शब्द-शब्द है प्राण
आशा आजाद`कृतिकोरबा (छत्तीसगढ़)**************************** अशुभ कभी बोलें नहीं, हो जाता आह्वान।अंतर हृदय पवित्र हो, यह ही सच्चा ज्ञान॥ स्वयं आप में झाँकिए, कैसा है व्यवहार।धर्म कर्म की राह पर, किया कभी उद्धार॥ स्वयं प्रशंसा आप कर, रखते झूठी शान।अंत हार से सामना, समझें मनुज सुजान॥ झूठ बोलतें है उसे, सदा दिखाएँ राह।मृदुवाणी ही बोलिए, कभी न … Read more