रंगों का त्योहार

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** रंजिशें जो थी बरस में,वह मिटाने आ गयाहोली का त्यौहार देखो,रंग लेकर आ गया। बड़ा ही विमोहक ये,भावमय त्योहार हैगृह, नगर और ग्राम बस,उल्लास ही उल्लास है। हर तरफ़ है रंग वर्षा,ढोलकों की थाप हैकुमकुमों की मार से,सुरभित गोरी के गाल हैं। आज दिन रोते हुए को,भी हँसा देते हैं लोगभंग का … Read more

जीवन में सामंजस्य की महत्ता समझिए

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** हम सामाजिक प्राणी हैं और समाज का हमारे जीवन में बहुत महत्व है। यदि जीवन में सफल होना और खुशी से भरपूर जीवन जीना चाहते हैं, तो हमें एक-दूसरे से सामंजस्य बनाकर चलना बहुत जरूरी है। फिर चाहे वह हमारा कार्यस्थल हो अथवा घर परिवार, अन्य सम्बन्धी या आस-पड़ोस। संयुक्त परिवार हो … Read more

‘साहित्य संस्था संगम’ में रजनी कटारे ‘हेम’ की २ कृति विमोचित

जबलपुर (मप्र)। साहित्य अकादमी म.प्र. (संस्कृति परिषद , म.प्र.) के तत्वावधान में सभी संस्थाओं का एक ही मंच पर संवाद और परिचय के अद्भुत कार्यक्रम श्रीजानकीरमण कालेज में आयोजित किया गया। इसमें साहित्य सृजनकारी मंच की संस्थाप और वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती रजनी कटारे ‘हेम’ (जबलपुर) की २ कृति ‘हेम पुष्प बल्लरी’ (काव्य संग्रह) एवं ‘प्रभु … Read more

अहसास के पन्ने

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* रवि को लिखने की आदत बचपन से थी। उसकी जेब में हमेशा एक छोटी-सी डायरी रहती, जिसके पन्नों पर वह अपने अहसासों को दर्ज करता। शहर की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में उसे अक्सर लगता-लोग बोलते बहुत हैं, सुनते कम; दिखते बहुत हैं, महसूस कम करते हैं।कॉलेज के आख़िरी साल … Read more

बेचैनी क्यों है इतनी ?

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* बेचैनी क्यों है इतनी, जब हर समस्या का हल है,आज परेशान हो जितना, उतनी ही खुशियां कल है। सुख दुःख है आनी-जानी, यही सत्य अटल है,चिंताओं में गुम ना होना, मन आवारा बादल है। मत भागो भौतिकता के पीछे हरदम,लुफ्त उठाओ जीवन में हर पल, यही संपत्ति अचल है॥

भारत की नई डिजिटल नीति की असली परीक्षा

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** डिजिटल मीडिया का युग मूलतः ‘गति’ का युग है-खबरें सेकंडों में फैलती हैं, प्रतिक्रियाएँ मिनटों में बनती हैं, और जनमत कई बार घंटे भर में दिशा बदल लेता है। इसी तेज़ रफ्तार के बीच अब एक नई शक्ति निर्णायक बनकर उभरी है-कृत्रिम मेधा के सहारे बनी सामग्री, खासकर ‘डीपफेक’ और सिंथेटिक … Read more

एक अधूरा आदमी

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** आज सुबह से ही उसे लक्ष्मी याद आ गई। उस समय एक चोका था, सबसे पहले वह खाने का भोग ठाकुर जी को लगाती थी… उसकी घंटी की आवाज सुन कर सभी अनुमान लगा लेते थे, कि ठाकुर जी को भोग लग गया, अब खाना मिलेगा !जब वह पूजा करने … Read more

‘समकालीन समय में प्रेमचंद की प्रासंगिकता’ विषय पर हुई संगोष्ठी

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चिन्नलपत्ती। गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान (मानित विश्वविद्यालय) ग्राँधीग्राम में ‘समकालीन समय में प्रेमचंद की प्रासंगिकता’ विषय पर दो दिनी यू.जी.सी. राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। डॉ. एम. सलीम बेग ने स्वागत भाषण दिया। सहायक कुलाधिपति डॉ. एन. पंचनदम ने अध्यक्षता की। डॉ. आर. जयचंद्रन ने उद्घाटन भाषण दिया। डॉ. एम. शाहुल हमीद ने बीज भाषण … Read more

उसने तोड़ा विश्वास को

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* वह छल पर छल करता आया, उसने तोड़ा विश्वासों को,कश्मीर तो क्या हम पाकिस्तान भी क्यों देंगे गद्दारों को। इस जेहादी नाजायज को, चैन से सोने ना देंगे,लातों का भूत है बातों से मानेगा ना, समझाने से। इसको इसकी भाषा में समझाना हमको आता है,बुझदिल और इस कायर को … Read more

लोकार्पण हुआ ‘काव्यांजलि २०२५’ का

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नोएडा (उप्र)। क्रिएटिव कलर एवं इकोसिटी गोवो सदस्य वेलफेयर एसो. तथा टिप-डी पब्लिशर के सौजन्य से क्लब हाउस में शनिवार को साहित्यिक समारोह ‘काव्यांजलि २०२५’ का लोकार्पण किया गया। इसमें अनेक महत्वपूर्ण साहित्यकारों, कवियों और साहित्य प्रेमियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति रही।इसका शुभारंभ अध्यक्ष यशपाल रावत (इकोसिटी) की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। डॉ. … Read more