शरदिया चाँद और नदिया

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* इन दिनों मैं अपने गाँव में हूँ। गाँव की प्रकृति का नजारा बड़ा मनोरम और लुभावन बना हुआ है।धुंआधार बारिश के चलते वसुंधरा मानो जैसी दुल्हन-सी सजी-धजी है। इन दिनों फसलों की कटाई का मौसम चल रहा है, तो विस्तीर्ण फैले खेतों में बाजरे की पकी फसल बड़ी ही मस्ती से … Read more

मानसिक बदलाव का सशक्त माध्यम बने शिक्षा

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** पढ़ाई सिर्फ एक व्यक्ति का काम नहीं होना चाहिए। शिक्षक आपस में मिलकर अनुभव साझा करें, नई तकनीकें अपनाएं और मिलकर शिक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाएं। इस तरह शिक्षक न सिर्फ अपने पेशे में संतुष्ट रहेंगे, बल्कि छात्रों को भी बेहतर शिक्षा मिल सकेगी। संदेश यही है कि शिक्षा को सुधारने … Read more

सतरंगी दुनिया

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** प्रेशर कुकर कितना भी पुराना हो जाए, वो कभी भी सीटी मारना नहीं छोड़ता है। इसी प्रकार शेर कितना भी बूढ़ा हो जाए, मांस ही खाएगा;कभी घास नहीं खाएगा। सभी अपनी-अपनी आदत से मजबूर हैं। झूठ बोलना भी एक कला है, आजकल बहुत काम आती है। इसमें इंसान अपने … Read more

“क्या तुममें से कोई राम है ?”

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** राम कथा के संदर्भ में विजयादशमी रावण पर राम की विजय का दिन है, जिसे प्रतीकात्मक स्तर पर हम बुराई पर अच्छाई की विजय और अंहकार के नाश के रूप में देखते हैं। इस प्रतीक को प्रत्य़क्ष रूप से दर्शाने का माध्यम है-सालों से चला आ रहा रावण के पुतले का दहन।आज … Read more

गांधी-विचार को कुचलने की कुचेष्टा दुनिया के लिए गंभीर चुनौती

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** लंदन के प्रसिद्ध टैविस्टॉक स्क्वायर में महात्मा गांधी की ५७ साल पुरानी कांस्य की प्रतिमा पर हुआ हमला केवल एक मूर्ति को क्षतिग्रस्त करने की घटना भर नहीं है, बल्कि यह गांधी के अस्तित्व, विचार और भारत की आत्मा पर आघात है। गांधी प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ करते हुए काले रंग से … Read more

हमारा ज़माना

सीमा जैन ‘निसर्ग’खड़गपुर (प.बंगाल)********************************* “देखो नई बहू, छोटे जेठ जी तुम्हारे लिए कितना सारा श्रृंगार का सामान लाएं हैं।” सासू जी ने अपने कमरे से आवाज़ लगाई।मैं और छोटी जेठानी झट से सासू माँ के कमरे में गई।जेठ जी ने सासू जी के सामने ढेर सारा सामान फैला रखा था… चमचमाती चूड़ियाँ, बिंदिया के कई … Read more

वृद्ध बोझ नहीं, परंपरा और मूल्यों के संरक्षक

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस’ (१ अक्टूबर) विशेष… संयुक्त राष्ट्र संघ ने १ अक्टूबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस’ के रूप में घोषित किया है। इसका उद्देश्य वृद्धों के अधिकारों, उनकी गरिमा और उनके योगदान को रेखांकित करना है। यह दिन हमें यह सोचने को विवश करता है कि जीवन के इस अंतिम पड़ाव में, … Read more

अभिनंदन, मुख्य न्यायाधीश पवन कुमार भीमप्पा बजंथ्री ने जनहित मेें सीखी राजभाषा हिंदी

देश-दुनिया के बहुत सारे लोगों को ध्यान होगा कि वर्ष २०२२ के पूर्व पटना उच्च न्यायालय में पटना उच्च न्या. के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पवन कुमार भीमप्पा बजंथ्री (अब पटना उच्च न्या. के मुख्य न्यायाधीश) और पटना उच्च न्या. के अधिवक्ता इंद्रदेव प्रसाद के बीच बहस का एक वीडियो सामाजिक मीडिया पर बहुत प्रसारित हुआ था। … Read more

सम्मान करें, क्योंकि नदी बचेगी तो जीवन बचेगा

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** ‘विश्व नदी दिवस'(२८ सितम्बर) विशेष… नदियाँ मात्र जलधाराएं नहीं हैं, वे जीवन की धमनियाँ हैं, सभ्यता की जननी हैं और प्रकृति का शाश्वत उपहार हैं। मानव सभ्यता का इतिहास गवाह है कि हर संस्कृति और हर महान नगरी का उदय नदियों के तट पर हुआ। गंगा, सिंधु, नील, अमेज़न, यांग्त्सी जैसी नदियाँ … Read more