कहें आज घिनौना

ममता तिवारी ‘ममता’जांजगीर-चाम्पा(छत्तीसगढ़)******************************************* शुभ-लाभ बुद्धि के प्रदाता को,क्यों ‘गोबर गणेशन’ कहते हैं ?मूर्खता से इन्हें किसने जोड़ा ?हम उनकी मजम्मत करते हैं। स्वतंत्रता आंदोलन की क्रांति,पहुंच चुकी थी हर गली-द्वारेविस्तार दिया एक परम्परा,गणेश विराजने चौक-चौबारे। इसी बहाने क्रांतिकारी जन,एक स्थान पर एकत्रित होतेपरतंत्रता की जड़ें काटने,स्वतंत्रता का पौधा बोते। हर हिंदू घर गोबर मृदा से,परतंत्रता … Read more

विपुल मति दायक गणेश

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*********************************************** आए आए गजानन, होकर मस्त मलंग,भक्तवृंद दर्श मग्न, होत मंगल भगवन। वंदनीय सदा तुम, पूजनीय सदा तुम,अनुपम देह तुम, अग्रपूज्य भगवन। अभिनंदन हे! दिव्य, अभिनंदन हे!पूज्य,तुम अति अद्वितीय, पार्वती माँ के नंदन। चौकी चंदन सजाऊं, श्रद्धा से तुम्हें बिठाऊं,स्तुति रह रह गाऊं, विराजो शिवनंदन। हर्ष सिंगार कराऊं, पुष्प-दूर्वा मैं चढ़ाऊं,मोदक … Read more

डूब जाओ चुल्लूभर पानी में…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ इलाज के अभाव में,तड़पते व्यक्ति कोदेख अस्पताल मेंहमें बहुत गुस्सा आया,जो आजकल कफन के सौदागार बन बैठे हैंऐसे लोगों को चुल्लूभर पानी में डूब जाना चाहिए…। क्या मानवता मर चुकी है ?दिखावे के लिए दान-पुण्य का नाटक,पर भूखे-प्यासे परेशान व्यक्ति को कहाँ मिलता है भोजन !तुम फोटोबाजी के लिए ये … Read more

क्षमा वीरस्य भूषणम्

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** ‘क्षमा’ से बड़ा कोई नहीं दान,जैन तीर्थों में यही गाथा है महान। ‘अहिंसा परमोधर्म’ की बात निराली,जीवों पर दया की निधि हमने पाली। ‘क्षमा’ से ही होते बड़े काम,लक्ष्य हो सफल बाकी सब निष्काम। दया-धर्म की छाँव आओ बैठें,‘अधर्म’ के हटाओ सब जगह ठेके। ‘क्षमा वीरस्य भूषणम्’,अतिथि का ये ही होता … Read more

उफ़! ये बारिश की बूँदें…

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** उफ़! ये बारिश की बूँदें,जैसे धरती के मन की मुस्कानथके हुए पत्तों को है सींचतीं,हर जीव को देतीं नया अरमान। गिरती हैं, फिर मिट जातीं,पर हर बार नया जीवन जगातींसिखातीं कि गिरना अंत नहीं,गिरकर उठना ही सच्ची करामात है कहीं। हर बूँद कहती है धीमे सुर में-“जीवन बहाव है, रुकना नहीं।”छोटा … Read more

अंगना में आए गणराजा

urmila-kumari

उर्मिला कुमारी ‘साईप्रीत’कटनी (मध्यप्रदेश )********************************************** अंगना में आए गणराजा श्रीगणेश,रिद्धि-सिद्धि के संग गौरा श्रीमहेशफूलों की हो रही झर-झर बारिश,गौरा के लाल की छवि सुंदर गणेश। प्रथम पूज्य है इनके लिए माता-पिता,जगत भ्रमण का आदेश सुनते सोचामेरे माता-पिता मेरे आराध्य हैं सोचा,इनको नमन कर घूमे प्रथम थे पहुंचा। माता-पिता की सेवा आशीर्वाद मिला,चतुर्थी शुक्ल पक्ष वरदान … Read more

बुद्धि दाता मन में विराजिए

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* प्रथम पूज्य बुद्धि के दाता,मन में आन विराजिएशत-शत वंदन करूं आपका,बुद्धि का वर दीजिए। वाणी सच का साथ दे,किसी का दिल दुखाऊं नबस लेखनी चलती रहे,विचारों को प्रवाह दीजिए।शत-शत वंदन करूं आपका,बुद्धि का वर दीजिए…॥ विघ्न हर्ता, मंगल कर्ता,गणाध्यक्ष विनायकमकृपा मुझ पर कीजिए,भावों को मुखरित कीजिए।शत-शत वंदन करूं आपका,बुद्धि का वर दीजिए…॥ … Read more

गौरी नंदन

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** आज चतुर्थी शुभ दिन आयासब मिल जिनको आज बुलावें,आम्र और कदली पत्र संगआसन सुंदर सुभग सजावें। गौरी नंदन को बैठा करगंगाजल से स्नान करावें,पाँव पखार लगा कर टीकासब जन जिनका वंदन गावें। महाराज हैं प्रथम पूज्य वेमूषक वाहन करें सवारी,कृपा नाथ हम सब पर करनादेव आपकी महिमा न्यारी। रिद्धि-सिद्धि सब देने वालेभक्त … Read more

प्रेम भावना

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* शब्द ही भावनाओं का,रखते हैं पूरा खयालपहुँचाते हैं मन मंदिर तक,विचार और भावनाएँ। ज़रूरी है शब्दों को सँभालना,कभी दुखते ज़ख़्म परबन जाते हैं मरहम तो कभी,तीखे तिर से भी बड़ा ज़ख़्मदिल पर कर जाते हैं। जोड़ते हैं और तोड़ते भी हैं,नए-पुराने रिश्तों कोदेखा जाए तो सारा विश्व सुंदर है,लेकिन नज़र के … Read more

हमारी अधूरी कहानी

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** हमारी ज़िन्दगी की कहानी,रह गई अधूरीक्योंकि आ गई हमारे,बीच में दूरी। प्यार की नींव,विश्वास पर टिकी होती हैबिना विश्वास के यह,गाड़ी नहीं चलती है। कोई परेशानी थी,तो बता दिया होताकोई नाराज़गी थी,तो जता दिया होता। गलतियाँ हो जाती है अक्सर,तिल को ताड़ मत बनाओ।गिले-शिकवे भूलकर,मेरी ज़िन्दगी में लौट आओ। … Read more