हे!वाग्देवी, सुन लो मेरी प्रार्थना

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ज़िंदगी एक वसंत (वसंत पंचमी विशेष)… हे!वाग्देवी ज्ञानदा, सुन लो मेरी प्रार्थना,हम पर तुम कृपा करो, दूर करो दुर्भावना। तेरी शरण में आयी हूँ, दो फूल चढ़ाने लाई हूँ,दे दो ! वाग्देवी ज्ञानदा, सुन लो मेरी प्रार्थना। मन के सारे दर्प दूर हों, दिल के सारे भ्रम दूर हों,ऐसा कुछ मैं कर … Read more

रिश्ता सम्हाले रखिए

जी.एल. जैनजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* तूफान में दीए की लौ जला के रखिए,फटे हुए मन रफू करके रखिएसुन लो किसी की सिसकियाँ तो,सिसकियों को गले लगा के रखिए। तितलियों से मशविरा करके रखिए,चिड़ियों की चहचहाहट सुन के रखिएभौरों की तरह मंडराएं फूलों पर,दिल चुराने के पहले औकात देख के रखिए। नज़र से नज़र मिला के रखिए,बात से … Read more

थकना तो मन का होता है

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** हौसलों में है तेरे अभी दम बहुत,तू न थकेगा कभी, न रुकेगा कभीजब तलक मन में रहती है दुर्बलता,दु:ख में होता है दु:ख, सुख में है ममताजग में सुख भी सदा रहने वाला नहीं,दु:ख भी जीवन में रहता हमेशा नहींछाया से माया से दोनों होते सदा,आते-जाते ही रहते हैं सुख और दु:खजिन्हें … Read more

वासन्तिक मधुमास माधवी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ज़िंदगी एक वसंत (वसंत पंचमी विशेष)… आया माघी मास मनोहर,मौनी अमावश तिथि पावन हैवासन्तिक मधुमास माधवी, मुकुलित रसाल मनभावन है। वसन्त पंचमी तिथि पुण्यदा,मातु भारती पद्मासन हैपूजन वंदन श्वेत पुष्प फल,नवान्न नेवैद्य माँ अर्पण है। वीणानिनादिनि ज्ञान-स्वर भर, हंसवाहिनी श्वेताम्बर हैसुखदे वर दे शुभ्र ज्ञान रस,सदा सर्वदे वैदिक स्वर … Read more

खुद का सम्मान किया करो

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** खुद के लिए तुम खुद ही खड़े रहा करो,दूसरों से न इसकी अपेक्षा कभी किया करो। खुद का सम्मान तुम खुद ही किया करो,दूसरों से न अपमान की प्रतीक्षा में रहा करो। जो लोग तुमसे जलते और घृणा किया करते हैं,उन्हें और भी तुम आग में घी जला दिया करो। खुद को … Read more

असली शक्ति सेना

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ हमारे भारत के सैनिक महान,भारत की असली शक्ति सेना हैउसकी सीमाएं, संसाधन ही नहीं,हम सब लोग भी भारत की शक्ति हैं। ध्वज हाथ में लिए,देश के गौरव को बढ़ा रहेहम ईमानदारी अनुशासन,निश्चय कर अपने कर्तव्य निभाएंगे। तिरंगा हमारा लहराता रहे,वीर सैनिक कभी रूकें नहींभारत देश हमारा महान है,हमारे भारत के वीर पुत्र … Read more

वर दायिनी माँ

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** ज़िंदगी एक वसंत… (वसंत पंचमी विशेष)… अधर मधुर मुख-मंडल सुंदरमंद-मंद मुस्कान झरे,जग तारिणी हे वर दायिनी!जन-जन में नव प्राण भरे। श्वेत कमल पर आन विराजीभक्तों के सब कष्ट हरे,ज्ञान-दीप की ज्योति जला करसकल जगत आलोक करे। माँ की अनुकम्पा से जग मेंराष्ट्र-प्रेम उर प्यार सजे,शारद वीणा झंकारों सेवंदे मातरम् गान बजे। श्वेत … Read more

ज्ञान का प्रकाश

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ ज़िंदगी एक वसंत… (वसंत पंचमी विशेष)…. जीवन में साधना व सफलता के लिए,हम राह से नहीं भटकें कभी भीऐसा विश्वास बनूं मैं, मन कभी ना भटके,अज्ञानता का मिटे अंधेरामाँ शारदे हमें ज्ञान का प्रकाश दो। मनन की गहराईयों से चिंतन में चित लगे,कभी टूटे ना यहाँ हमारा विश्वासतभी तो मिलेगा … Read more

स्वागत करें प्रिय वसंत का

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ ज़िंदगी एक वसंत… (वसंत पंचमी विशेष)… प्रिय वसंत, तुम कब सेबर्फीले हो गए हो ?‘ग्लोबल वार्मिंग’ से घबराकर,कुहासे को साथ में लेकरओस की चादर ओढ़ कर,धुंध और बादलों के रथ परहोकर सवार,सूरज को डरा करउसकी उष्ण किरणों को धमकाकर,बर्फीली हवा के झोंके सेक्या तुम अपना रास्ताभटक गए हो…! कहाँ खो गए हो … Read more

मेरे दोस्त मेरे हमदम

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* बेताब मिलन प्रिय विरही मन, अल्फ़ाज़ दिली दिलकश तुम होबस एक एक लम्हा मुश्किल,बिन प्राण समझ तुम प्रियतम होसब कुछ खोयी हियतल बोयी,बस एक बार प्रिय आलिंगनपैगाम इबादत कशिश,दिली बेताब कयामत बस तुम हो। बेताब इश्क़ आशिकी लुटी, दिलराज बने सपने तुम होआगाज़ मुहब्बत गुलशन बन, अहसास ज़िंदगी अपने … Read more