कब आओगे नरसिंह…?

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* कब आओगे असुर मारने ऐ प्रभुवर नरसिंह,तुम तो हो इंसाँ के रक्षक नित्य प्रखर नरसिंह। पाप आज बढ़ता ही जाता, झूठ विहँसता है,कब दिखलाओके इन सबको तुम हनकर नरसिंह। अंधकार अब हरसाता है, गंदापन फैला,नहीं बैठना तुम रस्ते में ऐ थककर नरसिंह। आज नारियाँ सिसक रही हैं,पीड़ा बहुत बड़ी,कब दुष्टों को … Read more

हस्ताक्षर नहीं, पहचान चाहिए

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** स्त्रियों की ज़िंदगी परपुरुषों के हस्ताक्षर बहुत हुए,कभी पिता के नाम सेकभी पति के नाम से,कभी किसी रिश्ते की मोहर सेउनके अस्तित्व के पन्ने भर दिए गए। हर कदम पर कहा गया“तुम कम हो, तुम कमज़ोर हो,”तुम्हारे सपनों की उड़ान परसवालों के पत्थर रख दिए गए। उसकी ख़ामोशी को सहमति समझा,उसकी सहनशीलता … Read more

विनाश का प्रमुख कारण अहंकार

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** एक छोटे से गाँव में एक प्रतिभाशाली मूर्तिकार रहता था, जिसका नाम था रमेश। उसे मूर्तिकला से गहरा लगाव था, और उसने अपनी पूरी ज़िंदगी इस कला को समर्पित कर दी। सालों की मेहनत से उसकी कला इतनी निखर गई कि उसकी हर मूर्ति में जान-सी मालूम पड़ती थी। गाँव के … Read more

तेरे बिना..

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** बिना तेरी यादकैसे गुज़रेगा दिन,बिना तेरे नामकैसे चले ये दिन। बिना तेरी बातकैसे कटेगी शाम,बिना तेरे साथकैसे मिले आराम। बिना तेरी हँसीकैसे खिलेगा मन,बिना तेरी खुशीकैसे सजेगा जीवन। बिना तेरे ख़्वाबकैसे आएगी नींद,बिना तेरे जवाबकैसे मिलेगी जीत। बिना तेरे स्पर्शकैसे महकेगी साँस,बिना तेरे हर्षकैसे जगेगी आस। बिना तेरे प्यारकैसे धड़केगा … Read more

दातून करना भूल चुके हो…तो

राधा गोयलनई दिल्ली**************************************** “आए दिन तुम्हारे दाँतों में कुछ न कुछ समस्या होती ही रहती है। डॉक्टर के पास ही चक्कर लगते रहते हैं, लेकिन फर्क कुछ नहीं पड़ा। कोलगेट टूथपेस्ट छोड़ा तो डॉक्टर के कहने पर पैप्सोडेण्ट शुरू कर दिया।“   “तो आप ही बताओ ना कि क्या करें ? दाँत किस पेस्ट से साफ … Read more

कब तक चलेगा ये खिलवाड़ ?

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* कब तक आग निगलती रहेगी    सपनों का संसार,कब तक होता रहेगा यूँ जीवन से  खिलवाड़। दिल्ली रोई, लखनऊ सिसका, चीखा हर परिवार,मासूमों की चिताओं पर बैठा है भ्रष्टाचार। कल तक जिन आँखों में थे उज्ज्वल कल के चित्र,आज वही तस्वीर बने हैं, मौन    खड़े हैं मित्र। धुआँ उठा केवल भवनों से, ऐसा   कहना भूल,जली सुरक्षा की चेतना, जले  नियम-अनुकूल। कागज़ पर सब ठीक लिखा … Read more

जीवन किसान का आसान नहीं 

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** सुबह अभी पूरी तरह जागी भी नहीं होती,आकाश पर हल्की रोशनी फैल रही होती हैतभी एक किसान अपने घर से निकल पड़ता है। उसके कदमों में जल्दी नहीं होती,लेकिन उसके मन में दिन भर के कामों की लंबी सूची होती है। वह खेत को केवल मिट्टी का टुकड़ा नहीं मानता,वह उसे अपने जीवन … Read more

मेरा भारत मेरा गौरव

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** मेरा भारत मेरा गौरव, मेरा भारत महान है,जिस पर मैं वारी जाऊँ, इसका अभिमान है। यहाँ की नर्मदा, यहाँ की यमुना यहाँ की गंगा,सबकी मान्यता पूजनीय माता के समान है। यहाँ पर जन्में गांधी-नेहरू-तिलक- सुभाष जी,भारत को आजादी दिलाई, पावन पर्व समान है। आर्यावर्त भारत जम्बुदीप भारतखण्डे पाटलिपुत्र,‘सोने की चिड़िया’ इंडिया हिमवर्ष … Read more

धनलिप्सा 

राधा गोयलनई दिल्ली**************************************** किसान लगातार मुझे अपनी कुदाल से खोदता रहा,मैं कुछ नहीं बोलीजानती थी कि… यह…लोगों का पेट भरने के लिये,फसल उगाने के लिये…बीज रोपने के लिये…मेरी गुड़ाई कर रहा है। पर उस खनन माफिया को क्या कहूँ ?जो ज्यादा धन कमाने की चाहत में…मेरा लगातार खनन कर रहा है। उस भू माफिया को क्या कहूँ ?जो … Read more

दो बोल मीठे

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ कभी भी बोलचाल बंद व तेवर तीखे मत करना,संवाद में जब कठोरता व नफरत पनपती हैतो ग़लत बातों का शोर, हमें जल्दी सुनाई देता है,इसलिए हमें सिर्फ दो बोल मीठे ही बोलना चाहिए। आज-कल तू-तू मैं-मैं में विश्वास टूटते हुए देखा है हमने,कोई को ‘अच्छा’ बोलना ठीक नहीं लगता है … Read more