलाई पर बंधे रेशम धागा,बचपन की यादें होती ताजा। रोली, मिठाई, अक्षत थाली सजा,आरती उतारने में आए मजा। बहना आए अपनी ससुराल से,निहारे राह भैया अपने घर में। भाई की कलाई कभी … Read more

सूनी कलाई का रक्षाबंधन

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)******************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन (रक्षाबंधन विशेष)…. राखी के मौसम में सूनी कलाई खलती,जिस बहन का भाई नहीं कोईजिस भाई की बहन नहीं कोई,दोनों ही उदास-उदास रहतेयाद आती राखी की। बहन भाई के हाथों में राखी बाँधती,मिठाई खिलाती,टीका लगाती, आरती उतारतीभाई जीवनभर रक्षा करने का,वादा करता अपनी बहन की। कृष्ण के हाथों में … Read more

आन-बान-शान

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)*************************************** आन बान ज्ञान शान, देश है महान जान,गौरव की गाथा आप, ऐसी कुछ गाइए। सदाचार, सहयोग, संयमसब साथ ले,समता सद्भावना को, सार्थक बनाइए। सुधरे प्रत्येक व्यक्ति, राष्ट्र सुधर जाएगा,शुद्ध सरल संकल्प, मन में जगाइए। गरिमा के स्वर गूँजे, पूरे गगन के बीचगौरव का कोई काम, करके दिखाइए। लहर-लहर रंग, तिरंगे के लहराए,देश … Read more

भारत की बेटी – झाँसी की रानी

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)******************************************* हाथ में तलवार, रूप माँ काली का अवतार, घोड़े पर सवार,सूरज से चेहरे पर प्रकाश लिएभारत की बेटी, नाना की थी प्यारी,देश की आज़ादी मन में, जीत का जुनून लिएऐसी दीवानी की कहानी तो गजब थी। बहन-नाना की प्यारी थी,मोरोपंत के घर की दुलारी थीझाँसी की वो रानी प्रतापी थी,जिसके हाथों में … Read more

मानवता का अलख जगाएं

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मानवता का अलख जगाने नव विहान जग छाया है, नीति न्याय अन्याय विमुख बन, कुसुमाकर पौरुष भाया हैविश्व वेदना संवेद चित्त सद्रीति  प्रीति घन बरसाया, परमारथ पुरुषार्थ किरण चहुँ, उद्गीति गीत हर्षाया है।  बस राष्ट्रधर्म कर्त्तव्य प्रथम जीवन में सदा निभाना है, निर्माण चतुर्दिक् सुखमय क्षण, उद्देश्य मनुज बन पाना हैजय गान यतन उत्थान वतन विज्ञान ज्ञान यश है पाना, अरुणिमा भोर नवयुवा शक्ति भारत अनुरक्ति जगाना है।  सदाचार … Read more

धो देता है सावन मन का मैल

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************* आया सावन, झम-झम बरसा,भीग गया सबका मन भीभीग गई तुलसी हरी,और खिलने लगे फूल पौधे सभीघर-आँगन को भिगो दिया पानी,सावन में जब पानी बरसाधो देता है मन का मैल सभी। गुस्सा हो, या गिला हो, या शिकवा हो,सभी को सावन बहा ले जातामन के सूखे खेतों में भी,जम जाती है पानी … Read more

शिव जी की लीला न्यारी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)********************************** शिव जी भोले भंडारी हैं,इनकी तो लीला न्यारी हैभटके को वो राह दिखाते,जिसने सब-कुछ वारी है। जो भी मांगे दिल से कुछ,उनकी वे प्यास बुझाते हैंउनके माथे पर चंदा विराजे,जटा में गंगा जी समायी है। गले में नाग करे फुंकार,वो डमरू त्रिशूल धारी हैकानों में सजे बिच्छू कुंडल,वो कहलाते औघड़दानी है। लपेटे … Read more

जीना तो पड़ता है

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************* दुनिया के इस ‘मेले’ में, चलना तो ‘पड़ता’ है राहीमुश्किलें हजारों आती है,पर भूले-बिसरे ‘पलों’ के साथ जीना तो पड़ता है। सफ़र तो हर ‘कोई’ करता है यहाँ,पर बहुत कम ‘लोग’ चल पाते हैंजीवन के इस टेढ़े-मेढे ‘रास्तों’ पर,लेकिन हमें ‘भूले-बिसरे’ पलों के साथ जीना तो पड़ता है। रुकना या हार मान … Read more

श्रावण शिवशक्ति भजें

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* सावन में हर-हर जपकर शिवशक्ति को नित भजें,गंगाजल अर्पित कर शंभु के  चरणों में सजेंहरित धरा पर घन बरसें, मन में  अमृत घोलें,शिव-शक्ति की कृपा ज्योति से जीवन-पथ पर चलें। कांवड़ लेकर कांवड़िया हर-हर  शम्भू पुकारे,कठिन डगर पर आस्था रखकर आगे निहारे,पाँवों में छाले हों फिर भी मन में  दीप जलें,गंगाजल लेकर शम्भु के चरणों में चढ़ाएँ। प्रदोष बेला में शिव का स्मरण कर  दुःख हरें,दीप जलाकर भक्तिभाव से प्रभु    यशगान करें,संध्या नभ में चंद्रकला शीतल संदेश सुने,संयम-साधना के बल जीवन- जलधि पार करें। नीले मेघों संग सावन सरिता धार  बहे,शिव-शक्ति की अतुल कृपा से हर प्राणी सुख लहेवन-उपवन में … Read more