धन, शक्ति, यौवन पर गर्व न  करो

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** धन, शक्ति, यौवन पर गर्व अत्यंत न करो। बिन प्रभु सुमिरे जीवन को अंत न करो॥ यह विश्व प्रभु माया की शक्ति, तुम भक्ति की शक्ति पहचानो। रैन-दिवस ऋतु काल की क्रीडा, हर पल जीवन नष्ट हुआ जानो॥सुमिरन छोड़ के इच्छाएं अनंत न करो,बिन प्रभु सुमिरे जीवन को अंत न करो…॥ भांति-भांति के रूप … Read more

तुम्हारी हो गई हूँ

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** दिखा कर स्वप्न तुम हमको,प्रिये मत छोड़ जानाअकेले रह न पाऊँगी,न तुम हमको भुलाना। जलाना प्रेम का दीपक,तुम्हारे हो गए हैंसजाना ज़िंदगी को तुम,संगिनी बन गए हैं। चली आई मैं सबको छोड़,तेरा प्यार पानेनहीं जी पाऊँगी तुम बिन,न करना तुम बहाने। सभी सुख-दुख सहूँगी साथ,मैं सम्मान दूँगी।तुम्हारे साथ जीवन की,मैं हर सीढ़ी … Read more

मेरा भाई मेरी परछाई

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष… मेरा भाई है,मेरी परछाईभगवान करे सबको,मिले मेरे जैसा भाई। भाई दो शरीर, पर एक जान होते हैंएक-दूसरे की आन,बान और शान होते हैं। बड़ा भाई, छोटे भाई का,ध्यान ध्यान रखता हैऔर छोटा भाई बड़े भाई,का सम्मान करता है। भाइयों में होता है,बहुत गहरा प्यार पर कभी-कभी हो जाती … Read more

नकली मुस्कान 

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** नकली शाश्वत मुस्कान को ओढ़े, बहुत से चेहरे आज भी मिलेंगे जो आंधियों की ठिठाई के खिलाफ,बड़े हुनर से दौड़ते आते हैं नजर। मैं जब हिकारती नजरों से देखती हूँ उनको,मेरी अपनी आत्मा दबोच लेती है मुझेनहीं देखने देती आकाश को,बड़ा स्याह मंजर बन जाता है उस वक़्त। नकली मुस्कान चली जाती है,अंधे कुएँ … Read more

दूसरों में क्या रक्खा

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** प्रेम करना है तो खुद से करो, दूसरों में क्या रखा है,जमाने ने तो हमें सिखा ही दिया गैर तो गैर सदा है। गर खुद से करोगे प्रेम तो खुद का जरुर भला होगा,दूसरों से करोगे प्रेम तो कभी न कभी दगा होगा। वो जमाना चला गया, जब प्रेम के बदले प्रेम … Read more

मानव बनाम दानव

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* मानव से दानव बनते है लोग,इन्सान नहीं हैवान हैं वे लोग। अपने स्वार्थ मे इतना गिर जाते वे,अपनी संवेदनाएं भूल जाते है ये। प्रेम, दया, करूणा खो कर क्रूरता की ओर बढ़ते,रावण ने भी यही किया था, जो आज कर रहे हैं ये लोग।  एक छोटा बच्चा जो बचपन में राम … Read more

मिटती न वासना है

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* लोभ मोह काम क्रोध,करो इनका  निरोध, मिथ्या है ये जग सारा,मुक्ति को पाइए॥ भरी मन कामना  है,मिटती न वासना है,भौतिकता की दौड़ से,दूर हो जाइए॥ माया का है भ्रम जाल,फैला जग डाल-डाल,इसमें न फँसे कभी,दूर हटाइए॥ करें सदा सत कर्म,भूले नहींं निज धर्म,तजें अभिमान सदा,ईश को ध्याइए॥ परिचय-पेशे से अर्द्ध सरकारी महाविद्यालय में प्राचार्य (बांदीकुई,दौसा) डॉ.एन.के. सेठी का बांदीकुई में ही स्थाई निवास है। १९७३ … Read more

गद्दारों को पहचानो

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** यहाँ-वहाँ सब घूम रहे हैंरूप बदल कर ये फिरते,नहीं तनिक भी लाज-शर्म,काम घिनौने ये करते। कहीं कबाड़ी ,कहीं ड्राइवरकहीं नौकरी ये करते,भेद सभी का मिलने परबड़ी योजना ये रचते। इन्हें पकड़ना बहुत ज़रूरीदहशत ये फैला जाते,सीधे-साधे इंसानों कोख़ूनी ये बतला जाते। सीख उन्हें कुछ ऐसी देनी,अब हिम्मत नहीं कर पाएँ।देश की रक्षा … Read more

हौसले से भरपूर मेरा भाई

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष… मैं विनय से आठ वर्ष बड़ी हूँ, हम छः बहन-भाइयों में विनय पाँचवें हैं।मेरा बचपना ही था जब विनय का जन्म हुआ। कभी अपनी सहेलियों के साथ खेलने निकलने लगती तो माँ कहती विनय को भी साथ ले जा, मैं तब तक घर का कुछ काम निपटा लूँ। … Read more

इतनी बड़ी पृथ्वी पर

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** इतनी बड़ी पृथ्वी पर,मुश्किल हैएक बच्चे का आज़ादी से खेलना,इतनी पाबंदियाँ हैं किलोग हौसला नहीं, हिदायतें दिया करते हैं,रुक जाते हैं उनके पाँव। जो आसमान नापने के लिए बने,चुप हो गई उनकी आवाज़जिसमें नई भाषा का जन्म होना था,रंगों की थकानउन्हें बुला रही है,ख़ाली दीवारें इंतज़ार में हैं किउनकी रंगत बदल … Read more