भ्रष्टाचार के खात्मे से ही विकसित राष्ट्र बनेगा भारत

अमल श्रीवास्तव बिलासपुर(छत्तीसगढ़) *********************************** भ्रष्टाचार के कारण हमारे देश के विकास की जो गति होनी चाहिए, वह नहीं हो पा रही है। देश का कोई भी ऐसा क्षेत्र नहीं है जहां भ्रष्टाचार नहीं है। राजनीतिक दल भ्रष्टाचार रोकने के वादे के साथ चुनाव में उतरते हैं, परंतु सरकार बनते ही वे भी भ्रष्टाचार को शिष्टाचार मानने … Read more

भयमुक्त होकर अभिलाषा जगाएं

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** एक बहुचर्चित चलचित्र का प्रचलित संवाद है ‘‘जो डर गया, समझो मर गया।‘‘ यानी डरने वाला व्यक्ति कोई भी उपलब्धि हासिल नहीं कर सकता, क्योंकि वह तो मरने से पहले ही मरे समान है।भोजन, पानी और श्वांस जीवन के ३ मूलभूत आधार हैं। इन्हें पूर्ण करने की हद तक हर प्राणी … Read more

नवाचार में भारत की छलांग बड़ी उपलब्धि

ललित गर्गदिल्ली************************************** भारत दुनिया में नवाचार की दृष्टि से उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर रहा है। संभवतः आजादी के बाद यह पहला अवसर है कि, भारत के विकास की दृष्टि से नवाचार (इनोवेशन) के जितने सफल एवं सार्थक प्रयोग प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हो रहे हैं, उतने पूर्व में नहीं हुए हैं। उससे दुनिया … Read more

म.प्र. ने जलाई हिंदी की मशाल

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* केरल, तेलंगाना और तमिलनाडु के क्रमशः मुख्यमंत्री, मंत्री और नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि उनके प्रदेशों पर हिंदी न थोपी जाए। ऐसा उन्होंने इसलिए किया है कि, संसद की राजभाषा समिति ने केंद्र सरकार की भर्ती-परीक्षाओं में हिंदी अनिवार्य करने और आईआईटी तथा आईआईएम शिक्षा संस्थाओं में … Read more

फाइबर की कमी पर जागरूक रहें

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)***************************************************** फाइबर की कमी पेट ही नहीं, अन्य स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें भी खड़ी कर सकती है। फाइबर एक तरह का कार्बोहाइड्रेट ही है, जो पेट में आसानी से नहीं पचता है। ये कार्ब्स छोटे-छोटे कणों में टूट कर शकर के रूप शरीर में फाइबर की कमी होने पर घेरने लगते हैं।शरीर को स्वस्थ्य रखने … Read more

सुप्त देवत्व का पुर्नजागरण अन्तर्चेतना से ही

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** मनुष्य के वर्तमान चरित्र का गहनतापूर्वक अध्ययन करने से यही निष्कर्ष निकलता है कि, सृष्टिचक्र के आदिकाल में उसके चरित्र में देवत्व विद्यमान था, जो जन्म-जन्मान्तर पांच विकारों के चंगुल में फंसते-फंसते चारित्रिक गिरावट के कारण आज सुप्त अवस्था में जाकर मूर्छित सा हो गया है।बर्हिमुखता का संस्कार नैसर्गिक होने के … Read more

नए भारत के सुखद संकेत

ललित गर्गदिल्ली************************************** विजयदशमी के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के वार्षिक विजय-उद्बोधन का न केवल राष्ट्रीय, बल्कि सामाजिक एवं राजनीतिक महत्व है। सर संघचालक ने राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्दों का उल्लेख करते हुए संघ सोच को फिर से स्पष्ट किया है। उन्होंने देश में साम्प्रदायिक सद्भाव पर विस्तृत दृष्टिकोण पेश करते … Read more

कश्मीर:दो टूक, हालात अब बेहतर

डॉ.वेदप्रताप वैदिकगुड़गांव (दिल्ली) ******************************************* देश के गृहमंत्री अमित शाह ने बारामूला में सभा को संबोधित किया, यही बड़ी बात है। उनका यह भाषण एतिहासिक और अत्यंत प्रभावशाली था। हमारे नेता लोग तो डर के मारे कश्मीर जाना ही पसंद नहीं करते, लेकिन इस साल कश्मीर में यात्रियों की संख्या २२ लाख रही, जबकि पिछले कुछ वर्षों … Read more

डाक का महत्व आज भी कायम

डॉ.अरविन्द जैनभोपाल(मध्यप्रदेश)*****************************************************  विश्व डाक दिवस (९ अक्तूबर) विशेष…. भारतीय डाक का इतिहास करीब डेढ़ सौ साल पुराना है। शुरुआत ब्रिटिश हुकूमत के दौर में हुई थी। ये डाक सेवा अंग्रेजों ने भारत में शुरू की थी। साल १७६६ में लार्ड क्लाइव ने पहली बार भारत में डाक व्यवस्था को शुरु किया था, जबकि विभाग के … Read more

व्यर्थ विचारों के नियन्त्रण से करें प्रबन्धन

मुकेश कुमार मोदीबीकानेर (राजस्थान)**************************************** मनुष्य की व्यक्तिगत जीवन शैली व उसके पारिवारिक, सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, राजनीतिक और भौगोलिक वातावरण से प्रभावित होकर विकसित हुए विचारों और भावनाओं का समुच्चय उसके चरित्र और व्यक्तित्व का निर्माण करता है।मन के विचारों और भावनाओं से जीवन के लगभग सभी पहलू प्रभावित और प्रबन्धित होते हैं। अपने ही विचारों … Read more