अहसास के पन्ने

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* रवि को लिखने की आदत बचपन से थी। उसकी जेब में हमेशा एक छोटी-सी डायरी रहती, जिसके पन्नों पर वह अपने अहसासों को दर्ज करता। शहर की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में उसे अक्सर लगता-लोग बोलते बहुत हैं, सुनते कम; दिखते बहुत हैं, महसूस कम करते हैं।कॉलेज के आख़िरी साल … Read more

इश्क़

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “हैलो, प्रिटी गर्ल।”“यंगमैन आई एम गीत।”“ओह व्हाट्स ए म्यूजिकल नेम।““आई एम प्रत्यूष।”लगभग एक हफ्ते से मॉर्निंग वॉक के समय दोनों एक-दूसरे को देख मुस्कुरा पड़ते थे। प्रत्यूष २५-२६ साल का आकर्षक युवा था, जिसे देखते ही गीत के मन में घंटियाँ-सी बज उठतीं और वह उसके आकर्षण में बंधती जा रही थी। … Read more

रोज़-डे

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ ललिता अपनी बॉलकनी में खड़ी हुई थी, तभी निगाह अपने घर के सामने रहने वाली धरा के कमरे में पड़ गई। वहाँ आज ‘रोज़-डे’ के अवसर पर शिशिर, धरा को रोज़ का बुके देने के बाद पत्नी को आलिंगनबद्ध करते देख कर वह स्वयं भी अपने प्रियतम से रोज़ के बुके लेकर … Read more

मुँह पर थप्पड़

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* यह जानते ही मानसी ने जयंत को फोन किया। पहले तो जयंत ने मानसी का फोन अटैंड नहीं किया, और जब फोन उठाया तो सीधे जवाब देने की बजाय टाल-मटोली करता रहा, और जब मानसी ने सीधे सीधे सवाल किया कि,”जयंत तुम यह बताओ कि वह तुम्हारे जो चाचाजी दहेज की … Read more

कीमती आजादी

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** “हमें बोलने की आजादी है। जीने की आजादी है।” कुछ बिगड़ैल लोग बोले।एक छात्र- “किसने कहा, कि तुम्हें बोलने की आजादी नहीं है ? हमारे देश में संविधान में ही सभी को अभिव्यक्ति की आजादी है। सभी को जीने की आजादी है।”“मानते हो ना इस बात को ?”“बिल्कुल, लेकिन अभी मेरी बात … Read more

एक रंग ऐसा भी…।

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ वसंत की पुरवाई में सतरंगी छटा में देशभक्ति के मधुर तराने व गीत-संगीत का दृश्य टेलीविजन पर चल रहा था। “मेरा रंग दे बसंती चोला”…, जिसे घर में बैठी बूढ़ी माँ सुन रही थी, क्योंकि उसका बेटा फौज में गया था। देशभक्ति के गाने जब भी सुनती थी, तो उस … Read more

नव वर्ष का उपहार

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ सुमित्रा की आँखों से अश्रुधारा निरंतर बह रही थी, आज वह बेसहारा हो गई थी। नीरा आंटी आज अचानक रात में सोईं तो सोती रह गई। उसके सिर के ऊपर से छत छिन गई थी। उसकी पालनहार आज दुनिया से विदा हो गईं थीं। वह उसे बेटी की तरह मानती थीं, कई … Read more

नीला रूमाल

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* सुबह की धुंध में लिपटा छोटा-सा कस्बा था। चौक पर तिरंगा फहराने की तैयारी हो रही थी। बच्चे लाइन में खड़े अभ्यास कर रहे थे। उसी भीड़ में खड़ा था १२ वर्ष का रवि, जिसकी आँखों में आज कुछ अलग चमक थी। उसके पास विद्यालय की पुरानी नीली वर्दी … Read more

अकेले हैं तो क्या गम है

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “माई डियर लेखिका पत्नी, आज शाम को सरप्राइज पार्टी है”, सजल ने प्यार से उन्हें अपने आगोश में लेकर चूम लिया था। “शाम को तैयार रहना… मैं गाड़ी भेज दूँगा,बाय…” कहते हुए वह ऑफिस चले गए।आज सरप्राइज पार्टी सजल क्यों दे रहे हैं…! न बर्थ-डे है, न ही एनिवर्सरी। वह काफी देर … Read more

आज कह लेने दो…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “निर्भय, आज हम लोगों की शादी के पूरे ३० साल बीत गए। सब लोगों की नजरों में हम आइडियल कपल हैं, लेकिन मैं देख रही हूँ कि हम दोनों के रिश्तों पर समय की धूल जमती जा रही है। मैं बार-बार कहती रही। आज तक तुमने मुझे कभी ढंग का गिफ्ट नहीं … Read more