आँसू और खामोशी

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** आँसू जब भीआते हैं,मन को हल्काकर जाते हैं। दिल का गुबारनिकल आता है,मन शांतहो जाता है। कभी खुशी केआँसू होते हैं,कभी गम केआँसू भी होते हैं। दिल के अरमानआँसुओं में बह जाते हैं,हम खामोशी मेंरह जाते हैं। आँसू और खामोशीका घना नाता है,आँख से आँसूखामोशी में ही आता है। … Read more

कोलाहल में शांति का शंखनाद है ‘मौन’

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** मौनी अमावस्या (१८ जनवरी) विशेष… ‘मौन’ केवल शब्दों का अभाव नहीं है, वह आत्मा की सबसे सघन भाषा है। १८ जनवरी वाली ‘मौनी अमावस्या’ इसी मौन की महत्ता को जीवन के केंद्र में प्रतिष्ठित करने का पावन, सिद्ध एवं पवित्र अवसर है। भारतीय आध्यात्मिक परम्परा में मौन को जितना ऊँचा स्थान दिया … Read more

पहाड़ों का सपना

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* शाम सिंदूरी-सिंदूरी अर्क में डूबीनहला रही है पहाड़ों को,दिनभर सूर्यस्नान किए पहाड़ सन गए हैंसिंदूरी वर्ण के रक्तिम फाहे सेपश्चिम की देहरी पर पसरता जा रहा है,सिंदूरी-सिंदूरी संसार। घुंघरू बाँधकर संध्या ठिठकी-ठिठकी-सी,घूम रही है पहाड़ों के इर्द-गिर्दमैं सुन रहा हूँ कदम-कदम पर पड़ती,घुंघरुओं की खनक। पाँवों में अलता लगाकर हौले-हौले पड़ते,पदचापों … Read more

करें ‘मौन’ अर्पित

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** मौनी अमावस्या (१८ जनवरी) विशेष… ‘मौन’,शक्तिशाली माध्यमटाल देता संघर्ष,बहुत जरूरीहथियार। ‘मौन’,हटाता नकारात्मकताबढ़ाता धैर्य, मजबूती,एकाग्रता दिखतीसुनिर्णय। ‘मौन’,रखना चाहिएहोता बड़ा फायदा,समझ आताभविष्य। ‘मौन’,मुस्कान जादूगरदिलाती अक्सर सफलता,समझना होगाजीवन। ‘मौन’,है शांतिशब्द अभाव नहीं,है तपबुद्धिमता। ‘मौन’,महत्ता समझिएप्रेरणा है सघन,अवसर पावनआध्यात्म। ‘मौन’,साधना है,है आध्यात्मिक यात्राकड़ा अनुशासनचेतना। ‘मौन’,एक अंतर्भाषासीधे आत्म संवाद,कड़ा उपदेशसिद्धियाँ। ‘मौन’,उच्चतम शिखरथमता मन-तरंगें,सौन्दर्य ज़िंदगीऊर्जा। ‘मौन’,शक्ति संचयदिशा, … Read more

उँगलियाँ

गोपाल मोहन मिश्रदरभंगा (बिहार)***************************************** उँगलियाँ किसी पर भी उठा देते हैं लोग बस,बात को बातों में ही, उड़ा देते हैं लोग बस। चाय में डालकर अखबार को भी पी जाते हैं,मुद्दा कोई गुफ्तुगू का जुटा लेते हैं लोग बस। अगर अपने आँगन में जलाने को दीया नहीं,तेल दूजे के घर का भी चुरा लेते हैं … Read more

सूरज सोया ओढ़ रजाई

डॉ. कुमारी कुन्दनपटना(बिहार)****************************** वृक्ष-पात से नीर झरे,धुंध ही धुंध दिखाई पड़ेहाड़ कम्पाती ठंडक आई,सोया सूरज ओढ़ रजाई। बोला अब ना निकलूंगा,अब करना मुझे विश्रामचलते-चलते थक जाता हूँ,पहर और आठों याम। सुन माँ अदिती दौड़ी आई,प्यार से कुछ बातें समझाई।उठ जा बेटा फेंक रजाई,समझ जरा तू पीड़ पराई। देख धरा पर कैसी हलचल,जीव-जंतु सब हो रहे … Read more

‘आकाशदीप’ मिलेगा ममता कालिया व अरमबम ओंगबी मेमचौबी को

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नई दिल्ली। साहित्य जीवन के समग्र अवदान के लिए २०२५ का अमर उजाला का सर्वोच्च शब्द सम्मान ‘आकाशदीप’ हिंदी में प्रख्यात कथाकार ममता कालिया और हिंदीतर भाषाओं में विख्यात रचनाकार अरमबम ओंगबी मेमचौबी (मणिपुर) को दिया जाएगा।प्रदत्त जानकारी के अनुसार ‘आकाशदीप’ अलंकरण हिंदी और अन्य भारतीय भाषा के १-१ साहित्य मनीषी को अर्पित किया जाता … Read more

लेखक विनोद नागर को मिला ‘विद्योत्तमा साहित्य विभूति’ सम्मान

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भोपाल(मप्र)। राजधानी के वरिष्ठ लेखक और स्तंभकार विनोद नागर को नासिक (महाराष्ट्र) में ‘विद्योत्तमा साहित्य विभूति’ सम्मान से सम्मानित किया गया। यह विद्योत्तमा फाउंडेशन द्वारा आयोजित अभा हिन्दी साहित्य सम्मान समारोह में दिया गया। अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार राजेश दुबे ने की। केंद्रीय संस्कृत विवि (नासिक) के निदेशक डॉ. नीलाभ तिवारी मुख्य अतिथि रहे। फाउं. के … Read more

संकल्प को सफल बनाना है

वंदना जैनमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************ ‘स्वागत, संकल्प, संघर्ष और सफलता’ (नववर्ष २०२६ विशेष)…. विस्तृत गगन को नाप कर छोटा-सा बनाना है,स्वर को मुखर और संकल्प को सफल बनाना है। पतझड़ को झाड़ कर बसंती छटा को बिखर जाना है,राह कंटकों को पराजित कर लक्ष्य को पा जाना है। संघर्ष से तपती देह को शीतल चाँदनी में लेटाना … Read more

परस्पर जोड़ने का काम करती हैं पुस्तकें-डॉ. दिविक

दिल्ली। पुस्तकें ज्ञान का प्रवाह हैं तथा ये परस्पर जोड़ने का काम करती हैं। ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ तथा ‘एक दशकीय कविता विमर्श’ शीर्षक से दोनों पुस्तकें इस बात को स्पष्ट कर रहीं हैं जिसके लेखक अवधेश सिंह को साधुवाद दिया जाना चाहिए।‘विश्व पुस्तक मेला-२०२६’ के अंतर्गत उक्त पुस्तकों को लोकार्पित करते हुए प्रख्यात कवि डॉ. दिविक … Read more