खुशियों को मिल-जुल कर मनाएं

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** गणतंत्र:संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)…. आओ सब मिलके,जन गण मन गीत गाएँगणतंत्र दिवस की खुशियों को,मिल-जुल कर मनाएं। राष्ट्रीय त्योहारों पर,तिरंगे को फहराएंआओ सब मिलकर,जन-गण-मन गीत गाएंगणतंत्र दिवस की खुशियों कोमिल-जुल कर मनाएं। हिन्दू-मुस्लिम, सिख-ईसाई,आपस में सब भाई-भाईभारत माता है,हम सबकी माईफक्र से हम सब,सर ऊपर उठाएँगणतंत्र दिवस … Read more

साहित्यकार प्रियदर्शिनी ‘पुष्पा’ की बरसी पर हुई उत्कृष्ट काव्य गोष्ठी

hindi-bhashaa

धनबाद (झारखंड)। स्व. प्रियदर्शिनी ‘पुष्पा’ साहित्य कला एवं संस्कृति मंच (धनबाद) के तत्वावधान में विद्वान सहित्यकारा स्व. पुष्पा प्रियदर्शिनी की प्रथम बरसी पर स्मृति सह सम्मान समारोह किया गया। मुख्य अतिथि बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विवि (धनबाद) की छात्र-कल्याण संकायध्यक्षा डॉ. पुष्पा कुमारी एवं विशिष्ट अतिथि आर.एस.पी. कॉलेज, झरिया) के प्राचार्य डॉ. नीलेश कुमार सिंह … Read more

तू तो बस मन की गाथा

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ कैसे करूँ मैं तेरी व्याख्या!कैसे कहूँ मैं तेरी कथा! तू तो बस मन की गाथा,तू तो बस आँखों का आँसू। झरने जैसे बह निकले,तुम आँखों की गलियों से। शब्द-शब्द भी जोडूं तो,तुम ना मिले मेरे मन में। जब भी याद आते हैं वह,पर आँखों से तुम बहते हो। गोद में तेरे सिर … Read more

साहित्य से जुड़कर ही संतुष्टि प्राप्त करता है रूतबा

hindi-bhashaa

मंदसौर (मप्र)। ज्ञान की देवी सरस्वती का प्राकट्य दिवस भी प्रकृति को संस्कृति से जोड़ता है। अपनी संस्कृति को आत्मसात करने पर ही व्यक्ति सुकून का अनुभव करता है, क्योंकि व्यक्ति अपनी उपलब्धियों से रूतबा तो हासिल कर लेता है, किन्तु ‘रूतबा’ साहित्य से जुडकर ही संतुष्टि प्राप्त कर सकता है।यह बात नगर मंदसौर नगर … Read more

गोष्ठी में गूँजी कविताओं की स्वर लहरियाँ

hindi-bhashaa

झारखण्ड। बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट (झारखंड इकाई) के तत्वावधान में १९ जनवरी को मासिक गोष्ठी (आभासी) का आयोजन किया गया। ‘स्वैच्छिक’ विषय पर इस साहित्यिक संध्या में रचनाकारों ने लेखनी से समाज, संवेदना और श्रृंगार के विभिन्न रंगों को पटल पर बिखेरा।इस गोष्ठी की अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. गीता विश्वकर्मा ‘नेह’ ने की। ममता … Read more

गणतंत्र दिवस की ज्योति उजियारी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* संविधान की ज्योति उजियारी, भारत-भाग्य की है रखवाली,तिरंगा ऊँचा, स्वप्न सँजोए, गणतंत्र-ध्वजा जगमग न्यारी।समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व, मानवता की उजली चिंगारी-सार्वभौम भारत की पहचान, संविधान की ताक़त भारी॥ स्वस्थ लोकतंत्र की यह आधारशिला, जन-जन की हितकारी,मत-सम्मान, जन-सम्मति, मर्यादा, लोक-नीति की फुलवारी।न्याय, नीति, नैतिक साहस, राष्ट्र-चरित्र की धवल तैयारी-एक अखंड, समरस … Read more

प्रथम विजेता डॉ. शरद नारायण खरे व डॉ. राम कुमार झा ‘निकुंज’

🔹’स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’:आचार्य संजय सिंह ‘चंदन’ और पदमा अग्रवाल को मिला द्वितीय स्थान इंदौर (मप्र)। मातृभाषा हिन्दी को और लोकप्रिय बनाने के अभियान में योगदान हेतु हिन्दीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा सतत स्पर्धा कराई जा रही है। इसी निमित्त‘स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’ विषय (नव वर्ष) पर १०४ वीं प्रतियोगिता में पद्य में … Read more

वेद हमारी पूँजी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** भविष्य का प्रहरी है, संस्कार हमारी कुंजी है,इसे बचाकर रखना है, जो वेद हमारी पूंजी है। लौट चलें वेदों की ओर, जो राही भटक रहे हैं,जिसने इसका पालन किया, वही तो संभल रहे हैं। वेदों को संकलित किया था ऋषि वेद व्यास ने,इसके चार प्रकार बताए प्राचीन ऋषि वेद व्यास ने। ये … Read more

पुस्तक ‘साहित्य दर्शन’ का विमोचन किया

hindi-bhashaa

सोनभद्र (उप्र)। शहीद स्थल प्रबंध ट्रस्ट करारी, साहित्य दीप संस्थान व दयानंद साहित्य संस्था के तत्वावधान में कचहरी सभागार (सोनभद्र बार एसो.) में कवयित्री चंद्रलेखासिंह की पुस्तक ‘साहित्य दर्शन’ का विमोचन किया गया। अध्यक्षता राष्ट्रपति से पुरस्कृत शिक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी ने की। मुख्य अतिथि साहित्यकार रामनाथ शिवेन्द्र और बार के पूर्व अध्यक्ष चंद्रप्रकाश दिवेदी रहे। … Read more

भारत को गौरवान्वित करने की दिशा में प्रयास जरूरी

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ संविधान से आम आदमी तक (२६ जनवरी विशेष)…. किसी भी देश के संचालन के लिए उसका संविधान बेहद अहम् होता है। हमारे भारत का संविधान दुनिया का सबसे अच्छा संविधान माना जाता है, क्योंकि इसमें हर किसी को समान अधिकार हैं। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व … Read more