हमें किया बेघर
डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* उठाकर दर्द की चादर, हमारे गाँव वालों ने,हमें घर से किया बेघर, हमारे गाँव वालों नेघरौंदा एक बनाया पर, उसे तुमने इसे उजाड़ा क्यूँ,सपनों के शीश महल को, बनने से पहले गिराया क्यूँ। घर में थे अनेकों लोग, फिर भी सूना लगता था,क्यूँकि दिल से थे, सब दूर ये … Read more