ख्याल बुरा नहीं

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** मत करो किसी की चिंता,अपनी मस्ती मेंमस्त रहो,किसी से कुछ न कहोख्याल बुरा नहीं। कहाँ बदलेगा जमाना,तुम खुद ही बदल जाओयही मन को समझाओ,ख्याल बुरा नहीं। हम प्यार करते रहे,वे किसी और के हो गएबेवफा को माफ कर दे,ख्याल बुरा नहीं है। माफ कर दो सबको,जिन्होंने गलती की है।जियो … Read more

विश्व विजेता भारतीय बेटियाँ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* विश्व क्रिकेट के व्योम क्षितिज पर, विजय पताका लहरायी है,बेटियाँ बनी परवाज़ भारती, महिला क्रिकेट जय पायी हैबनी खिलाड़ी भारत बेटी रनों का है अम्बार लगायी,महिला क्रिकेट सुनहर अतीत लिख भारत शान बढ़ायी है। अथक प्रयासों का प्रतिफल शुभ प्रथम बार विजय दिलायी है,गौरवमयी गाथा क्रिकेट जग भारत महिला … Read more

मधुर मिलन

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** मधुर मिलन का शुभ दिन आयानव किसलय उपवन मुस्काया,धरा गगन का क्षितिज मिलन यहमुग्ध नयन किस पथ से आया। मृदु सुकुमार हृदय के सपनेसुधि से सुरभित किसी केअपने,मुग्ध पवन तू ले चल उस पथ धरा गगन जहाँ लगे हैं मिलने। शत वल्लरियाँ नत मस्तक हैंपुष्पों पर मधुकर गुंजन है,इन्द्रधनुष चितवन के ये … Read more

ठहरता नहीं वक़्त

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ वक़्त चल रहा अपनी चाल,हर समय हर प्रहर हर घड़ीउसने चलना ही सिखाया हमें,क्योंकि वक़्त ठहरता नहीं किसी के लिए। संसार की इस जीवित सोच को,इंसान कभी नहीं देखता हैअगर वह नहीं चलेगा वक़्त के साथ,तो खत्म हो जाएगा सब कुछक्योंकि वक्त ठहरता नहीं किसी के लिए। ज़िन्दगी के इन … Read more

अंदर से खाली क्यों ?

बबीता प्रजापति झाँसी (उत्तरप्रदेश)****************************************** खुश बाहर से हो,अंदर से क्यों खाली ?क्या तुमने भी भाग-भाग कर,जीवन की दौड़ लगा ली…। ये अंतस की वेदना,और दु:ख सारे सहनाक्या विजय खुद पर पा ली!यदि नहीं तोचहुँ ओर देखो,सूखे वृक्ष पर छाई पुनः हरियाली…। स्थाई क्या रहा है जीवन में,मुरझाए फूल खिले उपवन मेंदु:ख आया फिर सुख आएगा,जीवन की … Read more

खिलखिलाती वादियाँ

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** चल पड़ी चुपचाप सन-सन-सन हवाडालियों को यों चिढ़ाने-सी लगी,आँख की पुतली अरे खोलो जराहिल कली को यों जगाने-सी लगी। पत्तियों ने चुटकियाँ झट दी बजाडालियाँ कुछ डुलमुलाने-सी लगी,किस परम आनंद-निधि के चरण पर,विश्व साँसें गीत गाने सी लगीं। जग उठा तरु-वृंद सुन यह घोषणा,रश्मियाँ कुछ झिलमिलाने-सी लगीं।हो रहे जीवंत सारे चर-अचर,वादियाँ अब … Read more

भक्ति भाव

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** मत बन तू छलनी के जैसा सार बहा दे‌ असार धर,जैसे दुर्जन गुण को त्यागें अवगुण राखें संभार कर। सांचे भक्त हों सूप के जैसे कूड़ा बाहर सार अंदर,माया कूड़ा सार प्रभु जी प्रभु गुण गाऐं पुकार कर। जो भी मुक्त न होना चाहें माया-मोह के बंधन से,आसक्ति संसार … Read more

मन का खेल

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* महासागर-सा यह मन मेरा…धैर्य-बंधन में बंधा हुआ,नन्हें कंकड़ से फट जाता…दामन ज्यों धीर का फिसल गया। एकरसता ज़िंदगी की…तार-तार मन कर देती,जर्रा-जर्रा खोल देती…एकाकी से जीवन का। क्यों, किसलिए है जीना…कुछ समझ नहीं आता,छूट रही ज़िंदगी हाथ से…कांप-कांप मन है जाता। गंगा-जमना-सी धाराएं…बंधन तोड़ निकल पड़ती,थोड़ा-सा मन खाली होता…कुछ सुकून-सा मिल … Read more

शिव बारात

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कर कठिन तपस्या माता को, शिव ने जब था स्वीकार किया,सज गई बरात देव आए अपने-अपने वाहन लाएसब अगल-अलग चल पड़े वहाँ,माता का मण्डप सजा जहाँशिव सबसे पीछे निकले थेबाराती सब उनके संग थे,बारात देखने आते जोमारे डर के भाग जाते वोऐसी बारात न देखी थीसपने में भी नहीं सोची थी,कोई बिना … Read more

बुढ़ापा छू भी ना पाएगा…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ कल रात मैं जब सोई थी,मीठे-मीठे सपनों में खोई थीतभी अचानक ऐसा लगा, किकिसी ने दरवाजे पर थपकी दी हैमैंने सपने में ही देखा-कि एक बूढ़ा दरवाजे पर खड़ा था,जिसके बाल सन्न से सफेद थेकंधे झुके और काया थी कृषकाय,हाथों में सहारे के लिए लाठी थीमैंने चिंतित स्वर में पूछाबाबा, सुबह-सुबह कैसे … Read more