सूचना प्रौद्योगिकी ने नागरी लिपि और हिंदी भाषा को विस्तारित किया-डॉ. पाल
नई दिल्ली। भारत सरकार के कार्यालयों में प्रायः देखा जाता है कि सरकारी कामकाज क्लिष्ट भाषा में किया जाता है, जिससे कर्मियों में हिंदी के प्रति अरुचि पैदा होने लगती है। यदि सरकारी कामकाज आम बोलचाल की भाषा में होने लगे तो इससे हिंदी भाषा और नागरी लिपि की लोकप्रियता बढ़ने लगेगी। सूचना प्रौद्योगिकी ने … Read more