सतर्क रहें, मंगलमय बनाएं रंगपंचमी

सपना सी.पी. साहू ‘स्वप्निल’इंदौर (मध्यप्रदेश )******************************************** हमने होली की भक्ति, उल्लास में २ बड़ी दुर्घटनाएं घटित होते देखी, एक विश्वविख्यात उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर के गर्भगृह में और दूसरी इंदौर के जगप्रसिद्ध खजराना गणपति मंदिर के गर्भगृह में, जहां होली खेलते हुए रसायनयुक्त गुलाल उड़ाने से आग लगी, जिसमें पुजारी और भक्तों के झुलसने … Read more

जनता-आयोग करे चोंट

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर(मध्यप्रदेश)****************************************** राजनीतिक क्षेत्र में अवसर और सेवा के लिए राजनेता कितने मर्यादाहीन एवं हल्के जो जाते हैं, यह बात ताजा बयानों से फिर जाहिर हुई है। देश के पुरातन दल कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने भाजपा प्रत्याशी और अभिनेत्री कंगना रनौत पर जो टिप्पणी (मंडी में…) की, उससे कांग्रेस पर ही … Read more

दिलों की प्रेरक भावनाओं का पर्व ‘होली’

ललित गर्ग दिल्ली************************************** होली विशेष… होली एक ऐसा त्योहार है, जिसका धार्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक-आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। बदलती युग-सोच एवं जीवन-शैली से होली त्यौहार के रंग भले ही फीके पड़े हैं या स्वार्थ एवं संकीर्णता से होली की परम्परा में धुंधलका आया है। परिस्थितियों के थपेड़ों ने होली की खुशी को … Read more

होलाष्टक में शुभ कार्य करना अशुभ

गोवर्धन दास बिन्नाणी ‘राजा बाबू’बीकानेर(राजस्थान)********************************************* होली विशेष…. फाल्गुन मास में हिन्दुओं का ९ दिन तक मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्यौहार होली आता है, जो सनातनी संस्कृति में कुछ महत्वपूर्ण त्यौहारों में से एक है। होली के पहले के ८ दिनों को ‘होलाष्टक’ कहा जाता है, अर्थात फाल्गुन शुक्ल पक्ष की अष्टमी से पूर्णिमा यानी होलिका … Read more

‘कविता’ जीवन की संजीवनी और सौन्दर्य

ललित गर्ग दिल्ली************************************** ‘विश्व कविता दिवस’ (२१ मार्च) विशेष… कविता प्राचीन काल से न ही सिर्फ मानव मन को, बल्कि समाज के विभिन्न मुद्दों, संवेदनाओं एवं भावों को कलात्मक ढंग से कहने का एक ठोस तरीका रही है। विश्व-साहित्य में कविताओं का सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थान रहा है। भारत में ऋषि-मुनियों ने काव्य व छंदों में … Read more

सही दिशा की ओर ले चलो नारी को

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** आत्म शलाघाओं के नशे में चूर भारतीय समाज नारी के विषय में प्राय एक वेदोक्त मंत्र बड़े चाव से जपता नज़र आता है “यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमंते तत्र देवता।” नारी शक्ति की पूजा करने के खिलाफ नहीं हूँ, परंतु सवाल है कि, क्या हम इस पंक्ति के सही मायने को समझ … Read more

आम चुनाव:देश को अर्जुन चाहिए

ललित गर्ग दिल्ली************************************** लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और माहौल गरमा रहा है। चुनाव की तारीखें घोषित किए जाने के साथ ही जैसी उम्मीद थी, सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी और तेज हो गई है। कौरव रूपी विपक्षी दल एवं पाण्डव रूपी भाजपा के बीच इस चुनाव में असली जंग सत्य … Read more

जाति प्रथा विष, भारतीयों एक हो जाओ

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************** अगर बनाया भी तो राज्य, व्यापार, खेती पशुधन सम्पत्ति और कौशल अपने हिस्से न रखकर तीनों वर्ग को बांटकर अपने हिस्से ज्ञानार्जन और तपोवन क्यों चुना ?लाखों वर्षों से सतयुग से कलयुग (प्रथम चरण ईस्वी १८ वीं सदी तक, साढ़े ३ युग तक) तक ९९ प्रतिशत लोग १ प्रतिशत ब्राह्मणों के हाथों … Read more

राष्ट्रीय एकता की दृष्टि से सार्थक पहल का सूत्रपात

ललित गर्ग दिल्ली************************************** नागरिकता संशोधन अधिनियम… संसद में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम अर्थात सीएए (२०१९) पारित होने के लगभग ४ वर्ष के इंतजार के बाद केंद्र सरकार ने इसे लोकसभा चुनाव से पूर्व देश भर में लागू करके न केवल अपने राजनीतिक आलोचकों को अचंभित किया है, बल्कि देश अपने लोगों की न्यायपूर्ण नागरिकता सुनिश्चित करने … Read more

भाजपा की राह आसान बनाता गठबंधन

ललित गर्ग दिल्ली************************************** इंडिया गठबन्धन लगातार कमजोर होता हुआ दिखाई दे रहा है, जबकि केंद्र की सत्ता पर काबिज राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में नए दलों के जुड़ने की खबरों से उसके बड़े लक्ष्य के साथ जीत की राह आसान होती जा रही है। लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सहयोगी दलों के साथ … Read more