रोचक संस्मरण और कविताओं से मनाया होली उत्सव

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कर्नाटक। अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय संस्था की कर्नाटक शाखा की रंगारंग आभासी गोष्ठी होली की पूर्व संध्या पर आयोजित की गई। इसमें रोचक संस्मरण-कविताओं से सबने उत्सव का खूब आनंद लिया।संस्था अध्यक्ष डॉ. प्रेम तन्मय ने विषय प्रवेश कराया, जो ‘होली के रंग, बिंदी, साड़ी व नारी’ था।संस्थापिका डॉ. इंदु झुनझुनवाला ने दीप प्रज्वलन व डॉ. उमा … Read more

‘साहित्य गौरव सम्मान-२०२६’ से अलंकृत हुए ३५ रचनाकार

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करनाल (हरियाणा)। ‘मन की उड़ान’ साहित्यिक संस्था करनाल द्वारा साहित्यिक कार्यक्रम में ‘अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस’ के अवसर पर कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह एमडीडी बाल भवन सभागार में किया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ कवयित्री अंजू शर्मा ने की। मुख्य अतिथि रेशमा कल्याण (लेखिका व कवयित्री, धर्मपत्नी हरविंदर कल्याण-विधानसभा अध्यक्ष) रही। इस मौके पर करीब ३५ रचनाकारों … Read more

कवि सम्मेलन में दी उत्कृष्ट प्रस्तुति

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मुजफ्फरपुर (बिहार)। एम.एस. केशरी पब्लिकेशन की संस्थापक मुस्कान केशरी के नेतृत्व में हर माह आयोजित कार्यक्रम श्रृंखला के अंतर्गत मार्च में कवि सम्मेलन किया गया। इसमें देशभर से कवियों एवं साहित्यकारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। सम्मेलन में कृष्णा गोला, तुषार कुमार, डॉ. विमल वास्तविक, रियाज खान गौहर व डॉ. शारदा प्रसाद … Read more

विभिन्न विधाओं की ७ पुस्तक लोकार्पित

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आगरा (उप्र)। समाजसेविका श्रीमती प्रीति फौजदार द्वारा स्थापित संस्था ‘यस वी कैन’ के तत्वावधान में वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती राज फौजदार के हरीश नगर स्थित आवास पर पुस्तक लोकार्पण समारोह रखा गया। इसमें डॉ. शेषपाल सिंह ‘शेष’ के संस्कृत श्लोकों के काव्यात्मक भावार्थ की पुस्तक ‘मुक्त-मणि माला’ और श्रीमती फौजदार द्वारा विभिन्न विषयों पर रचे गए … Read more

आज की विभीषिका

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* चलें मिसाइल ध्वंस है, बम की है भरमार।जाने कैसा हो गया, अब तो यह संसार॥ आग लगी धनहानि है, बरबादी का दौर।घातक सबके मन हुए, नहीं शांति पर गौर॥ अहंकार में विश्व है, भाईचारा लुप्त।दिन पर दिन होने लगा, नेहभाव सब सुप्त।। अमरीका इजरायला, और आज ईरान।नहीं नियंत्रित आज ये, धारें … Read more

क्या लिखें ?

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* क्या लिखें, कैसे लिखें,किस बात पर लिखेंरोज-रोज अख़बारों की सुर्खियोंइलेक्ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया,सोशल मीडिया और लोगों की बातेंसुन, पढ़ और सोच-सोच कर,मन मेरा सुन्न हो जाता है। मासूम-सी गुड़ियों से लेकर,उम्र दराज महिलाएँ भीनहीं छूटतीं दरिंदों के शिकंजे से,किंतु छूट जाते हैं दरिंदे बेख़ौफ़उनके छूटने का जश्न मनाया जाता है,और मन … Read more

स्त्रियों की भूमिका पर पुनः शोध की आवश्यकता

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता…. आज से नहीं, बल्कि वर्षों से महिलाएँ अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करती आ रही हैं। महिला होती तो शक्तिशाली है, पर वह अपनी शक्ति को पहचानती नहीं और समाज उसका नाजायज फ़ायदा उठाता है; पर अब निरंतर स्थिति कुछ हद तक सुधरती जा रही है। महिलाएँ … Read more

आज नारी लाचार नहीं

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता…. आज नारी सिर्फ नारी है,देवी का अवतार नहींअग्नि परीक्षा दे जो चुपचाप,आज नारी वह सीता नहीं। करती है वो प्रश्न भी,और करती प्रतिकार भीजुए में दाँव पर जो लग जाए,आज नारी वह द्रोपदी नहीं। उठाती आवाज खुद के लिए,बेवजह सजा स्वीकार्य नहींमर्यादा की जंजीरों में जकड़ी,पत्थर बन … Read more

स्त्रियाँ

वंदना जैनमुम्बई(महाराष्ट्र)************************************ नारी:संघर्ष, शक्ति, समाज और सफलता… वो आधी चंद्रमा-सी है,आधी–अधूरी मुस्कान लिएपूरा दर्द छुपाया करती है,वो सूर्य-सा तेज लेकरचंद्रमा को रिझाया करती है। दुपट्टा सर पर रख कर वो,जब मंदिर जाया करती हैप्रार्थनाओं और आभारों की,टोकरी सजाया करती हैफूल चुन–चुन कर विश्वास की,माला पिरोया करती है। सींच कर परिवार के वट वृक्ष को,वो मन्नत … Read more

एक थी लड़की बेचारी…

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** एक थी लड़की बेचारी, हिम्मत नहीं हारने वाली,वह थी अपनों की सतायी, प्यार को तरसी उम्र सारी। वह सीधी-सादी लड़की, उम्र सारी प्यार को तरसी,वह अपनों की नहीं दुलारी, वह तीखे नैन-नक्श वाली। सभी उसे बेवकूफ बना जाते, वह लड़की भोली-भाली ।सबको माफ कर देती, छल-कपट नहीं जानने वाली। सबको अपना बनाने … Read more