बूँदों की पायल

राधा गोयलनई दिल्ली************************************* रुनझुन-रुनझुन बूँदों की पायल की मृदु झंकार,कानों में जब पड़ी, हृदय तब करने लगा पुकारबरसो सावन झूम के, इस धरती को चूम के,बड़े दिनों के बाद धरा की, तुमने सुनी गुहार। बूँदों की पायल बजती, नभ गाए मेघ मल्हार,अंग-अंग हो गया प्रफुल्लित, है चहुँ ओर बहारइस मौसम का लुत्फ उठाने, इन्द्रधनुष सतरंगी,अम्बर … Read more

जनसंख्या-संतुलन से ही सुखमय  भारत

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* जनसंख्या बढ़े विवेक से, तब  सुखी परिवार बने,शिक्षा, स्वास्थ्य, रोज़गार का सबको अधिकार मिलेसीमित संसाधन कह रहे, सोचो अब हर बार सुमति,संतुलित जनसंख्या बने, सुख-समृद्धि का द्वार खुले। धरती माँ की गोदी सीमाओं से है  बँधी हुई,जल, जंगल, उपवन सभी मानवता से है जुड़ी हुएसंयम, जागरूकता अपनाएँ, यही  समय का ज्ञान,संतुलित जनसंख्या से, उज्ज्वलित हिन्दुस्तान बने। छोटा परिवार सदा सुख, शिक्षा    … Read more

आती है चिड़िया रानी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)**************************************** चिड़िया रानी बड़े सबेरेरोज़ मेरे घर आती हैं,आँगन में वे फुदक-फुदक करबिखरे दाने खाती हैं। चहक-चहक कर खुशी दिखातीइधर-उधर मँडराती है,छत पर रखा पानी पीनेरोज़ वो ऊपर जाती है। चहक-चहक कर सखी सहेलीको भी नित वो बुलाती है,फिर सब मिल कर चिरी-चिरैयामीठे राग सुनाती हैं। कोषों दूर वे चलती रहती,नहीं कभी घबराती … Read more

मैं चंदन हूँ..

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** मैं चंदन हूँ, शिव के तृपुण्ड सजालकड़ी का चंदन हूँ, मस्तक का मुकुट लिए, सुगंधित सज्य चंदन हूँ। मैं चंदन हूँ, माथे का तिलक लिएस्वयं में रघुनंदन हूँ, पूजा का वंदन लिएजन का अभिनंदन हूँ।  मैं चंदन हूँ, सर्प स्नेह स्पंदन हूँशीतलता चंद्र लिए,तुलसी के हाथ घिसामाधव तिलक चंदन हूँ। मैं चंदन हूँ,यज्ञ हवन पूजन … Read more

आओ देश का गुणगान करें

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’धनबाद (झारखण्ड) ******************************************** आओ देश का गुणगान करें,  साथ तिरंगे को सलाम करेंशहीद हुए देश के वीरों की,  कहानी को आज याद करें। हमें आज़ादी दिलाने वालों,  सरहद पर जान गंवाने वालोंतेरी कुर्बानी को सदा याद करूँ,  तुझे मैं दिल से प्रणाम करूँ। तेरे खून से सींची मिट्टी,  तेरे सपनों से सजी धरतीइसकी हम देखभाल करें,  सुरक्षा इसकी हर … Read more

दोस्ती:एक दिल का रिश्ता

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************ ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)… कुछ रिश्ते ईश्वर नहीं,हम स्वयं बनाते हैंऐसा ही प्यार-सा,रिश्ता है दोस्ती का। न खून का कोई बंधन,न रिश्तों की कोई डोरफिर भी मन में बस जाते हैं,अपनों से बढ़कर हो जाते हैं।  धूप में बनकर छाँव संग चलते,आँखों के आँसू पढ़ लेतेसमय बदलता राह बदलती,पर … Read more

यार बिना खुशियाँ बेकार

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)************************************* ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)… सच्ची मित्रता से जीवन में रौनक,अच्छे दोस्त से जीवन में खनक। ऐसे दोस्त को हमारा नमस्कार,यार बिना होती खुशियाँ बेकार। दु:ख में दोस्त सुख में है यार,जीवन के हर मोड़ पर है यार। अगर हमें सच्चा दोस्त मिल जाए,ज़िंदगी में चार चाँद खिल जाए। ज़िंदगी … Read more

खुशी से हर चेहरा गुलज़ार होना चाहिए

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************ ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)…. मैंने ज़िंदगी में दोस्त नहीं ढूंढे,वो खुद-ब-खुद कब आएदोस्ती का सबब देकर,मेरी खुशनसीबी की दुनिया बसा गए। दोस्ती करना आसान हो सकता है,मगर निभाना सबके बस की बात नहींअच्छे-अच्छों को मुकरते देखा है,दिल के अंदर सच्ची भावना होनी चाहिए। दोस्ती में उम्र का कोई … Read more

घन-घन बरसे घटाएं

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* घन-घन बरसे काली घटाएं,सात स्वरों में साज सजायेउमड़-घुमड़ संगीत सुनाएं,गुनगुन-गुनगुन गीत वे गाये। छम-छम पायल बाजे मानो,रुनझुन-रुनझुन बोल सुनाएं,आया सावन झूम झूम करपिया मिलन की याद सताये। जब घन बरसे थिरक-थिरक कर,जियरा डर डर उन्हें बुलायेकैसे आऊँ तुम्हरी नगरिया,बिजुरिया आकर मोहे डराए। आया सावन गरज बरस कर,मुझे तुम्हारे गीत … Read more

मित्र वही, जो गहे दूर तक हाथ

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)***************************************** ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)…. मित्र वही जो संग रह, गहे दूर तक हाथ।हर मुश्किल से भिड़ सके, निभा सके नित साथ॥ कैसा भी हो वक़्त पर, भले सहे खुद पीर।आने मत दे मित्र के, नयनों में तो नीर॥ रोटी खाये बाँटकर गाये मंगल गीत।ढाढस साहस सौंपकर, मित्र सजाये … Read more