तेरी जय हो गणेश

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ जय हो, जय-जय हो गणेश,दुनिया में कहीं ना हो क्लेशबप्पा तुम हम सबके प्यारेतेरी जय हो गणेश…। दु:ख हो या सुख हो,तेरा बना रहे साथशुभ है तेरा आना,तेरी जय हो गणेश…। रिद्धि-सिद्धि के दाता,गौरी पुत्र गणेशदेवों के देव के पुत्र गणेश,तेरी जय हो गणेश। मूषक वाहन प्रिय मोदक,लड्डू व दूवा … Read more

गीत मधुर हम गाएँ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* समरसता की ज्योति जलाकर, गीत मधुर हम भारत गाएँमानवता अनमोल धरोहर, नैतिकता का पाठ सिखाएँसंस्कार आचार सत्यपथ, शील धीर पुरुषार्थ दिखाएँ,सुमति विवेकी साहस सम्बल, नवनिर्माण धर्मार्थ रचाएँ। जन गण मन मंगल सुखदायक, अरुणिम भारत गान सुनाएँ,चहुंमुख सीमा रक्षक नायक, वीर शहीदों शीश नवाएँविजय गीत भारत शत्रुंजय, अमर उजाला दीप … Read more

कलयुग… क्या बतलाएँ

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कलयुग की यह रीति सुहावनजो मन भावे वही है पावन,क्या बतलाएँ युवा जगत को-भूल रहा निज रीति-नीति को। बच्चों पर क्या दोष लगाएँउनको हम क्यों ग़लत बताएँ,संस्कार की बात पुरानी-हितकर है यह सबने मानी। पर शिक्षा तो कॉन्वेंट मेंसीखा सब उन्हीं के संग में,अब क्यों कहते ढंग है बदला-खान-पान व्यवहार है बदला। … Read more

नंद गृह शुभफल

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** तिमिर गहन रितु, वीभत्स-वीभत्स रितु,छम-छम कृष्ण रितु, घन घिर गरजे। जनम अद्भुत पल, यशुमति हर्ष पल,नंद गृह शुभफल, समस्त जन हर्षे। विचलित रुद्र कंस, सहम-सहम कंस,विकृत स्वरूप कंस, दुष्ट कंस गरजे। खुलधर्म-कर्म पट, बहुरि बंधन पट,पितु अचिंतित सट, जगत भय टरे। भ्रमित तरंग सरि, जलधि सम भरि,अनंत-अनंत धरि, भुजंग छत्र … Read more

छुई-मुई का दीवाना

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* मैं आषाढ़ सावन में छुई-मुई का बड़ा दीवाना बन जाता हूँ,देखकर आश्चर्य से छुई-मुई का खिलना मन ही मन सोंचता रहता हूँप्रकृति का जीता-जागता चमत्कार जानकर मन ही मन भरमाता हूँ,बहुत हौले से छुई-मुई क़ो छूकर, लज्जा से उसक़ो सिमटता पाता हूँ। बहुत शर्मीली, बहुत लचीली बहुत ही मनोरम इसका है … Read more

मोबाइल के कीड़े क्यों

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ जब मोबाइल नहीं था,ज़िन्दगी बहुत खुशनुमा थीना किसी से झूठ बोलते थे हम,फिर क्यों बन गए हम मोबाइल के कीड़े। अब बहुत दूरियाँ बढ़ गई,समय किसी के पास नहीं बचाफिर भी घंटों बिता रहे इससे,क्यों बन गए हम मोबाइल के कीड़े। संदेशे आते-जाते इसमें ‘व्हाट्सप्प’ पे दूर-दराज के,पर वह आत्मीयता … Read more

सपना पलता है

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* नैनों में सपना पलता है,दिल में छुप कर रहता हैहर रात चुपके से आकर,सन्नाटे में मचलता है।नैनों में सपना पलता है… कभी बचपन की यादें बनकर,कभी-कभी अधूरी ख्वाहिशें बनकरकभी मंजिल की बन तस्वीर,हर रात मुझे वो जगाता है।नैनों में सपना पलता है… कभी आशा का दीपक बनकर,कभी मिलन की आहट बनकरकभी जीवन … Read more

तुम चाहते हो

विद्या पटेल ‘सौम्य’ इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) ******************************************** तुम चाहते हो,बदल डालें हमअपनी हर ख्वाहिशें,हर चाहत, स्वादऔर…यहाँ तक सपने भी,तुम्हारे और तुम्हारे अपनों की खातिर,मिटा दूं…अपने अस्तित्व को ही,रंग-रूप, वेश भूषा कोतुम्हारी जिद की खातिर,बदल डालूं खुद को याकर लूँ अपना मेक-ओवर। तुम जानते हो…हैं कई रूप हमारे,बेटी, बहन, बहू, पत्नी, माँ,और…तुम उसे ही अस्तित्वहीन कर,पुरूषत्व … Read more

गीत देशप्रेम के लिख जाएंगे

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मिली आज के दिवस स्वाधीनता, बलिदान यशो गीत हम गाएँगेलहराया नभ जय राष्ट्र तिरंगा, गीत देशप्रेम के लिख जाएंगे। वीरों की लख-लख कुर्बानियाँ, शत- शत नमन फूल हम बरसाएँमिटा अंधेरा अंग्रेज दासता, हम लोकतंत्र अभिराम बनाएंगे। हम भेदभाव सब भूल परस्पर, सार्वभौम देश हम कहलाएंगेपर आरक्षण के तिमिर गहन … Read more

नन्हीं चिड़िया प्यारी

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ हम बच्चों के लिए न्यारी,नन्हीं चिड़िया प्यारीआँगन में हमारे आती,हम सभी को वह है लुभाती। छोटी-सी चोंच में,वह दाना ले जातीअपने बच्चों को वह खिलाती,नन्हीं चिड़िया प्यारी। उनका चहकना, शोर मचाना,और फुदकना प्यारा लगता है,सुंदर रंग बच्चों को भाता है,वह नन्हीं चिड़िया प्यारी। पर आजकल वह,शहरों से दूर हो गई … Read more