मुक्तक
दर्द
रेणू अग्रवालहैदराबाद(तेलंगाना)************************************************ ख़याली पुलाव बनाना अच्छा नहीं होता,यूँ ही दिल बहलाना अच्छा नहीं होता।है रंजिशें दिल में तो छुपाकर रखो-ग़मों को बतलाना अच्छा नहीं होता। दिल का दर्द तू महसूस करना सीख ले,इस तरह ख़ुद के दिल में रहना तू सीख ले।दर्द की परिभाषा तू कभी तो समझेगा-जीवन में तू मरना फ़िर जीना सीख ले। … Read more
जज्बात
ओम अग्रवाल ‘बबुआ’मुंबई(महाराष्ट्र)*********************************************** जादूगरी अल्फाज़ की,जज्बात भी मुश्किल में है,चित्त का चिंतन नहीं अब,बात भी मुश्किल में है।नेह का दर्पण अगर,हौले से धूमिल हो रहा हो-मान लो ये जिंदगी की,सौगात भी मुश्किल में है॥ परिचय-ओमप्रकाश अग्रवाल का साहित्यिक उपनाम ‘बबुआ’ है।आप लगभग सभी विधाओं (गीत, ग़ज़ल, दोहा, चौपाई, छंद आदि) में लिखते हैं,परन्तु काव्य सृजन … Read more
सुरभित पुष्प
ओम अग्रवाल ‘बबुआ’मुंबई(महाराष्ट्र)*********************************************** फूलों के मुरझाने से,सुरभि कहाँ रुक जाती है,और पुष्प से नेह निबन्धन,सोच सोच रह जाती है।अनजाने में हुए दोष का,दोष नहीं लगता है प्रियवर-कुछ तो खास रहे हो तुम जो,आँखें खुद झुक जाती हैं॥ परिचय-ओमप्रकाश अग्रवाल का साहित्यिक उपनाम ‘बबुआ’ है।आप लगभग सभी विधाओं (गीत, ग़ज़ल, दोहा, चौपाई, छंद आदि) में लिखते … Read more
शब्द की महिमा
आशा आजादकोरबा (छत्तीसगढ़) ********************************************** शब्द-शब्द में ज्ञान समाया,शब्द प्रेम निर्मल पावन है, शब्द श्रेष्ठ जीवन देता है,शब्द मधुर जो मनभावन है। शब्द सोचकर ऐसा बोलें,शब्द मिटा दे कटुता सारी- शब्द हृदय झंझोड़ के रख दे,शब्द से जगत सुहावन है॥ शब्द बनाए रिश्ते सारे,शब्द तोड़ता सब बंधन है, शब्द कल्पना है कविवर की,शब्द सृजन का चंदन … Read more
गीता ज्ञान
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) **************************************************** मुझे गीता ने सिखलाया,जिऊँ मैं कैसे यह जीवन,सुवासित कैसे कर पाऊँ,मैं अपनी देह और यह मन।मैं चलकर कर्म के पथ पर,करूँ हर पल का नित वंदन-महकता मेरा गीता-ज्ञान से,जीवन औ’ घर-आँगन॥ कर्म को मानकर पूजा,ही मन को तुम प्रबल रखना,बनो तुम निष्कपट मानव,यही आदर्श फल चखना।नहीं करना कभी तुम,एक पल … Read more
बापू को चिट्ठी
डॉ.धारा बल्लभ पाण्डेय’आलोक’अल्मोड़ा(उत्तराखंड) ************************************************ गांधी जयंती विशेष………….. बापू लिख रहा चिट्ठी आज,तुमको अपने देश के काज।स्वच्छ शांति सेवा शिक्षा से-भी ना बदले स्वदेश आजll कोई धरना-रैली करते,देश लूटने आतुर होते।सरकारी हड़ताली बनकर-काम नहीं पर दाम चाहतेll देशभक्ति व देश प्रेम का,झंडारोहण माल्यार्पण का।मात्र दिखावा और छलावा-ढोल पीटकर जयकारा काll चरखा टूटा,बकरी खाई,सेवाग्राम घास उग आई।सन्मति … Read more
गाँधी-दर्शन
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ***************************************************** गांधी जयंती विशेष………….. मुझे गांधी ने सिखलाया,जिऊँ मैं कैसे यह जीवन,बनाऊँ कैसे मैं इस देह और मन को प्रखर,पावन।मुझे नैतिकता-पथ दिखला के,रोशन आत्मा कर दी-पूज्य बापू के कारण ही,महकता है मिरा मधुवन॥ जिये सत् भाव लेकर गांधी,सौंपा हमको यह ही स्वर,अहिंसा-ताव लेकर बन गये,मानव से वे इक सुर।युगों तक वंदना … Read more