हारेगा निश्चित तिमिर

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* आज दीप खुशियाँ लिए,गाता मंगल गीत।हारेगा निश्चित तिमिर,हो उजास की जीत॥ दीपक लघु पर आत्मबल,करता है संघर्ष।जिसमें है निर्भीकता,बस वह पाता हर्ष॥ दीपक झेले आँधियाँ,और सभी तूफान।नहीं डिगे संकल्प से,तभी सुरक्षित आन॥ दीपक लघु,पर हौसला,बना विजेता आज।उजियारे की वंदना,का करता वह काज॥ लघु बाती है,तेल कम,है छोटी-सी जान।पर दीपक दिल … Read more

लगा तनिक तू नेह

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** बनवारी की चाहना,मिली मनुज की देह।मनुवा उसके नाम से,लगा तनिक तू नेह॥ मन उसका तू नाम ले,जिसने दिया शरीर।भवसागर से पार तो,करते हैं रघुवीर॥ मनुवा तेरा थाम ले,मुरली वाला हाथ।जग की चिंता क्यूँ करें,चाहे छोड़े साथ॥ वो रज है बड़भागिनी,जिस पर पद की छाप।बनवारी के नेह से,मिट जाते संताप॥ मोहन तेरी बाँसुरी,कैसी … Read more

भाषा बोलें प्रेम की

अनिल कसेर ‘उजाला’ राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)************************************ भाषा बोलें प्रेम की,बैरी बनते मीत।प्रेम भाव सब में रहे,जग की हो यह रीत॥ भाषा कोई भी रहे,करें सभी सम्मान।भाषा हिंदी देश की, हमको है अभिमान॥ भाषा ऐसी बोलिए,जो मन को ले जीत।सत्य वचन हम बोलते,यही हमारी रीत॥ कड़वी भाषा छोड़ दें,मीठे-मीठे बोल।पत्थर भी तो खिल उठे,बन जाये अनमोल॥ भाषा संस्कृत ही … Read more

अभिनंदन मेहमान का

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) **************************************** मातु पिता जयगान हो,जय गुरु जय मेहमान।भक्ति प्रेम जन गण वतन,ईश्वर दो वरदान॥ अभिनंदन मेहमान का,हो स्वागत सम्मान।मधुर भाष मुख हास से,समझ अतिथि भगवान॥ अतिथि जगत में पूज्य है,देवतुल्य तिहुँ लोक।करें समादर विनत मन,मिटे सकल दु:ख शोक॥ जीवन का सौभाग्य है,आगम घर मेहमान।आनंदित आतिथ्य से,बढ़े गेह की शान॥ अतिथि … Read more

झूठ

डॉ. मनोरमा चन्द्रा ‘रमा’रायपुर(छत्तीसगढ़)******************************************* बात करो तुम सत्य ही,झूठ कभी मत बोल।मिथ्या भाषा छोड़ तू,वाणी है अनमोल॥ सत्य झूठ में भेद अति,करलो सच पहचान।जीवन में हो सत्यता,बनो श्रेष्ठ इंसान॥ झूठा बनकर सामने,खड़ा हुआ हूँ शांत।गलत लगा आरोप है,उससे मन है क्लांत॥ चमक-दमक की होड़ में,सभी रखे अरमान।छोटी-छोटी बात पर,बना झूठ है शान॥ क्षणिक खुशी के … Read more

सफ़र

जबरा राम कंडाराजालौर (राजस्थान)**************************** चलता रहता है सफर,जीवन के पल चार।प्रतिपल सोच-विचार का,दिन में बार हजार॥ सोने-जगने का सफर,करने का कुछ काम।सैर-सपाटे घूमने,छुटपुट काम तमाम॥ खाने-पीने और सब,रहत चलत हर रोज।सफर कई हैं भांत के,मिले करे ज्यों खोज॥ घड़ी दिवस पल मास का,साल सदी के पार।सफर अवधि सम ही चले,समझो करो विचार॥ सफर पूर्ण कब … Read more

प्रकाशोत्सव पर्व

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ********************************************* दीप जलाएँ आज हम,पावन पर्व प्रकाश।ननकाना पावन धरा,नानक ज्ञानाकाश॥ कहूँ सन्त,फक्कड़ पथिक,दीन दुखी सरताज।अवतारी मानव जगत,प्रीति नीति आवाज़॥ संन्यासी निर्मोह जग,कर कुटुम्ब परित्याग।विविध रूप अनुभूत जन,नानक गुरु अनुराग॥ अवसीदित जनत्रासदी,व्याकुल नानक चित्त।लोभ स्वार्थ मिथ्या कपट,यवनत्रास आवृत्त॥ देख धर्म की हानि जब,मानवता का ह्रास।विकल हृदय नानक चला,बना प्रकाश नवास॥ उद्दोलक … Read more

समाधान

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* उलझन को सुलझाइए,लेकर सुलझे भाव।जिसके सँग है सादगी,रखता प्रखर प्रभाव॥ उलझन है मन की दशा,नहीं समस्या मान।यह है दुर्बलता-दशा,आज हक़ीक़त जान॥ मन को रख तू नित प्रबल,उलझन होगी दूर।जो रखता ईमान वह,नहीं खो सके नूर॥ उलझन उसको ही डसे,जो सच में डरपोक।कौन लगा सकता यहाँ,साहस पर तो रोक॥ उलझन को … Read more

आशा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश) ******************************************* डरकर रुक जाना नहीं,सुन ऐ मेरे मीत।संघर्षों से तू निभा,हर मुश्किल में प्रीत॥ मन को कर तू शक्तिमय,ले हर मुश्किल जीत।काँटों पर गाना सदा,तू फूलों के गीत॥ हर मुश्किल में जब जले,आशाओं के दीप।तब ही मिल पाती सतत्,चलकर विजय समीप॥ मन को कभी न हारना,हरदम रख आवेश।राणा साँगा सा रहे,प्रिय … Read more

सज्जन

डॉ. मनोरमा चन्द्रा ‘रमा’रायपुर(छत्तीसगढ़)******************************************* सज्जनता के रूप में,छलना मत संसार।अपनेपन के ढोंग से,करो नहीं व्यापार॥ सज्जन संगत से सदा,कर चरित्र निर्माण।सदाचार के कर्म से,मिले जगत में त्राण॥ ज्ञान दीप जलता रहे,सज्जन बन तू खास।उर से सारे तम मिटे,मन में भरे उजास॥ सज्जन की पहचान में,करो नहीं तुम भूल।ज्ञान धनिक बनकर सदा,बनो चमन का फूल॥ सज्जन … Read more