महंगाई की मार, आम आदमी बेजार

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* महंगाई की मार, मार गई,परेशान हो गया आम आदमीअब कैसे चले यह जीवन की गाड़ी,आसमान छू रही सभी चीजों की कीमत भी। आम आदमी की पहुँच से, दूर-दूर काफी,कैसे करें सामना महंगाई से भीकैसे पार करें हम जीवन की नैया अपनी,नहीं कुछ भी बचत, आय-व्यय में असमानता बढ़ी। इससे जीना भी … Read more

राधा-कृष्ण की अलौकिक प्रेम-लीला

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* राधा के दृग में प्रेम-ज्योति, श्याम अधर मुरली प्यारी,कुंज-निकुंज महके जैसे खिल उठी हो फुलवारी।हिय निकुंज प्रेम वह जिसमें स्वार्थ कहीं भी न ठहरे,जिसकी शक्ति से हार गई जग की हर अंधियारीf॥ श्याम-संग राधा खड़ी साहस की अमर कहानी,प्रेम जहाँ सम्मान सुरक्षित, पूजित होती नारी।अन्यायों के सिंहासनों को प्रेम सदा झुकवाता,करुणा, सत्य, समत्वबोध से होती  विजयज्ञ हमारी॥ मुरली मधुरा तान सुनाकर मोहन जग समझाते,राधा बनकर प्रेम-समर्पण के नव … Read more

क्यों डरते हो चोर से ?

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* अब तो सारा का सारा तिमिर संहारें,हम एक दीपक विश्वास का उजारें।भले छल आतंकित करे घनघोर से,यही कहूंगा कि क्यों डरते हो चोर से॥ धर्म की पताका फिर फहराना है,भीतर के रावण को फिर हराना हैअन्याय का और बजे न बिगुल,सत्य के प्रति संकल्प फिर सजाना है।धारण करना हमें दिव्यता भोर … Read more

आज भी इंतजार तेरा

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** आज भी इंतजार तेरा,करता रहा बाजार मेरातेरे दर्शन के लिए,अंधेरी रातों में, आंधी-तूफ़ानों मेंभीगता रहा तेरी यादों की रवानी में,साँसें छोड़ूं, आँखें मूंदूं तेरी प्रतीक्षा में। हर गुजरते पल ने मुझसेतेरा ही पता पूछा है,हर धड़कन ने चुपके-चुपकेतेरा नाम ही तो जपा है। चाँद भी मेरी तन्हाई कासाक्षी बनकर रोता … Read more

प्लास्टिक मुक्त भारत सपना या हकीकत!

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* प्लास्टिक मुक्त भारत सपना या हकीकत ?आज जन-जन की समस्या है प्लास्टिक का उपयोग,आज भारत में चारों ओर बस प्लास्टिक का ही समाज है। हर जगह इसका उपयोग होता, फिर तुरंत फेंक देते,प्रत्येक मनुष्य इसको अपनाता, मनमाने ढंग से फेंक देताप्लास्टिक की थैलियाँ हर जगह बिखरी पड़ी मिलेंगी,इसका पानी पीने से … Read more

सफ़र में..

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ मैं यूँ ही चल रहा था सफ़र में,रास्तों पर हर एक ‘रंग’ देख रहा थाजीवन की गाड़ी को ‘पटरी” पर लाने,मैं चल रहा था सफर में…। कभी पटरी पर, कभी रास्तों पर,मैं निकल रहा था ‘मंजिल’ की तलाश मेंक्योंकि चलना ही ‘ज़िन्दगी’ होती है,इसलिए मैं चल रहा था सफ़र में…। … Read more

प्रेम शायद ऐसा ही होता

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** किसी के जीवन मेंशोर की तरह नहीं,धीरे-धीरे उतरती हुई शाम की तरह आना। बिना कहे समझ लेनाकि सामने वाला थका हुआ है,और उसके पास बैठ जानाबिना किसी सलाह, बिना किसी प्रश्न के। प्रेम बड़े वादों में नहीं रहता,वह छिपा होता हैचाय के उस आख़िरी घूँट में-जो कोई आपके लिए बचाकर रख देता … Read more

चलो हरि की शरण

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** चलो हरि की शरण, छू लें हरि के चरणशुद्ध हो अंतःकरण, वस्त्र नूतन हो वरण।  करें गीता ग्रंथ का स्मरण,पाएँ वेद पांच का विवरणकरें पुरखों का भी अनुसरण, जाने कब हो जाएगा मरण ?  चित्त शुद्ध, स्वच्छ आचरण, हो भक्ति-भाव वातावरणआसक्ति का करें संवरण, मद्द्य पान का हो उद्धरण। न कर सके कोई अपहरण,हरि महिमा … Read more

युद्ध सदा विनाशकारी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** युद्ध विनाशकारी होता है,युद्ध का अंत संहारी होता है। युद्ध तो केवल युद्ध होता है,यह तो नहीं शुद्ध होता है। शांत व्यक्ति तो प्रबुद्ध होता है,अशांत व्यक्ति अप्रबुद्ध होता है। यह अंदर और बाहर दोनों होता है,एक युद्ध हमारे अंतर्मन में होता है। दूसरा युद्ध भी बर्हियुदध होता है,इसमें अनाड़ी भी शिकारी … Read more

लोक क्रांति का अग्रदूत

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** लोक क्रांति का दूत अग्र है, श्रमिक है जिसका नाम,मेहनत करता सारे दिन वह नहीं करे आराममूढ़, अशिक्षित और उपेक्षित कहते उसको लोग,भूख-प्यास से पीड़ित वह तो क्या जाने सुख भोग। आग उगलता तपता सूरज गरम हवा का ज़ोर,कर्मक्षेत्र में व्यस्त नहीं है किसी से वह कमजोरचाहे ओला, पाला हो या झमझम … Read more