मेल-मिलाप घट रहा…
डॉ.आशा आजाद ‘कृति’कोरबा (छत्तीसगढ़)**************************************** वर्तमान की जिंदगी, हुई आज अति व्यस्त।मोबाइल चहुँओर है, मनुज लीन अरु मस्त॥ आज दूरियाँ बढ़ रही, फैला जो यह यंत्र।मेल-मिलाप कम हुए, टूटे बंधन तंत्र॥ कुछ जन लेते लाभ हैं, करते इस पर कार्य।कुछ आनंद में लीन हैं, दिनभर रखते धार्य॥ युवा हमारे देश के, तनिक न रखते भान।शिक्षा के … Read more