शिव जी की लीला न्यारी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)********************************** शिव जी भोले भंडारी हैं,इनकी तो लीला न्यारी हैभटके को वो राह दिखाते,जिसने सब-कुछ वारी है। जो भी मांगे दिल से कुछ,उनकी वे प्यास बुझाते हैंउनके माथे पर चंदा विराजे,जटा में गंगा जी समायी है। गले में नाग करे फुंकार,वो डमरू त्रिशूल धारी हैकानों में सजे बिच्छू कुंडल,वो कहलाते औघड़दानी है। लपेटे … Read more

जीना तो पड़ता है

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************* दुनिया के इस ‘मेले’ में, चलना तो ‘पड़ता’ है राहीमुश्किलें हजारों आती है,पर भूले-बिसरे ‘पलों’ के साथ जीना तो पड़ता है। सफ़र तो हर ‘कोई’ करता है यहाँ,पर बहुत कम ‘लोग’ चल पाते हैंजीवन के इस टेढ़े-मेढे ‘रास्तों’ पर,लेकिन हमें ‘भूले-बिसरे’ पलों के साथ जीना तो पड़ता है। रुकना या हार मान … Read more

श्रावण शिवशक्ति भजें

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* सावन में हर-हर जपकर शिवशक्ति को नित भजें,गंगाजल अर्पित कर शंभु के  चरणों में सजेंहरित धरा पर घन बरसें, मन में  अमृत घोलें,शिव-शक्ति की कृपा ज्योति से जीवन-पथ पर चलें। कांवड़ लेकर कांवड़िया हर-हर  शम्भू पुकारे,कठिन डगर पर आस्था रखकर आगे निहारे,पाँवों में छाले हों फिर भी मन में  दीप जलें,गंगाजल लेकर शम्भु के चरणों में चढ़ाएँ। प्रदोष बेला में शिव का स्मरण कर  दुःख हरें,दीप जलाकर भक्तिभाव से प्रभु    यशगान करें,संध्या नभ में चंद्रकला शीतल संदेश सुने,संयम-साधना के बल जीवन- जलधि पार करें। नीले मेघों संग सावन सरिता धार  बहे,शिव-शक्ति की अतुल कृपा से हर प्राणी सुख लहेवन-उपवन में … Read more

‘कर्फ्यू’ सिर्फ शहर में ही नहीं लगते

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ ‘कर्फ्यू’ सिर्फ शहर में ही नहीं लगते,अक्सर लगा दिए जाते हैं…अघोषित, मौन और अनगिनत बंदिशों के साथस्त्री की देह और देहरी के बीच। कर्फ्यू…रूह की गहराइयों में बुना एक ऐसा जाल,जहां खामोश निगाहों के पहरे भीसड़क के सन्नाटों से ज्यादा गहरे होते हैंजहां सपनों के उगने से पहले ही,दफन कर … Read more

खून बहाने से क्या होगा…?

राधा गोयलनई दिल्ली************************************ सावन की मदमाती रुत है, खुशियाँ लाई अपार,सतरंगी रंगों से सारा रंगा हुआ संसारटेसू और पलाश महकते, मिला ताप से त्राण,प्रेमी युगलों के मन में मन्मथ ने मारे बाण। कोई हुआ प्रेम से घायल, कोई युद्ध में घायल,युद्ध में घायल हैं साजन, तो कैसे बाजे पायल ?इस जीवन के कैनवास पर अजब … Read more

किस्सा कुर्सी का

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )****************************************** कुर्सी की माला नेताजी, दिन-रात जपते रहते हैं,अच्छे-बुरे सारे काम, हर पल करते रहते हैं। प्यार की भाषा इनको, तो कभी समझ ना आती है,दुनिया में सबसे ज्यादा, कुर्सी ही इनको भाती है। अविरल प्रेम की धार है कुर्सी, यह तो इनकी जान है,कुर्सी प्रेम में मर मिटते हैं, … Read more

जन-जन को राम से जोड़ दिया

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************ हाथ जोड़कर नमन है आपको,‘श्री रामचरितमानस’-सा ग्रंथ दियाराम कथा शब्दों में पिरोकर,जन-जन को राम से जोड़ दिया। हाथ जोड़कर नमन है आपको,श्री रामचरितमानस-सा ग्रंथ दिया…॥ साधक, कवि भक्त महान,आपके शब्दों में भगवानश्री राम की गाथा लिखकर,मन में भक्ति का दीप जला दिया।हाथ जोड़कर नमन है आपको,श्री रामचरितमानस-सा ग्रंथ दिया…॥ पिता आपके आत्माराम,और माता … Read more

तुम चंदन हो… मैं तुम्हारी सुगंध हूँ

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )************************************************* तुम चंदन हो,शिव के तृपुण्ड की शोभा होतो मैं उस भोले की भक्ति हूँ,जिसमें तुम हर पल समाए हो। तुम लकड़ी का चंदन हो,मस्तक का सुंदर मुकुट होतो मैं उस माथे की आस्था हूँ,जिस पर तुम्हारा पावन तिलक हो। तुम चंदन हो,रघुनंदन के मस्तक का तिलक होतो मैं मर्यादा … Read more

आजादी हवा में नहीं मिलती

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* आज़ादी… और आज हम (१५ अगस्त विशेष)… सरहद पर सिपाही जागता है,तभी घर में चैन की नींद आती हैआजादी हवा में नहीं मिलती,शहीदों के लहू से सींची जाती है। कल नारे लगे थे ‘इंकलाब’,आज नारे लगते हैं ‘कर्तव्य’कल आजादी के लिए जान दी,आज आजादी के लिए जान लगानी है। आजादी मिली … Read more

हर घर तिरंगा

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************ आज़ादी….और आज हम (१५ अगस्त विशेष)… बीते आज़ादी के उन्नासी वर्ष,स्वतंत्रता दिवस पर फिर मनाएं हर्षविजयी विश्व तिरंगा प्यारा,झंडा ऊँचा रहे हमारा। सुबह ध्वजारोहण संग गूंजेगा,राष्ट्रगान जन-गण-मनसाथ में हम सब मिलकर गाएँ,वन्दे मातरम्-वन्दे मातरम्। हर घर तिरंगा फहराएगा,राष्ट्र गीत की उभरेगी तानदेशभक्ति की प्रतिध्वनि से,बिखरेगी आज़ादी की शान। हर घर तिरंगा … Read more