मनुज देह सौभाग्य
डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************** पंच प्राण धारक जगत,पंचतत्व का देह।अहर्निशा सुख दुःख सम,परहित जग हो श्रेय॥ लावण्य रूप तनु चारुतम,जन्मा पूत कुलीन।कर्म शील विद्या गुणी,मृदुभाषी मदहीन॥ स्वच्छ रखो परिवेश को,लगता सबको कांत।स्वस्थ रहें काया सदा,मन रहता है शांत॥ कण-कण तन शोणित भरा,मिला देह अनमोल।क्षीर-नीर वात्सल्य रस,स्नेह सुधा रस घोल॥ श्वेत कृष्ण हो काया … Read more