नई ताजगी
सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** धूप गर्मी की अब तो पसरने लगी,खेत की सारी फसलें भी पकने लगींमस्त ख़ुशबू अमलतास गुड़हल की अब,फ़िज़ाओं में रह-रह बिखरने लगी। अपने साज़ों हुनर से धरा भी यहाँ,नित नए चित्र में रंग भरने लगीहर तरफ़ हर दिशा में खुशी ही खुशी,सारी अमराइयाँ भी महकने लगी। अब पहाड़ों से झरने उतरने लगे,तरु … Read more