वीर हमारे

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** वीर हमारे बड़े साहसीराणा प्रताप का क्या कहना,देश के सच्चे थे रखवालेमेवाड़ शान का क्या कहना। थी भाले की क्या ग़ज़ब बातभयभीत मुग़ल थे क्या कहना,चेतक पर होते वे सवारउस भुज विशाल का क्या कहना। अकबर की सेना रही काँपभाला प्रहार का क्या कहना,हार कभी नहीं थी स्वीकारउस धैर्यवान का क्या कहना। … Read more

नशे में गिरफ्त आज का युवा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* आज का देख युवाओं का सच वक्त भी रोया है,आज का युवा पूरी तरह नशे की गिरफ्त में खोया है। कहीं तम्बाकू है, सिगरेट है, और कहीं पर शराब है,उससे भी कहीं बढकर हेरोइन का नशा खराब है। नशे की गोलियों का कहीं पर घेरे हुए जंजाल है,तो कहीं पर इंजेक्शन, … Read more

कैसी है विडम्बना ?

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कैसी है विडम्बना ?स्त्रीत्व की यह अवहेलना,निर्णय स्वयं वह कर नहीं पातीक्योंकि समाज की है वर्जना। अविवाहिता की कामनाअति उद्विग्न नहीं मानना,समाज में हो जाएगा मुश्किलउस छोटी-सी जान का जीना। कलेजे का टुकड़ाकिसी के द्वारा जाएगा पकड़ा,मिलेगी सम्मान की ज़िंदगीअसहाय न रह जाएगा खड़ा। निर्णय यही लेना,इसको नदी में बहा देना।ईश्वर ही … Read more

संतोष ही सुख

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ********************************************* जहाँ में कोई नहीं है खुश,  सर्वत्र दु:ख का माहौल हैकोई है धन के लिए दुखी,  तो कोई मन में लिए दुखी। अमीरों के संग धन अपार,  पर शान्ति, नींद नहीं आधारगरीबी में है बहुत ही अभाव,  धूमिल सुख-शान्ति का प्रभाव।   किसानों को है सूखे का डर,  जवान खोजता सुरक्षित डगरनेता के सिर पर सत्ता … Read more

दीए से बाती कह रही…

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** दीए से बाती कह रही श्री बालाजी का राज है,शंख घंटी बता रही जैसे यही तो सरगमों का राज हैभक्त द्धारा श्री बागेश्वर धाम आरती करने का रिवाज है,सजी है रंगोली द्धार पर स्वागत के लिए सजाई आज है। आकाश में लगते चाँद-सितारों से धाम के दीए खास है,दीयों का जमीं पर जलने … Read more

महंगाई की मार, आम आदमी बेजार

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* महंगाई की मार, मार गई,परेशान हो गया आम आदमीअब कैसे चले यह जीवन की गाड़ी,आसमान छू रही सभी चीजों की कीमत भी। आम आदमी की पहुँच से, दूर-दूर काफी,कैसे करें सामना महंगाई से भीकैसे पार करें हम जीवन की नैया अपनी,नहीं कुछ भी बचत, आय-व्यय में असमानता बढ़ी। इससे जीना भी … Read more

राधा-कृष्ण की अलौकिक प्रेम-लीला

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* राधा के दृग में प्रेम-ज्योति, श्याम अधर मुरली प्यारी,कुंज-निकुंज महके जैसे खिल उठी हो फुलवारी।हिय निकुंज प्रेम वह जिसमें स्वार्थ कहीं भी न ठहरे,जिसकी शक्ति से हार गई जग की हर अंधियारीf॥ श्याम-संग राधा खड़ी साहस की अमर कहानी,प्रेम जहाँ सम्मान सुरक्षित, पूजित होती नारी।अन्यायों के सिंहासनों को प्रेम सदा झुकवाता,करुणा, सत्य, समत्वबोध से होती  विजयज्ञ हमारी॥ मुरली मधुरा तान सुनाकर मोहन जग समझाते,राधा बनकर प्रेम-समर्पण के नव … Read more

क्यों डरते हो चोर से ?

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* अब तो सारा का सारा तिमिर संहारें,हम एक दीपक विश्वास का उजारें।भले छल आतंकित करे घनघोर से,यही कहूंगा कि क्यों डरते हो चोर से॥ धर्म की पताका फिर फहराना है,भीतर के रावण को फिर हराना हैअन्याय का और बजे न बिगुल,सत्य के प्रति संकल्प फिर सजाना है।धारण करना हमें दिव्यता भोर … Read more

आज भी इंतजार तेरा

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** आज भी इंतजार तेरा,करता रहा बाजार मेरातेरे दर्शन के लिए,अंधेरी रातों में, आंधी-तूफ़ानों मेंभीगता रहा तेरी यादों की रवानी में,साँसें छोड़ूं, आँखें मूंदूं तेरी प्रतीक्षा में। हर गुजरते पल ने मुझसेतेरा ही पता पूछा है,हर धड़कन ने चुपके-चुपकेतेरा नाम ही तो जपा है। चाँद भी मेरी तन्हाई कासाक्षी बनकर रोता … Read more

प्लास्टिक मुक्त भारत सपना या हकीकत!

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* प्लास्टिक मुक्त भारत सपना या हकीकत ?आज जन-जन की समस्या है प्लास्टिक का उपयोग,आज भारत में चारों ओर बस प्लास्टिक का ही समाज है। हर जगह इसका उपयोग होता, फिर तुरंत फेंक देते,प्रत्येक मनुष्य इसको अपनाता, मनमाने ढंग से फेंक देताप्लास्टिक की थैलियाँ हर जगह बिखरी पड़ी मिलेंगी,इसका पानी पीने से … Read more