कहर हर आँगन टूटेगा
अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस)… पेड़ों की हरियाली रोती, सूनी होती जा रही,धरती माँ की कोमल चुनर, धूल में खोती जा रही। नदियाँ थीं जो जीवनदायिनी, अब मैली कहलाती हैं,मानव की लापरवाही से, अपनी पीर सुनाती हैं। कटते वन, उजड़ते उपवन, पक्षी घर को तरस रहे,अपने ही स्वार्थों में … Read more