हे मंगलमूर्ति श्री गणेश

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* तुम्हारे आने कीआहट सुन,झूमने लगी हैं हवाएं;मिल गयी हो जैसेज़िन्दगी को स्वांस!ऐसी ललक,रहती जिसमेंअसीम आस! छिड़ता है ऐसा राग,बप्पा मोरया की गूंज;आओ पखारूं चरण,गौरीशंकर के पुत्र दुलारेहो सबके प्यारे!सुमुख एकदंता,ध्रूमकेत दुखहर्ता गणेशविनायक विघ्नेश! हे बुद्धि विवेक दाता,नैन हृदय कोदेते शीतलता!अनुपम रूप तुम्हारा,मोहते जग सारा!हरोगे विपत्ति क्लेश,हे मंगलमूर्ति श्री गणेश॥ परिचय- डॉ.आशा … Read more

गणपति घर आइए

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* गणपति घर मोरे आइये, शिवनन्दन देवेश अघारी,गणपति बप्पा मौर्या वंदन, वंदना गणेश तुम्हारीपद सरोज गणपति नमन विनत, करूँ गजानन आज तुम्हारी,उमातनय परमेश गजानन, स्वस्ति लोक गणराज हमारी। गणनायक पूजन पद पावन, हे अच्युत विघ्नेश तुम्हारा,गजमुख वरदायक सुखदायक, कुमति हरो बुद्धेश हमारीएकदन्त गिरिजा प्रिय तनय, शरणागत करुणेश हमारी,रक्ताम्बर शुभ गात्र … Read more

अधीर लड़की

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** अधीर लड़की,तेरी आँखों मेंचमकती हुई चिंगारी। तेरी मुस्कान मेंछिपी हुई अधीरता,तेरे दिल की गहराई मेंछिपी हुई आग। जो नहीं मिला तुझेउसे पाने की चाह में,क्यों इतनी अधीर है तू ?क्या तू नहीं जानती ? जीवन एक यात्रा है,जीवन की यात्रा मेंसब-कुछ मिलेगा,तू धैर्य रख,अधीर लड़की ! तेरे हर कदम में अधीरता है,तेरी … Read more

मुखौटा…

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ “मिसेज शर्मा, आज बेटी के जीवन के लिए इतना खास दिन था, उसको आज गोल्ड मेडल मिलने वाला था, तब भी आप अकेली ही आई हैं…?मैंने मि. शर्मा को खास तौर से फोन करके आज आने के लिए इनवाइट भी किया था।”पलभर के लिए वह रुआँसी हो उठी थी, लेकिन झट उसका … Read more

जन्मदिन-बधाई

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** हर कोई बधाई देता है,कहता है मिले जीवन में आपको तृप्तिरहें आप सर्वश्रेष्ठ हमेशा,ऐसी हो आपकी ख्याति-कीर्ति। सबके हँसते होठों पर,नाम हमारा होता हैजितनी आने की ख़ुशी होती है इस लम्हे की,उतना ही जाने का ग़म होता है। पर बीत जाता है इंतज़ार का वक़्त,फिर कोयल गीत सुनाती हैफिर से ख़ुशी … Read more

पधारो गणपति

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)****************************************** ‘गणपति’घर आइएस्वागत है आपका,सबके दुलारेवंदन। ‘बप्पा’तेजमयी शिवनन्दनगणेश तुम्हारा अभिनंदन,पद सरोजनमन। ‘गजानन’करूँ विनतीदो सबको सुख,हरो दुःखविघ्नहर्ता। ‘गणराज’,शुभ करोगौरीनन्दन बरसाओ कृपा,उमा तनयगजानन। ‘गणनायक’विराजित रहोसदा पूजें आपको,फल सुखदायकगजमुख। ‘बुद्धेश’कुमति हरोपापी न बनें,एकदन्त दयावंतकरुणेश। ‘करुणेश’बुद्धि विधातासकल मनोरथ पूर्णक,हो कीर्तिधारीमोक्ष। ‘चारभुजाधारी’सुनो हमारीमिटाओ पीड़ा सारी,पूज्य प्रभु,शुभकर्ता। ‘लम्बोदर’जलन मिटाओजग को सुधारो,तुम्हीं प्रथमसानंद। ‘मंगलेश’हों सुपथसुखमय करो दुनिया,बुद्धिमान सबसंसार। ‘विघ्नेश्वर’डूबे … Read more

मांगती यह वरदान

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* हरितालिका का त्यौहार,संग लाए खुशियाँ अपारहर सुहागिन देखो आज,करती हैं सोलह श्रृंगार। पायल, बिछिया, चूड़ी, बिंदिया,गला सजे नौलखा हारहाथ मेंहदी पाँव महावर,माथे सजती सिन्दूर सार। निर्जला व्रत रख,करती है यह उपवासमन मंदिर में रहता,पति परमेश्वर का वास। जप करती गौरी शंकर का,हर क्षण हर श्वांसअमर रहे सुहाग सदा,रखती है यह विश्वास। करके … Read more

तेरी जय हो गणेश

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ जय हो, जय-जय हो गणेश,दुनिया में कहीं ना हो क्लेशबप्पा तुम हम सबके प्यारेतेरी जय हो गणेश…। दु:ख हो या सुख हो,तेरा बना रहे साथशुभ है तेरा आना,तेरी जय हो गणेश…। रिद्धि-सिद्धि के दाता,गौरी पुत्र गणेशदेवों के देव के पुत्र गणेश,तेरी जय हो गणेश। मूषक वाहन प्रिय मोदक,लड्डू व दूवा … Read more

गीत मधुर हम गाएँ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* समरसता की ज्योति जलाकर, गीत मधुर हम भारत गाएँमानवता अनमोल धरोहर, नैतिकता का पाठ सिखाएँसंस्कार आचार सत्यपथ, शील धीर पुरुषार्थ दिखाएँ,सुमति विवेकी साहस सम्बल, नवनिर्माण धर्मार्थ रचाएँ। जन गण मन मंगल सुखदायक, अरुणिम भारत गान सुनाएँ,चहुंमुख सीमा रक्षक नायक, वीर शहीदों शीश नवाएँविजय गीत भारत शत्रुंजय, अमर उजाला दीप … Read more

कलयुग… क्या बतलाएँ

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** कलयुग की यह रीति सुहावनजो मन भावे वही है पावन,क्या बतलाएँ युवा जगत को-भूल रहा निज रीति-नीति को। बच्चों पर क्या दोष लगाएँउनको हम क्यों ग़लत बताएँ,संस्कार की बात पुरानी-हितकर है यह सबने मानी। पर शिक्षा तो कॉन्वेंट मेंसीखा सब उन्हीं के संग में,अब क्यों कहते ढंग है बदला-खान-पान व्यवहार है बदला। … Read more