बहना की पुकार
शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** रक्षाबंधन विशेष…. रचना शिल्प:मात्रा भार १६+१२=२८ राखी लिये हाथ में बहना, भैया तुम्हें पुकारे।ओ माँ जाये भाई आजा, बहना पंथ निहारे॥ बरसों बीत गये हैं भैया, मुख तेरा नहिं देखा,फटे कलेजा पीड़ा से ये ,कैसा विधि का लेखा।क्यों इतना निर्दयी हुआ है, ये तो मुझे बता रे,ओ माँ जाये भाई आजा, … Read more