चीन में हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर हुई अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी

शांगहाई(चीन)। चीन में हिंदी के प्रचार-प्रसार को लेकर शनिवार को शांगहाई में अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी की गई। इस दौरान चीन में हिंदी शिक्षण,अनुवाद और संचार माध्यमों में हिंदी के विकास,संभावनाओं और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया। इसमें हिंदी के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों सहित कई प्रतिभागियों ने शिरकत की। उदघाटन समारोह की … Read more

संवेदनात्मक बुनावट में पाठक को साथ लेकर चलने वाली कहानियाँ

इंदौर। कहानियों की संवेदनात्मक बुनावट पाठक को साथ लेकर चलती है। इन कहानियों से लगता है कि सम्बन्ध के रिक्त हो जाने के बाद ही आत्मीय क्षण महसूस होते हैं। कथाकार चैतन्य त्रिवेदी ने ‘जलेस’ मासिक रचना पाठ-६७ में इस बात को रेखांकित किया। रविवार को देवी अहिल्या केन्द्रीय पुस्तकालय में जनवादी लेखक संघ कॆ … Read more

रोचक और चिंतनशील कृति ‘साथ नहीं देती परछाई’

संदीप सृजन उज्जैन (मध्यप्रदेश)  ****************************************************** ‘साथ नहीं देती परछाई’ इंदौर के प्रसिद्ध आशुकवि प्रदीप नवीन का पहला ग़ज़ल संग्रह है। उनकी पूर्व में गीत,काव्य और व्यंग्य पर कृतियां प्रकाशित हो चुकी है। पाँच दशक से नवीन जी लेखन और साहित्यिक गतिविधियों में सक्रिय हैं,लेकिन गुणवत्ता से कभी समझौता नहीं करते हैं। यही वजह है कि … Read more

नवनिर्वाचित सांसदों से जनता का अनुरोध-जनभाषा को दें प्राथमिकता

नई लोकसभा के चुनाव परिणाम आ चुके हैं। यह हर्ष का विषय है कि राष्ट्रीयता व देश-प्रेम इन चुनावों में प्रमुखता से उभर कर आए हैं। यह सार्वभौमिक सत्य है कि भाषा-संस्कृति किसी भी देश की राष्ट्रीयता का प्रमुख आधार होते हैं। भाषा के माध्यम से संस्कृति आगे बढ़ती है,जो राष्ट्रीयता की जड़ों को मजबूत … Read more

हार न मानी

तारा प्रजापत ‘प्रीत’ रातानाड़ा(राजस्थान)  ************************************************* मीरा दर्द न जाने कोये, जाने वही जो मीरा होये। बचपन प्रीत श्याम संग लागी, स्वप्न आँख श्याम संग सोई, भोर भई गिरधर संग जागी, राज की रानी प्रेम पुजारिन, पति रूप गिरधर को मानी, विरह वेदना बहुत सही है मगर मुख से न एक कही हैl राणा ने एक … Read more

दीवार

केवरा यदु ‘मीरा’  राजिम(छत्तीसगढ़) ******************************************************************* आँगन में दीवार देख कर सोच रही माँ खड़ी-खड़ी, रिश्तों में दरार पड़ गयी,आई है ये कैसी घड़ीl बचपन में संग खेला,तूने संग-संग की पढ़ाई, तू है मेरा प्यारा छोटा अव्वल आना भाई। लगता है अब टूट गई रिश्तों की नाजुक कड़ी, रिश्तों में दरार पड़ गयी,आई है ये कैसी … Read more

मधुर मुलाकात से

सोनू कुमार मिश्रा दरभंगा (बिहार) ************************************************************************* यह दृश्य बड़ा ही अप्रतिम जब मिल गए प्रिया-प्रीतम, सुशोभित हो रही सुचिता हर्षित हो रही यह वसुधा, तुम्हारे मुख की मुदित मुस्कान से प्रिया प्रियतम की मधुर मुलाकात से। हर्षित कोयल राग मिलन के गाये मोर-पपीहा देखो नृत्य दिखाये, हृदय उमंग से होता लक्षित जब प्रीत प्रणय होती … Read more

आजादी के सपने

ओमप्रकाश अत्रि सीतापुर(उत्तरप्रदेश) ********************************************************************************* आज, आजादी के लिए कुर्बान होने वाले सेनानियों के सपने साकार हो रहे हैं। जो गुलामी की जंज़ीरों को तोड़कर, लाना चाहते थे देश की खुशहाली। मिल गई उनको उनके देश की आजादी, गूँज उठी उनके बच्चों की फिर से किलकारी। देश की तरक्की में जो काम अधूरा रह गया था, … Read more

मातृभूमि वन्दना

मनीषा मेवाड़ा ‘मनीषा मानस’ इन्दौर(मध्यप्रदेश)  **************************************************************** तेरा क्या गुणगान करु ‘माँ’, मैं शब्दों की माला से। तू फूलों का उपवन है, मै उपवन की नन्हीं कली। तू सागर की लहरों जैसी, मैं सिमटी एक धारा हूँ। तेरे चरणों में अमृत है, तू अमरता की मूरत है। तेरा क्या गुणगान करु ‘माँ’, मैं शब्दों की माला … Read more

धन

विरेन्द्र कुमार साहू गरियाबंद (छत्तीसगढ़) ****************************************************** हो यदि पाना चाहते,धन वैभव पद खास। सुखी रखो माँ-बाप को,बनकर उनके दास॥ धन जग में सब कुछ नहीं,है यह सच्ची बात। लेकिन धन बल के बिना,कटे नहीं दिन-रात॥ याचक को सुख दे सकूँ,धन हो इतना पास। मेरे घर भी सुख रहे,करे शांति नित वास॥ सबको करना चाहिए,यथा शक्ति … Read more