धरती का श्रृंगार करें हम
बोधन राम निषाद ‘राज’ कबीरधाम (छत्तीसगढ़)************************************************ स्वच्छ जमीन स्वच्छ आसमान…. आओ हम सब मिलकर साथी, पर्यावरण बचाएँगे।मुक्त प्रदूषण स्वच्छ धरा को, सुन्दर स्वर्ग बनाएँगे॥ धरती का श्रृंगार करें हम, दुल्हन की जैसी दमके।झूमें यहाँ बसंत बहारें, फूलों की कलियाँ महके॥वृक्ष बिना जीवन है मुश्किल, आओ वृक्ष लगाएँगे।आओ हम सब मिलकर साथी,… स्वच्छ हवा ऑक्सीजन वाली, बहती … Read more