चिड़ा मर गया…

हेमराज ठाकुरमंडी (हिमाचल प्रदेश)***************************************** रमा घर की दहलीज पर बैठी हुई थी और अंदर से किसी की आवाज आ रही थी, “रमा! ओ रमा! बबलू कहाँ है ?” “पता नहीं काकी। यहीं कहीं खेल रहा था।” रमा बोली।सर्दियों के दिन थे। बाहर बर्फ गिरी हुई थी। आज मौसम साफ हो गया था। बाहर बिछी बर्फ … Read more

मेरी प्यारी हिंदी

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ मानसी डिग्री कॉलेज में हिंदी विषय की अध्यापिका थीं। उनकी प्रधानाध्यापिका के अथक प्रयासों से हिंदी दिवस पर अंतर्राष्ट्रीय गोष्ठी के लिए उनका विद्यालय चुना गया था। यह हमारे कॉलेज के लिए गर्व की बात थी। पूरा कॉलेज दुल्हन की तरह सजाया जा रहा था। देश-विदेश से हिंदीप्रेमी, विद्वान आने वाले थे। … Read more

ठंड का हाट

शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** “क्या बात है माँ साहब, आज बड़ी टेंशन में दिख रही हो ?” रविवार के हाट बाजार में पास की सब्जी की दुकान पर बैठे आदमी ने सब्जी वाली वृद्धा से पूछा।“हाँ भैया, अभी तक सब्जी की बोनी भी नहीं हुई है।”“चिंता मत करो माँ साहब, जो हमारी किस्मत में … Read more

गृह-लक्ष्मी

डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** मौसम का मिजाज बदल रहा था। एक तरफ चिलचिलाती गर्मी, तो दूसरी तरफ बारिश ने अपना कब्जा जमा रखा था। रोज कमाने, रोज खाने वालों के लिए पेट पर बन आई थी। दो वक्त भोजन की जगह एक वक्त ही नशीब हो पा रहा था। ५० दिन की छुट्टियाँ खत्म हो रही … Read more

अनोखे दोस्त

रश्मि लहरलखनऊ (उत्तर प्रदेश)************************************************** गुंजन की जैसे ही नौकरी लगी, घर में सब चिन्तित हो गए कि कैसे रहेगी वह दूसरे शहर में… वो भी अकेले ? गुंजन नियम से चलने वाली बिटिया थी। आजकल के बच्चों से थोड़ा हटकर…, एकदम पुराने समय की जिम्मेदार बच्ची थी। न पिज्जा-बर्गर का शौक, न पार्लर का… न … Read more

एजी, ओजी…

डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** रामापुरम यूनिवर्सिटी दक्षिण भारत की एक जानी-मानी यूनिवर्सिटी, जहां बच्चों की पढ़ने की होड़। आखिर हो भी क्यों ना! आधुनिक शिक्षा के अनुसार तीनों पाठ्यक्रम से लेकर सभी साधनों के साथ प्लेसमेंट की तो बड़ी से बड़ी कंपनियाँ जैसे हाथ फैलाए रहती थी। बच्चे कम भी पढ़ें तो ९० प्रतिशत से कम … Read more

राम और श्याम की जोड़ी

शीलाबड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** राम और श्याम स्कूल से छुट्टी के बाद खेलते-खेलते घर जा रहे थे। तभी सड़क से निकलते हुए साँप पर श्याम का पैर पड़ गया और साँप ने उसे काट लिया। पीछे और भी बच्चे आ रहे थे, लेकिन किसी ने हिम्मत नहीं दिखाई कि, साँप का जहर निकाल सके। राम, … Read more

इज्जत की एक रोटी

शीलाबड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** स्वरा ने अपने बच्चों के हक के लिए कोर्ट में केस लगा रखा था, आज कोर्ट में सुनवाई थी। २ दिन से उसे बुखार था। वकील के पहले वह कोर्ट पहुँच चुकी थी। बच्चे को सम्हालते- सम्भालते वह थक गई थी। दोनों एक ही छत के नीचे रहते थे। स्वरा एक … Read more

बस, यही बात…

अरुण वि.देशपांडेपुणे(महाराष्ट्र)************************************** समीर और सीमा एक ही ऑफिस में कार्यरत है। साथ रह कर प्यार तो होना ही था। फटाफट शादी भी कर ली दोनों ने। नएपन के दिन गए, तब उन्हें पता चलने लगा कि, हम दोनों ‘एक-दूजे के लिए’ हैं, यह सिर्फ एक भ्रम है। हम ऑफिस के साथी ‘भले ही हैं’, लेकिन … Read more

प्रकृति की गोद

डोली शाहहैलाकंदी (असम)************************************** अंग्रेजी लिबास, गोरा बदन, वो गुलाबी गाल, आँखों पर काला चश्मा, हाथों में बड़ा-सा मोबाइल देखते ही शहरों की चकाचौध का एहसास दिलाता । बचपन से ही माता-पिता की लाड़ली सोनू की एक इच्छा पर सब कुछ उपलब्ध हो जाता। चाहे वह एक पौधे की बात कहे, या खाने-पीने तथा उसकी जरूरत … Read more