अंतर्मन को नहीं जगा पा रहा
कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’देवास (मध्यप्रदेश)******************************************************* हर घर की दहलीज पर उमंगऔर खुशियों का दीया जल रहा हैमैं तो दीया हूँ, खुद जलकर सदियों से,अंधियारे को भगाता रहा है। मानव के अंतर्मन की दहलीज पर, घोर अंधियारा छा रहा हैउसके अंतर्मन को नहीं जगा पा रहा हूँ,हर बार मानव बनाने का प्रयास कर रहा हूँ। मानव … Read more