आत्महत्या
सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* “रेणु, तुम अंशुल से कह दो, इस दिवाली पर न आए… फिर दस-बारह हजार लग जाएंगे चार दिन के, अभी वैसे भी बहुत खर्च हो गया है… हॉस्टल और कॉलेज की सालभर की फीस जमा दी है। मैंने कहा तो उसका पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।”अभिजीत ने भुनभुनाते हुए … Read more