हमारा काम भाषा की मानवीयता को बचाना, इसकी बड़ी जरूरत

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सम्मान…. दिल्ली। पुरस्कार लेना अच्छा है, पुरस्कार लेकर जल्दी भूल जाना और अच्छा है। हिंदी में पुरस्कार मिलने पर पाठक बढ़े, ना बढ़े, शत्रु जरूर बढ़ जाते हैं। आज हमारी बेचैनी टुच्ची चीजों को लेकर हो गई है। एक दौर था जब लोग प्रधानमंत्री की आलोचना कर सकते थे। आज तो पूरा भारत ही मुदित … Read more

पुस्तक ‘मजबूती का नाम महात्मा गाँधी’ लोकार्पित

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नई दिल्ली। राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली ने महात्मा गाँधी के विचारों पर केंद्रित और मौजूदा समय में देश की पहचान को बचाने के लिए ज्वलंत मुद्दों वाली प्रो. पुरुषोतम अग्रवाल लिखित पुस्तक ‘मजबूती का नाम महात्मा गाँधी’ का लोकार्पण कार्यक्रम इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में सैकड़ों विचारकों, लेखकों और युवाओं की मौजूदगी में किया। समारोह में … Read more

‘नवोदय निर्झरिणी’ के नए अंक का किया आभासी विमोचन

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दिल्ली। दिल्ली। नवोदय वैश्विक प्रज्ञान साहित्यिक संस्थान द्वारा प्रकाशित ‘नवोदय निर्झरिणी’ पत्रिका ‘माह दिसंबर २०२५’ अंक का आभासी विमोचन वरिष्ठ कवयित्री अंजू श्रीवास्तव ने किया। संस्थान के संस्थापक डॉ. ओम प्रकाश मिश्र ‘मधुव्रत’ के मार्गदर्शन में प्रधान संपादिका डॉ. पूर्णिमा पाण्डेय ‘पूर्णा’ एवं संपादक डॉ. कृष्णकांत मिश्र द्वारा संपादित पत्रिका में अनेक साहित्यकारों ने कईं … Read more

समय का फेर

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** वह नगर की सबसे बड़ी पत्र- पत्रिकाओं की दुकान थी। पूरी दुकान पत्र-पत्रिकाओं और उपन्यासों से सजी हुई थी। अंदर, मालिक का केबिन बना था और उसके बाहर एक सोफा रखा था। केबिन के बाहर मालिक का निज सचिव बैठा था। साधारण-सी वेशभूषा में एक सज्जन आए।उन्होंने अपना नाम एक … Read more

सबका प्यारा गुलाब

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** सुन्दर गुलाब सबका प्यारा होता है,पर साथ में काँटा भी लगा होता है। जिस किसी को होगा गुलाब से प्यार,वह काँटों से भी जरूर करेगा प्यार। कई रंगों का होता है ये प्यारा गुलाब,फूलों का राजा कहलाता है ये गुलाब। हरा, लाल, पीला, काला, सफेद, नारंगी,सभी को भाएं ये फूल आसमानी, बैंगनी। … Read more

बसंतिया भ्रमर

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* वन उपवन खिले-खिले से, मुकुल नवथर प्रचुर है,खिल रहा बागान, कानन में कली कली का अधर हैचमन-चमन हर सुमन-सुमन की आयी नई बहार है,बसंत ऋतुराज वसुधा को अब, लुटाने लगा उपहार है। हर तरफ गुनगुना रहे कुसुमों पर भ्रमर दल बल,परागों से जैसे फूट पड़ी है स्वर-स्वरों की हलचलभंवरा-भंवरा कली सुमन … Read more

कल्पकथा सम्मान समारोह में देशभर के साहित्यकार सम्मानित

सोनीपत (हरियाणा)। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें देशभर के विद्वान साहित्यकार सम्मानित हुए। डॉ. गजेंद्र हरिहारनों ‘दीप’ के मुख्य आतिथ्य और वरिष्ठ अधिवक्ता-समाजसेवी कुमुद रंजन सिंह नालंदा (बिहार) की अध्यक्षता में यह सम्मान किया गया।संवाद प्रभारी ज्योति सिंह ने … Read more

व्यंग्यात्मक लहजे में दिशा दिखाता है कवि, वह असली समाज सुधारक

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विमोचन… इंदौर (मप्र)। समाज व राष्ट्र को सुधारने के लिए कवि अपने व्यंग्यात्मक लहजे से दिशा दिखाने का काम करता है। वह सही में असली समाज सुधारक है। कबीर दास जी ने कितने लोगों को उनका असली चेहरा दिखाया, तभी तो आज भी उन बातों की प्राथमिकता प्रासंगिक है, क्योंकि कवि, व्यंग्यकार किसी को छेड़ता … Read more

संविधान ? हर कोई मांग रहा आरक्षण

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)…. मेरा मन बहुत उदास है। बहुत दुखी भी है। मन में बहुत क्षोभ और आक्रोश है। न जाने कितनी ही बातें जहन में कौंध रही हैं। हमारे संविधान निर्माताओं ने क्या सोचकर संविधान बनाया था। उस समय यह कहा गया था कि १० वर्ष … Read more

बहुआयामी व्यक्तित्व थे जयशंकर प्रसाद

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* हिंदी साहित्य के आकाश में जिन नक्षत्रों की ज्योति युगों तक आलोकित रहेगी, उनमें महाकवि जयशंकर प्रसाद का नाम स्वर्णाक्षरों में अंकित है। वे छायावाद के शिखर स्तम्भ, रहस्यवाद के गम्भीर चिन्तक, स्वाधीनता संग्राम के क्रान्तिधर्मी उदघोषक तथा आधुनिक हिंदी नाटक के अप्रतिम शिल्पी थे। उनका व्यक्तित्व बहुआयामी था … Read more