कहें आज घिनौना
ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************* शुभ-लाभ बुद्धि के प्रदाता को,क्यों ‘गोबर गणेशन’ कहते हैं ?मूर्खता से इन्हें किसने जोड़ा ?हम उनकी मजम्मत करते हैं। स्वतंत्रता आंदोलन की क्रांति,पहुंच चुकी थी हर गली-द्वारेविस्तार दिया एक परम्परा,गणेश विराजने चौक-चौबारे। इसी बहाने क्रांतिकारी जन,एक स्थान पर एकत्रित होतेपरतंत्रता की जड़ें काटने,स्वतंत्रता का पौधा बोते। हर हिंदू घर गोबर मृदा से,परतंत्रता … Read more