सुहाना सफर
शंकरलाल जांगिड़ ‘शंकर दादाजी’रावतसर(राजस्थान) ****************************************** अगर साथ हो तुम सफर है सुहाना।हो पास जब तक सफर है सुहाना॥ पतझड़ नहीं है बहारों का मौसम,अंधेरों में जगमग सितारों का मौसम।मुहब्बत का गायेंगे मिल कर तराना,अगर साथ हो तुम सफर है सुहाना…॥ हर दिन ही होगी दिवाली औ होली,सुनूँगा तेरी प्यारी प्यारी-सी बोली।चलेगा नहीं कोई भी तब बहाना,अगर … Read more