प्यार से…
डॉ. रचना पांडेभिलाई(छत्तीसगढ़)*********************************************** नहीं हो सकती अब बातें किसी दिलदार से,लोग जुड़ चुके हैं अब दिखावटी संसार से। हो नहीं सकती सुरक्षा अब किसी भी पहरेदार से,मिल चुके हैं चोर सारे घर के रिश्तेदार से। ना सुन किसी की ईमानदारी की बातें,अधिकारी से चपरासी तक सब डूबे हैं भ्रष्टाचार से। लोग जो उतरे अभी हैं … Read more