धरती झुलस रही
संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** आसमां से बरसती आग,धरती झुलस रही गर्मी सेगर्मी ने किया बेहाल,पेड़-पौधों ने बचा ली धरती की तपिशजहां पेड़-पौधे नही थे,वहाँ तरस रही धरती छाँव को। सूरज से गुहार करना बेकार,बादलों से कर लो दोस्तीये बचा लेंगे प्राण,भटक रहे वाहन और राहगीरपशु-पक्षी छाँव के आसरे को। धरती की सूखी जमीन कह रहीअपनी … Read more