तेरे आँसू मैं लेकर के तुझे मैं हास देता हूँ-प्रो. खरे

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मंडला (मप्र))। काव्य सम्मेलन…. संस्था अभिनव काव्यांश मंच द्वारा आभासी रूप से कवि सम्मेलन का आयोजन लक्ष्मी शिमला शर्मा के संयोजन में किया गया। मंडला (मध्यप्रदेश) के वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. शरद नारायण खरे की अध्यक्षता में यह हुआ।दीप्ति राजौरा के विशेष सहयोग से आयोजित इस सम्मेलन में सिद्धेश्वरी सराफ, रजनी कटारे, माधवी गम्भीर,अर्चना द्विवेदी और … Read more

बाजार में ईमान बेच रहा

कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’देवास (मध्यप्रदेश)******************************************************* पहले दिल की ज़ुबां को,बिन कहे नजरों से हीसमझ जाते थेप्रेम में ऐसी मौन प्रगाढ़ता होती थी। हर स्पर्श निष्कपट था,हर साँस में पवित्रता का,एहसास होता थामन से मन का जुड़ना,ऐसा रिश्ता होता था। कहाँ गए वो दिन,जब दिल ही मंदिर होता था ?जहाँ प्रेम की पूजा होती थी,और ईमान … Read more

डाक विभाग द्वारा राजभाषा हिन्दी की जान-बूझकर अनदेखी

सेवा में, माननीय गवर्नर, भारतीय रिजर्व बैंक, केन्द्रीय कार्यालय भवन, शहीद भगत सिंह मार्ग, मुम्बई – ४००००१ विषय: डाक विभाग द्वारा नेट बैंकिंग सेवा में राजभाषा हिन्दी की जान-बूझकर की जा रही अनदेखी, भाषाई भेदभाव एवं पिछले ९ वर्षों की शिकायतों पर हठधर्मिता के विरुद्ध शिकायत। संदर्भ (विगत ९ वर्षों का संघर्ष): 🔹नवीनतम शिकायत: DPOST/E/२०२६/०००२२०४ … Read more

लखनऊ में सजी काव्य गोष्ठी

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लखनऊ (उप्र)। साहित्यिक सरोकारों से भरी एक यादगार काव्य गोष्ठी राजधानी लखनऊ में आयोजित की गई। एकता नगर (बालागंज) में कवि श्रीकृष्ण द्विवेदी ‘द्विजेश’ के आवास पर यह आयोजन हुआ, जिसका श्रेय राजेन्द्र शुक्ल ‘सहज’ एवं संस्था सर्वजन हिताय साहित्यिक समिति को है।कार्यक्रम में राजेश विक्रांत विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए और नए … Read more

दीप-सा जले

डॉ.एन.के. सेठीबांदीकुई (राजस्थान) ********************************************* रचनाशिल्प: २१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २१ २… कर्महीन भावहीन, नीति रीति से विहीन, कर्म जो करे मनुष्य, व्यर्थ जीव जानिए। नित्य ही करें सुकर्म, जीव का यही सुधर्म, दीप-सा जले सदैव, प्रीत रीत मानिए। सत्य का करें प्रकाश, छूट जाय झूठ … Read more

मानवता के लिए युद्ध ठीक नहीं

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ युद्ध और शांति-जरूरी क्या ? वैश्विक स्तर पर जो युद्ध चल रहा है, उसे देखते हुए तीसरे ‘विश्व युद्ध’ का खतरा मंडरा रहा है। अमन, चैन सौहार्द और भाईचारे से मानवीय मूल्यों का स्तर बना रहता है, पर हिंसा मार-काट के बीच ‘युद्ध’ ठीक नहीं कहा जा सकता है। इस … Read more

पर्यावरण की पुकार

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ वक़्त कैसा आ गया अब धरा पर,हवा भी डरने लगी अपनी ज़िंदगी सेधरती भी अब निराशा रहने लगी है,गगन में तारे भी आँसू बहाने लगे हैं। जो ना कर सके हमारी रक्षा,पर्यावरण की तो कहाँ कहींधरती पर चिड़ियों की चहचहाहट रहेंगी,किसी दिन सब खत्म हो जाएगी। हवा भी सिसकियाँ अब लेने लगी … Read more

बचपन और आम का स्वाद

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* बचपन की गर्मियाँ आज भी मन में मीठी स्मृतियों की तरह बसी हुई हैं। जैसे ही विद्यालय की छुट्टियाँ होतीं, मन खुशी से झूम उठता था। तपती दोपहरी में भी हमें कोई थकान नहीं होती थी, क्योंकि आम के बागों की सैर हमारा इंतज़ार कर रही होती थी।गाँव के … Read more

परिवर्तन नियम

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** गर्मी, सर्दी और ये बारिशक्रम से सब परिवर्तन होते,नियम प्रकृति का सत्य यही है,जिस पर सब विधिवत चलते। परिवर्तन है सत्य यहाँ परकुछ तो रोज-रोज होता,इनके बीच झूलता जीवनअनुभव से अनुभव बढ़ता। बीते वर्ष सुहाने क्षण वोहृदय पटल पर एक-एक छाए,तोड़ पुराने बंधन सारेआगे को सब बढ़ते जाएँ। रखना सौम्य भाव सब … Read more

सेहत दौलत है बड़ी

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)****************************************** अच्छी सेहत है अगर, तो मिलता आनंद।ताक़त मिले शरीर को, सुस्ती सारी बंद॥ सेहत दौलत है बड़ी, रखना इसे सँभाल।लापरवाही जो करें, उनके संग बवाल॥ सेहत तो वरदान है, धारण कर संकल्प।नहीं बिगड़ने दो कभी, जीवन है अति अल्प॥ अच्छी सेहत तब बने, जब अच्छा आहार।योग और कसरत करो, तो जय-जय-जयकार॥ … Read more