रक्षाबंधन-प्रेम की अबूझ पहेली

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)******************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन  (रक्षाबंधन विशेष)… भाई-बहन के प्रेम की अबूझ पहेली,रक्षाबंधन है अटूट प्रेम की कहानीस्नेह से खिलखिलाती बचपन की अनमोल कहानी,जब लड़ते थे, झगड़ते थे छोटी-छोटी बातों पर ही। आज फिर यादें लेकर आई वहमधुर क्षण बचपन के,रक्षाबंधन वह पावन दिन, जब बहन लगातीभाई के माथे पर टीका, अक्षत और … Read more

नाजनीन संध्या

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* धीरे-धीरे विदा हो रही है संध्या बांधे पैरों में पायल,रुनझुन-रुनझुन पायल बजती जा रही है हरपलसरसर-सरसर पवन घूम रही, हल्की हल्की हलचल,कभी छूती लताओं को, कभी छूती जा रही तरु दल। गेहुँओं की नवजात बालियाँ है बड़ी ही मासूम-मासूम,कंटीली रोएं पहनकर अभी झूमने लगी है गुम-सुमलोरियाँ ही लोरियाँ गाई जा रही, हर … Read more

स्नेह और प्रेम डोर का बंधन

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)*********************************************** रिश्तों का रक्षा-बंधन  (रक्षाबंधन विशेष)… राखी एक धागा ही तो है,पर बाँधता है उम्रभरकुछ अनकहे वादे,कुछ मौन दुआएँ। कलाई पर बँधकर भी,रिश्तों को जकड़ता नहींदूरियों के पार से भी,अपनापन थामे रहता है। रक्षाबंधन एक पर्व नहीं,वह बंधन है भाई-बहन केस्नेह और प्रेम डोर का,जो हर रिश्ते से मधुर है। रक्षासूत्र केवल … Read more

धैर्य कभी खोना नहीं

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)********************************* समय बीतता जाता है,परिवर्तन होता रहता हैआज ये कल बनता जाता है,औेर कल, कल होता रहता है। अपना, पराया बनता जाता है,पराया, अपना बनता रहता हैतू-तू, मैं-मैं और मैं-मैं, तू-तू,हर कोई करता रहता है। आज जो बनता जाता है,वो कल बिगड़ता जाता हैआज जो सदमा लगता है,कल आदत बनता जाता है। वक़्त-वक़्त … Read more

राखी की महत्ता

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)*************************************** राखी में तो लाज है, जिसमें शामिल फर्ज।नहीं मानना है बुरा, निश्चित ही है हर्ज़॥ नेह भरा रिश्ता फले, बन जाता उपहार।राखी बँधती है जहाँ, वहाँ पले उजियार॥ ख़ूब कलाई धन्य है, हर्षित भ्राता-माथ।अक्षत करता वंदना, देता युग-युग साथ।। बहना ने भेजी दुआ, भाई है परदेश।शुभ-मंगल के भाव ने, हर डाला … Read more

स्नेह-सुधा बरसाती राखी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************** श्रावण की पूर्णिमा, पावन प्रभात है,स्नेह-सुधा बरसाती, राखी की बात हैरोली-अक्षत सजे, दीपों की पाँत है,भाई की कलाई पर, बहना का हाथ है। रेशम की डोरी में, नेह का निधान है,बचपन की स्मृतियों का, मंगल-गान हैबहना के ओठों पर, नित मंगल-गान है,भैया के सुख हेतु, मन में अरमान है। न धन की … Read more

एक धागा मत समझिए…

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)******************************************* रिश्तों का रक्षा-बंधन   (रक्षाबंधन विशेष)… रक्षाबंधन रिश्तों का त्योहार है,भाई और बहिन का आपसी व्यवहार है। राखी एक बंधन नहीं, बल्कि बहिन को रक्षा का उपहार है,भाई इस बंधन को निभाता बार-बार है। ये धागा प्रेम का है, जो सदियों से चला आ रहा है,भाई-बहिन के रिश्ते की, गरिमा को बचा रहा है। भाई-बहन … Read more

ऊँच-नीच का भेद न मानूं

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)********************************* मेरा नाम ममता है, सभी से मेरी समता है, ऊँच-नीच का भेद न मानूं, चाहे ये जग हँसता है। सभी बड़ों का करूँ सम्मान, छोटों से भी प्यारा रिश्ता है,अमीर-गरीब को मैं न जानूं, बस भावों की तो चिंता है। जहां भी मुझको प्यार मिले, उनसे ज्यादा मेरा नाता है,मैं किसी का … Read more

तिरंगा मेरी शान है

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)**************************************** तिरंगा मेरी शान है,सैनिक देश की आन हैसुरक्षा है,सुरक्षित हैये ही तो वतन की शान है। जल, थल, नभ में हमें नाज है,अस्त्र-शस्त्र के दाता हमदुनिया में सबसे मजबूत हमारी हीरों की खान है,सीमा प्रहरी से हीहम सबके ये सैनिक भगवान हैं। लहराया जब तिरंगा तो दिखता,दुनिया के हर नक्शे में मेरा देश महान है॥ परिचय-संजय … Read more

आँसू की मत बात हो

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)*************************************** चाहे मेरी जीत हो, होंठों पर तो गीत हो।जीवन तेरी प्रीति हो, खुशियों की तो रीति हो॥आँसू की मत बात हो, जीने की सौगात हो।मीठी-मीठी बात हो, दूरी पर ही रात हो॥ गहरा-गहरा काल है, देखो पैनी चाल है।जीवन तो बदहाल है, होता कहर बवाल है॥आँखें नित गमगीन हैं, साँपों की … Read more