माँ है गीता

अजय जैन ‘विकल्प इंदौर(मध्यप्रदेश) ******************************************************************* माँ है गीता,माँ है कुरान, माँ को करिए रोज प्रणाम। ईश्वर भी नमता जहां पर, माँ ही संसार में असली भगवान। जिसने पाला हमको,वो कैसे अनपढ़ ? माँ तो है सच में ज्ञान की खान। कभी मत दुत्कारो उसको, देती दुआ माँ की मुस्कान। अमूल्य है माँ हर जगत में, … Read more

राणा प्रताप..

निर्मल कुमार जैन ‘नीर’  उदयपुर (राजस्थान) ************************************************************ मेवाड़ी आन, महाराणा प्रताप देश की शान। राणा प्रताप, कोई न सह पाया उसका ताप। राणा महान, भूल नही पायेगा ये हिंदुस्तान। महल छोड़ा, मुगलों का गुरूर राणा ने तोड़ा। कोटि नमन, राजस्थानी माटी को कोटि वंदन। परिचय-निर्मल कुमार जैन का साहित्यिक उपनाम ‘नीर’ है। आपकी जन्म तिथि … Read more

माँ

अनिता मंदिलवार  ‘सपना’ अंबिकापुर(छत्तीसगढ़) ************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… शब्द नहीं है मेरे पास सीखा है एहसास जगाना, तूफानी लहरों पर भी सीखा है दीप जलाना। अक्षर भले न पढ़ पाये सीखा है चेहरों को पढ़ना, आँखों से अधरों का सीखा है संवाद बनाना। सुबह-सुबह उठकर वो सूरज से करती ढेरों बातें, आग भरे दरिया … Read more

एक बात बोलूं

मोनिका गौड़’मोनिका’ बीकानेर (राजस्थान ) ************************************************** मेरी छोटी-छोटी ख्वाहिशें, नन्हें से तुमसे ही जुड़े प्रश्न नाजुक-सी अन्तस की बातें, जब कहती हूँ वो देखो चाँद के पास झिलमिलाता एक सितारा, गौरैया की पंख के रंग का शेड देखा तुमने! तुम्हारी ऐनक की थोड़ी-सी टेढ़ी हुई डंडी, चाय के कप में बुझे सिगरेट के टोटे तुम्हारे … Read more

हमको गढ़ती है माँ

पूनम दुबे सरगुजा(छत्तीसगढ़)  ****************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… ना शब्द है ना कोई बात जो माँ के लिए लिख पाऊं, उसके चरणों में मैं नित-नित शीश झुकाऊं, जग जननी है माँ हमारी भाग्य विधाता माँ। गीली माटी की तरह वो हमको गढ़ती है, संस्कार की रौशनी वो हममें भरती है, कौन करेगा ये सब माँ … Read more

माँ तुझे सलाम..

डॉ.शशि सिंघल दिल्ली(भारत) ********************************************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… ‘माँ’ एक शब्द नहीं,बल्कि इसमें दुनिया- जहान का बसेरा है। इसे कुछ शब्दों में बयां करना नाइंसाफी होगी। सम्पूर्ण जगत को ईश्वर का अनमोल तोहफा है ‘माँ’,जिसकी ममता भरी छाँव में जन्नत जैसा सुकून मिलता है। माँ का नाम लेते ही दिलो-दिमाग पर छाए संकट के बादल … Read more

१२ मई को साहित्य कला मंच इंदौर की काव्यगोष्ठी

इंदौर। साहित्य कला मंच इंदौर शाखा की मासिक काव्यगोष्ठी इस बार शहर की कवियित्री अलका जैन के निज निवास मनोरमा गंज (मनीष जायसवाल हाउस),इंदौर में होगी। यहाँ गोष्ठी में अशोक द्विवेदी अग्रज अपने सुमधुर गीतों की गंगा बहायेंगे। जितेंद्र शिवहरे और मंच इंदौर के राहुल बजरंगी ने बताया कि,प्रत्येक माह अलग-अलग कवियों के निज निवास … Read more

माँ

शिवानन्द सिंह ‘सहयोगी’ मेरठ (उत्तरप्रदेश) ****************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ तुम केवल शब्द नहीं हो, तुम अक्षर अनुप्रासl तुम जननी निरकेवल भाषा तुम ममता का पत्र, तुम सामाजिक एक धरोहर तुम प्रतीक का सत्र, तुम संवेदन सहनशीलता अवलोकन की प्यासl तुम असाढ़ की भीगी बदली तुम मंदिर का शंख, आसमान की किरण कौमुदी तुम … Read more

माँ तो बस माँ है…

राजबाला शर्मा ‘दीप’ अजमेर(राजस्थान) ******************************************************************************************** मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… माँ तो बस माँ है, वंदन करूं सुबह-शाम देवों-सी महान जो, उसके हजार नाम। हिमगिरि सी ऊँची है सागर सी गहरी है, धरती-सी शीतल है पल्लव सी कोमल है, नेह की नदिया-सी बहती अविराम। माँ तो बस माँ है… प्रकृति-सा कर देती सब कुछ वह अर्पण, … Read more

हूँ तुम्हारा अंश माँ

डॉ.पूजा हेमकुमार अलापुरिया ‘हेमाक्ष’ मुंबई(महाराष्ट्र) ********************************************************* मातृ दिवस स्पर्धा विशेष………… कर सकूँ बयाँ शब्दों तुम्हें, है संभव नहीं यह माँ। हूँ तुम्हारा अंश मैं माँ, तुम्हारे बिन नहीं कोई मेरा अस्तित्व जग में माँ। भरी है जो किलकारियाँ, तुम्हारी गोद के ब्रह्मांड में। हैं अंकित मेरी अट्ठखेलियाँ, तुम्हारे उर के अंत:स्थल में। कटु थी तुम, … Read more