हिन्दी क्यों नहीं सिखाई
कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ कलम बिना स्याही अधूरी है,ठीक वैसे ही स्याही बिन कलम सूखीअपने बच्चों से बड़ी दुश्मनी की,किस लिए मैंने अंग्रेजी स्कूल में रख दिया। अपने बच्चों को संस्कृति से दूर किया,अपने बुढ़ापे का सहारा छिन गयाबेसहारा मुझे कर दियाजो बच्चे दिल के बहुत करीब थे,अंग्रेजी भाषा के कारण मुझे बेसहारा कर गए। हिंदी … Read more