बिहार:नई पहल अधूरी, लेकिन बेहद सराहनीय

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* बिहार के उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने अपने दल के मंत्रियों के लिए एक नई आचार-संहिता जारी की है, जो अधूरी है लेकिन बेहद सराहनीय है। इसलिए कि हमारे नेता ही देश में भ्रष्टाचार के सबसे बड़े स्त्रोत हैं। यदि उनमें आचरण की थोड़ी-बहुत शुद्धता शुरु होने लगे तो धीरे-धीरे भारतीय राजनीति का … Read more

माले-मुफ्त:पक्के मानदंड कायम करना ही होंगे संसद को

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* एक कहावत है कि ‘माले-मुफ़्त और दिले-बेरहम!’ इसे हमारे सभी राजनीतिक दल चरितार्थ कर रहे हैं याने चुनाव जीतने और सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने के लिए वे मतदाताओं को मुफ्त की चूसनियाँ पकड़ाते रहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘रेवड़ी संस्कृति’ कहा है, जो बहुत सही शब्द है। असली कहावत तो … Read more

बेतुके बोलते अ ‘धीर’ से घायल कांग्रेस

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** बिखरी, अनुशासनहीन और मनमर्जी सहित कार्यकर्ताओं से इतर ‘परिवारवाद’ से चलाई जा रही कांग्रेस में बेतुके बोलने वालों की कोई कमी अब तक नहीं हुई है, यह बात कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहकर फिर साबित की है। सत्तासीन प्रमुख दल भाजपा ने इस मामले को … Read more

सिंधिया से शिंदे तक…कई राजनीतिक सबक

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** चुनावों में राजनीतिक दल जनता से डरते हैं ओर परिणाम आने यानी सत्ता मिलने के बाद कांग्रेस, शिवसेना, भाजपा आदि सभी दल जन-डर छोड़ कर बस राजनीतिक हार और जीत की चिंता करते हैं। खास बात यह है कि इसे दलों ने सुविधाजनक नाम ‘सेवा’ दे दिया है, जबकि यह ‘मेवा’ है। … Read more

दिशाहीन विपक्ष

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही लगभग हमेशा ही यही लगा कि विपक्ष पूरी तरह से दिशाहीन है। ऐसे कई छोटे-बड़े मुद्दे थे,जहाँ विपक्ष को अपनी ऊर्जा और समय खर्च नहीं करना था लेकिन किया गया और जहाँ खर्च करना चाहिए था वहाँ नहीं किया गया। वजह … Read more

लोकतंत्र का अपमान है दल बदलना

अब्दुल हमीद इदरीसी ‘हमीद कानपुरी’कानपुर(उत्तर प्रदेश)********************************************* किसी एक दल के चुनाव निशान और नीतियों पर चुनाव जीत कर चुनाव बाद दूसरे दल में शामिल हो जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का खुला अपमान है। जीतने के बाद दूसरे दल में शामिल हो जाना मतदाताओं की भावनाओं के साथ एक खिलवाड़ है। इसकी इजाज़त किसी भी राजनीतिज्ञ को … Read more

भारत का टटपूंजिया विपक्ष, निंदा के अलावा कुछ नहीं

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* राहुल गांधी ने लंदन जाकर भारत की राजनीति, सरकार, संघवाद, विदेश मंत्रालय आदि के बारे में जो बातें कहीं, वे नई नहीं हैं लेकिन सवाल यह है कि उन्हें विदेशों में जाकर क्या यह सब बोलना चाहिए ? भारत में रहते हुए वे सरकार की निंदा करें, यह बात तो समझ में … Read more

कांग्रेस:बहुसंख्यक मतदाता को फिर जोड़ने की असल चुनौती

अजय बोकिलभोपाल(मध्यप्रदेश)  ****************************************** देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के ‘नवसंकल्प चिंतन शिविर’ में दल के बुनियादी मसलों और चुनौतियों से निपटने को लेकर ठोस निष्कर्ष भले न निकला हो, लेकिन यह संदेश देने की कोशिश जरूर की है कि कांग्रेस जिन अंतर्विरोधों से गुजर रही है, उन्हें गंभीरता से लेने का वक्त आ … Read more

चिंतन शिविर: मुद्रा और मत की चिंता

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** कांग्रेस का चिंतन-शिविर आयोजित किया जा रहा है। सबसे आश्चर्य तो यह जानकर हुआ कि इस जमावड़े का नाम चिंतन-शिविर रखा गया है। हमारे नेता और चिंतन! इन दो शब्दों की यह जोड़ी तो बिल्कुल बेमेल है। भला, नेताओं का चिंतन से क्या लेना-देना ? छोटी-मोटी प्रांतीय पार्टियों की बात जाने दें, … Read more

श्रीलंका से सबक लें

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ************************************************** श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंद्र राजपक्ष को मजबूरन इस्तीफा देना पड़ गया। उनके छोटे भाई गोटबाया राजपक्ष अभी भी राष्ट्रपति पद पर डटे हुए हैं। श्रीलंका में आम-जनता के बीच इतना भयंकर असंतोष फैल गया है कि राजपक्ष सरकार को कई बार कर्फ्यू लगाना पड़ गया है। राजपक्ष सरकार के मंत्रिमंडल में राजपक्ष-परिवार … Read more