तेरी याद में जीना
कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)******************************************** आज वह बहुत याद आ रहा है,याद आ रहा है वह पल, जब हम बाँहों में लिपटे थे। तेरे दरवाज़े पर जाकर,यादों में सिमट कर दिल-तेरी बाँहों में ही खो जाता है। कैसे संभाल पाती हूँ धड़कन की तेज़ आवाज़ों को,कभी महसूस किया तूने, मेरे मन को, कितना तड़पता है। हवाओं ने … Read more