सफ़र में अकेले चलना

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* चल पड़ी हूँ जीवन की,अनजान राहों पर अकेली।पर कभी कभी ये सफ़र,दिल को रुला जाता है। जीवन की इन राहों पर,भीड़ है चलने वालों कीपर भीड़ भरी इन राहों पर भी,मन तन्हा रह जाता है। साथ हो हमसफ़र लेकिन,साथ का एहसास न हो।बातें होती हों रोज मगर,दिल की बातें दिल में रह … Read more

चेतना बिना ज़िंदगी अधूरी

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** चेतना जागृत होती है,जब मन अचेतन होताज़िंदगी चेतना बिना अधूरी,बुद्धि ही चेतना की होती अधिकारीनहीं तो सड़कों पर घूमते अचेतन। चेतना के आँसू नहीं होते,चेतना आँखों से भी नहीं देखतीमन अधिष्ठान का अधिकारी जब बनता।रिश्ते बिखर जाते बिन चेतना के,चेतन मन ही ईश्वर को पूजता॥ परिचय-संजय वर्मा का साहित्यिक नाम ‘दॄष्टि’ … Read more

मुझे भी प्यार सिखा दो

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ रहते हो तुम खफा मुझसे, क्यों बता भी दो,भुला दो सारे ग़म को, प्यार से बात कर लोग़लती जो हो गई अगर, मुझको बता दोभुला कर सब अब सनम मुस्कुरा दो। राहे-जीवन में बड़ी मुश्किलें हैं,मेरा हाथ थाम कर राह दिखा दोमैंने बस तुम्हें ही अपना माना है,अपना समझो या बस पराया … Read more

साहित्यकार सिद्धेश्वर के सम्मान में काव्य संध्या, पुस्तक विमोचित

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दिल्ली। सुप्रतिष्ठित लेखिका निशा भास्कर के आवास साधनगर, (दिल्ली) में विविध विधाओं के सर्जकों ने संध्या बेला को साहित्यिक आभा से आलोकित किया। गीत, ग़ज़ल, कविता और लघुकथा के कोमल शब्दों और भावों ने पूरे वातावरण को सुवासित कर दिया। सुप्रसिद्ध ग़ज़लकार एवं समीक्षक डॉ. ओम निश्चल मिश्रा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम हुआ।मुख्य अतिथि … Read more

माँ सिद्धदात्री देवी

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* माँ का सजा दरबार भवन, भक्तों का चहुँदिक ताँता है,दशभुजा सुशोभित अस्त्र-शस्त्र, ‘जय माता’ स्वर गुंजाता हैमहानवमी का शुभ पुण्य क्षण, आदिशक्ति माँ प्रकटित होती,सिद्धिदात्री कृपा बरसाएँ, हर बाधा हर ले जाती है। रिद्धि-सिद्धि के दान सहित माँ, योग-फल का वर देती हैं,भक्तों के जीवन में अम्बा, आलोक कीर्ति … Read more

नमन पद पंकज

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** ‘रामनवमी’ विशेष… नवरात्र, नव संवत्सर आया,नमोस्तुते !‌ अनुष्ठान भाया। आत्मिक सुधि जड़त्व मिटाएं,रामायण स्व चरित अपनाएं। दर्शन हरि श्री राम विराजे,नमन पद पंकज नित निहारें। रामनवमी शुभ दिन मनाएं,अवतरण दिवस मंगल गाएं। भजन-कीर्तन रौनक लाएं,यज्ञ, पाठ दान-पुण्य लुभाएं। ‘राम नाम’, धुन मंगलकारी,मंगलकारी दुःख संभारी। ‘अल-बेला’ ! बेला; गंवाया,हाथ मलता; जीवन … Read more

कागज़ की ढाल

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** डॉ. विनोद शर्मा ने ३६ घंटे जागकर परीक्षा दी थी। रैंक आई ४७वीं और सीट नहीं मिली। जिसे मिली, उसकी रैंक थी-३१२वीं, नाम था – सुरेंद्र मेघवाल। उसके पास एक प्रमाण-पत्र था, जो काफी था। यह व्यवस्था थी। इसे स्वीकार करना था, पर जब विनोद ने अपना दु:ख कहा, तो सुरेंद्र … Read more

पूरा जीवन आदर्श रहा

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘रामनवमी’ विशेष…. चैत्र में नवरात्रि का त्योहार जब आता,भक्तों के मन को तब बड़ा हर्षाता। माता दुर्गा की पूजा जब होती,सुबह-शाम माता आरती होती। चढ़ाते लोग फूल, प्रसाद और रोली,मिलकर पूजा करते सब हमजोली। गाते हैं हम सबश्रीराम की महिमा,गर्व भरी होती है उनकी गरिमा। चैत्र शुक्ल रामनवमी में जन्म हुआ,घर-आँगन खुशियों … Read more

नवदुर्गा तुम आ गईं हरने को पाप

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* नवदुर्गा तुम आ गईं, हरने को हर पाप।संभव सब कुछ आपको, तेरा अतुलित ताप।। सद्चिंतन तजकर हुआ, मानव गरिमाहीन।जगजननी माँ दुख हरो, सचमुच मानव दीन।। ममता है तुझमें भरी, तू सचमुच अभिराम।माता जी तेरे सदा, हैं नित नव आयाम।। तू करुणा करती सदा, तेरा पावन नाम।यह जग तेरा है सदा, दुर्गा … Read more

छुट्टी आई, मस्ती छाई

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** गर्मी की छुट्टी आई है,बच्चों में मस्ती छाई है। एक साथ सब मिल कर गाते,ढोलक, झाँझ, मृदंग बजातेलेकर बॉल खेलते पिट्टू,ऊँच-नीच फिर घोड़ा-टट्टू। मजे खूब सब दिनभर करते,होते शाम कहानी कहतेग़ज़ब की शक्ति देखी इनमें,एक से बढ़कर एक नमूने। हल्ला-गुल्ला धूम-धड़ाका,मस्ती-मौज सब बम पटाकाचलो सिखाएँ इनको गाना,साथ-साथ बच्चा बन जाना। कैसे रहते … Read more