हे मंगलमूर्ति श्री गणेश
डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* तुम्हारे आने कीआहट सुन,झूमने लगी हैं हवाएं;मिल गयी हो जैसेज़िन्दगी को स्वांस!ऐसी ललक,रहती जिसमेंअसीम आस! छिड़ता है ऐसा राग,बप्पा मोरया की गूंज;आओ पखारूं चरण,गौरीशंकर के पुत्र दुलारेहो सबके प्यारे!सुमुख एकदंता,ध्रूमकेत दुखहर्ता गणेशविनायक विघ्नेश! हे बुद्धि विवेक दाता,नैन हृदय कोदेते शीतलता!अनुपम रूप तुम्हारा,मोहते जग सारा!हरोगे विपत्ति क्लेश,हे मंगलमूर्ति श्री गणेश॥ परिचय- डॉ.आशा … Read more