बचपन की यादें
प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* बचपन की यादें सुखद, दें मीठे अहसास।बचपन के दिन थे भले,थे बेहद ही ख़ास॥ दोस्त-यार सब थे भले, जिनकी अब तक याद।कुछ ऊँचे अफ़सर बने, वे अब भी आबाद॥ कुछ पढ़ने में तेज थे, कुछ बेहद कमज़ोर।शिक्षक सच्चे गुरु, रखा काम पर ज़ोर॥ बचपन प्यारा था बहुत, सुंदर थे सब कक्ष।मेरी … Read more