संसद को ठप कर देना उचित नहीं

ललित गर्गदिल्ली*******************************     भारतीय लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति उसकी संसद है। यही वह सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है जहां राष्ट्र के वर्तमान और भविष्य से जुड़े विषयों पर गंभीर विमर्श होता है, सरकार जवाबदेह बनती है, विपक्ष जनभावनाओं को स्वर देता है और कानूनों के माध्यम से देश के विकास की दिशा तय होती है, … Read more

पीओके की पुकार और दुनिया की जिम्मेदारी

ललित गर्गदिल्ली******************************* पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में इन दिनों जो परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं, वे केवल एक चुनावी प्रक्रिया की कहानी नहीं हैं, बल्कि लोकतंत्र, मानवाधिकार और जनविश्वास के गहरे संकट की दास्तान हैं। किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की वास्तविक शक्ति निष्पक्ष चुनाव, नागरिक स्वतंत्रता और शासन की जवाबदेही में निहित होती है, लेकिन … Read more

पीएसपी प्रभाग द्वारा भर्तियों में भाषाई भेदभाव के विरुद्ध याचिका

सेवा में,विदेश मंत्रालय,दक्षिण ब्लॉक, केंद्रीय सचिवालय,नई दिल्ली – ११००११ विषय:-पीएसपी प्रभाग, विदेश मंत्रालय द्वारा राजभाषा अधिनियम, १९६३ एवं राजभाषा नियमों का लगातार उल्लंघन। महोदय,   विदेश मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पीएसपी प्रभाग द्वारा पिछले कई वर्षों से राजभाषा अधिनियम १९६३ और राजभाषा नियमों की अवहेलना करते हुए केवल अंग्रेजी में पत्र जारी किए जा रहे … Read more

जबान पर नियंत्रण रखिए

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)******************************************** सतरंगी दुनिया – ३४… यदि इंसान शिक्षा से पहले संस्कार, व्यापार से पहले व्यवहार, भगवान से पहले माता-पिता को पहचान ले हो तो ज़िंदगी में कभी कोई कठिनाई आ ही नहीं सकती। हैसियत का परिचय हमें तब देना चाहिए, जब बात आत्म सम्मान की हो। अन्यथा सादगी ही सबसे … Read more

राष्ट्रभाषा हिंदी के लिए संपूर्ण जीवन होम किया ‘दादा’ ने

डॉ. विकास दवेइंदौर (मध्यप्रदेश )************************************************* प्रसंगवश:कैलाशचंद्र पंत…. यह हम सबका सौभाग्य था, कि मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति और हिंदी भवन न्यास को अनेक वर्षों से पूज्य दादा पद्मश्री कैलाश चंद्र पंत का सानिध्य और स्नेहाशीश प्राप्त होता रहा। लगभग ४० वर्ष की अनथक तपस्या का पर्याय है हिंदी भवन न्यास और इस गंगा से … Read more

हिंदी भाषा की रक्षा और समृद्धि का जीवंत उदाहरण

संदीप ‘सृजन’उज्जैन (मध्यप्रदेश)********************************************* प्रसंगवश:कैलाशचंद्र पंत… जब कोई महान व्यक्तित्व इस संसार से विदा होता है, तब केवल एक जीवन का अंत नहीं होता, बल्कि एक युग की स्मृतियाँ, एक विचारधारा की जीवंत परंपरा और एक सांस्कृतिक चेतना का विराट अध्याय इतिहास के पन्नों में दर्ज हो जाता है। पद्मश्री कैलाश चंद्र पंत का निधन हिंदी साहित्य, पत्रकारिता, … Read more

१ पौधा

राधा गोयलनई दिल्ली************************************** “दादी! इस बार मेरे जन्मदिन पर मुझे पौधा लगाने के लिए मत कहना। मुझे बहुत पढ़ाई करनी है। पता है ना १२वीं क्लास में आ गया हूँ। अच्छे नंबर नहीं आयेंगे तो अच्छे कॉलेज में एडमिशन भी नहीं मिलेगा।” पोते ने कहा।दादी- “बेटा! एक पौधा लगाने में कितनी देर लगती है ? … Read more

मुंशी प्रेमचंद की समकालीन प्रासंगिकता:बदलते भारत में साहित्य की नैतिक चेतना

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)************************************** भारतीय साहित्य के इतिहास में मुंशी प्रेमचंद का स्थान केवल एक महान कथाकार या उपन्यासकार के रूप में नहीं है, बल्कि वे भारतीय समाज की आत्मा के सबसे विश्वसनीय व्याख्याकार भी हैं। उन्होंने साहित्य को मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन का उपकरण माना। प्रेमचंद का साहित्य भारतीय समाज की … Read more

विकास और सिसकते पहाड़, चेतना होगा

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)********************************* भारत के पर्वतीय राज्यों जैसे- उत्तराखंड, हिमांचल प्रदेश, झारखंड, अरुणांचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा, नागालैंड, अरावली क्षेत्र (राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली) छत्तीसगढ़ के पठारी क्षेत्र, उड़ीसा के पूर्वी घाटी तथा दक्षिण भारत के पश्चिमीघाट के क्षेत्र आज जिस भू-स्खलन, दरकती पहाड़ियाँ, बाढ़, मिट्टी के कटाव, नदी तल के खिसकने और प्राकृतिक असंतुलन से जूझ … Read more

धुंधलाती गुरु-गरिमा को पुनः स्थापित करने का महापर्व

ललित गर्गदिल्ली******************************* जीवन निर्माता… (गुरु पूर्णिमा विशेष-२९ जुलाई)… भारतीय संस्कृति का प्राण यदि किसी एक तत्व में समाहित है, तो वह है-गुरु। गुरु केवल ज्ञान देने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली चेतना है। वह मनुष्य के भीतर सोई हुई संभावनाओं को जगाता है, उसके व्यक्तित्व को संस्कारित करता है और उसे … Read more