समय किसी का नहीं होता
बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** ना होता समय किसी का,न राजा का होता, ना ही होता रंक का। कौन है जो इसे बाँध सके मुट्ठी में,था कौन ऐसा इतिहास में ? कल तक जो थे सिंहासन पर,आज रह गए बस स्मृति में, बताया घड़ी की टिक-टिक ने,वैभव क्षणिक धाम रह गए। जो आज गर्व में हँसता है,कल … Read more