‘प्रेम’ है साँसों का तराना

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* प्रेम के ढाई अक्षर में समाया पूरा संसार है,प्रेम कोई शब्द नहीं, यह रिश्ते-नातों का संसार हैप्रेम का कोई स्वरूप नहीं, यह एक विश्वास है,निराकार है प्रेम, पर जीवन को करता साकार है। प्रेम एक शक्ति है, प्रेम एक पुंज है,जीवन को खुश कर देने वाला एक कुंज हैप्रेम एक जीत … Read more

सशक्त बनाती है सार्थक अभिव्यक्ति

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मनुष्य का मन विचारों का अथाह सागर है, जिसमें प्रतिक्षण असंख्य तरंगें उठती-गिरती रहती हैं। ये विचार ही हमारे व्यक्तित्व, व्यवहार और जीवन-दृष्टि का निर्माण करते हैं, परंतु केवल विचारों का होना पर्याप्त नहीं है; उनकी सार्थक अभिव्यक्ति ही उन्हें मूल्यवान बनाती है। जब मन के भाव उचित शब्दों, … Read more

२६ अप्रैल को ब्यावरा में अ.भा. कवि सम्मेलन

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सीहोर-भोपाल (मप्र)। माँ शारदा साहित्यिक मंच राजगढ़ भोपाल म.प्र. और म.प्र. साहित्य साधना मंच सीहोर के तत्वाधान में ब्यावरा (जिला राजगढ़) में २६ अप्रैल २०२६ को अखिल भारतीय हिंदी-उर्दू समागम का कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसके लिए २० अप्रैल तक पंजीयन किया जा सकता है।साधना मंच के संस्थापक सुरेश जायसवाल (९८२७२४७३९७) ने बताया कि … Read more

सबके दाता भगवन स्वामी

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** ‘महावीर जयंती’ विशेष… जैन धर्म के अंतिम २४वें तीर्थकर रहे स्वामी महावीर,चैत्र शुक्लपक्ष त्रयोदशी को अवतरित थे महावीरमहावीर जयंती जैन धर्म का पर्व है मानते हैं शूरवीर,सत्य, अहिंसा, अस्तेय, ब्रह्मचर्य, अपरिग्रह उपदेशी महावीर। स्वामी महावीर की प्रेरणा धर्म, दया, संयम, रहें सदा ही धीर,पूजा, अभिषेक, गरीबों को दान जो … Read more

वर्द्धमान महावीर

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* ‘महावीर जयंती’ विशेष…. सत्य, अहिंसा का दिया, पावनतम संदेश।हरा एक क्षण में सभी, सारा जीवन क्लेश॥ महावीर ने लोक को, दिया सत्य का ताप।बने प्रखर यूँ रोशनी, कौन सकेगा माप॥ वर्द्धमान गतिशील थे, जीवन का संगीत।मानवता के बन गये, वे तो सच्चे मीत॥ वैशाली के थे कुँवर, सुविधा के भंडार।रीति, नीति … Read more

त्याग का दीप जलाया

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ‘महावीर जयंती’ विशेष… राजकुल में जन्म लेकर त्याग का दीप जलाया,भोग-विलास त्याग सत्य का पथ जग को दिखलायाआत्मा की अनुभूति में लीन हुआ वह महायोगी,अहिंसा का अमृत देकर मनुज को देव बनाया। दिगंबर स्वरूप धारण किया माया-जाल मिटाया,अकिंचन भाव से जगत आत्म-दीप जलायापरिधान नहीं, विचार से ही होता जीवन … Read more

प्रभु महावीर आ जाओ

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ ‘महावीर जयंती’ विशेष… इन अंधेरों में हमें ‘उजालों’ की चाह है,भटकता है ‘संसार’ में मानव-मनकपाट कषायों में घिरा हुआ, हिंसात्मक बन आदमीऐसे में प्रभु महावीर आ जाओ…। करुणा के सागर, अहिंसा के स्वामी,वर्तमान आपको ‘पुकार’ रहा है,वीर अतिवीर हिंसा के इस दौर को खत्म करोचारों और अधर्म फैल रहा है,ऐसे … Read more

सफ़र में अकेले चलना

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* चल पड़ी हूँ जीवन की,अनजान राहों पर अकेली।पर कभी कभी ये सफ़र,दिल को रुला जाता है। जीवन की इन राहों पर,भीड़ है चलने वालों कीपर भीड़ भरी इन राहों पर भी,मन तन्हा रह जाता है। साथ हो हमसफ़र लेकिन,साथ का एहसास न हो।बातें होती हों रोज मगर,दिल की बातें दिल में रह … Read more

चेतना बिना ज़िंदगी अधूरी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** चेतना जागृत होती है,जब मन अचेतन होताज़िंदगी चेतना बिना अधूरी,बुद्धि ही चेतना की होती अधिकारीनहीं तो सड़कों पर घूमते अचेतन। चेतना के आँसू नहीं होते,चेतना आँखों से भी नहीं देखतीमन अधिष्ठान का अधिकारी जब बनता।रिश्ते बिखर जाते बिन चेतना के,चेतन मन ही ईश्वर को पूजता॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ … Read more

मुझे भी प्यार सिखा दो

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ रहते हो तुम खफा मुझसे, क्यों बता भी दो,भुला दो सारे ग़म को, प्यार से बात कर लोग़लती जो हो गई अगर, मुझको बता दोभुला कर सब अब सनम मुस्कुरा दो। राहे-जीवन में बड़ी मुश्किलें हैं,मेरा हाथ थाम कर राह दिखा दोमैंने बस तुम्हें ही अपना माना है,अपना समझो या बस पराया … Read more