कहर हर आँगन टूटेगा

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस)… पेड़ों की हरियाली रोती, सूनी होती जा रही,धरती माँ की कोमल चुनर, धूल में खोती जा रही। नदियाँ थीं जो जीवनदायिनी, अब मैली कहलाती हैं,मानव की लापरवाही से, अपनी पीर सुनाती हैं। कटते वन, उजड़ते उपवन, पक्षी घर को तरस रहे,अपने ही स्वार्थों में … Read more

पर्यावरण का वायुदूत हूँ

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** मेरा पर्यावरण, मेरी जान (विश्व पर्यावरण दिवस)…. कवि नहीं मैं काव्य मरघट का, पुराना भूत हूँ, खेत, पेड़, जंगल, वन, पहाड़ से अभिभूत हूँ। पर्यावरण संरक्षण का रक्षक एवं एक दूत हूँ, पेड़ों की कटाई से बेहद क्षुब्द और क्रोधित हूँ। पृथ्वी श्रृंगार व प्रकृति हरियाली से मोहित हूँ, पर्यावरण से छेड़छाड़ … Read more

ईरान को कमजोर समझने का फल भुगत रहा अमेरिका

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अक्सर महाशक्तियाँ एक गंभीर भूल कर बैठती हैं—वे अपने प्रतिद्वंद्वी की सैन्य शक्ति को नहीं, बल्कि उसकी राजनीतिक इच्छाशक्ति, भूगोल, सामाजिक सहनशीलता और रणनीतिक क्षमता को कम आंक लेती हैं। २८ फरवरी २०२६ को ईरान के विरुद्ध अमेरिका और इज़राइल द्वारा शुरू किया गया सैन्य अभियान भी कुछ … Read more

भारतत्व रस पीता हूँ

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* साष्टांग प्रणत पल पल ‘निकुंज’ नवगीत मीत मुस्काता हूँ,हूँ शब्द शून्य अहसास विरत, बस शून्य स्वप्न इठलाता हूँ। रचना विलास पाऊँ मिठास, अभिलाष हास बन मैं बन जाता,बस खास पास भारत विकास, कण-कण निज स्वत्व लुटाता हूँ। अरुणिम विभास पौरुष सुवास रनिवास वतन पथ जाता हूँ,उच्छ्वास सदा पूजन वंदन, भारतत्व प्रीत रस पीता हूँ। चहुँ नवविहान उद्भान गान मुस्कान लोकहित बस गाता,प्रमाद त्याग आह्लाद स्वाद भू हरित लसित … Read more

मजदूरों की पीड़ा उकेर कर डॉ. दीप्ति खरे बनीं प्रथम विजेता

इंदौर (मप्र)। हिंदीभाषा डॉट कॉम परिवार द्वारा मातृभाषा हिंदी के प्रचार निमित्त मई माह में १०७ वीं स्पर्धा आयोजित की गई। ‘मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ?’ विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में डॉ. दीप्ति खरे ने प्रथम विजेता (पदय) बनने का सम्मान पाया है।यह जानकारी मंच-परिवार की सह-सम्पादक श्रीमती अर्चना जैन और … Read more

वर्ष २०२६ के विष्णु प्रभाकर स्मृति राष्ट्रीय प्रोत्साहन सम्मान घोषित

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दिल्ली। गांधी हिन्दुस्तानी साहित्य सभा एंव विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान द्वारा संचालित सन्निधि संगोष्ठी के वर्ष २०२६ के विष्णु प्रभाकर स्मृति राष्ट्रीय प्रोत्साहन सम्मान घोषित कर दिए गए हैं। इसके अंतर्गत प्रयागराज की शाम्भवी दुबे को साहित्य क्षेत्र के लिए सम्मानित किया जाएगा।   सभा की अध्यक्ष कुसुम शाह व प्रतिष्ठान के मंत्री अतुल प्रभाकर के अनुसार … Read more

६ को डॉ. शुक्ल की २ कृतियों का विमोचन

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इंदौर (मप्र)। पूर्व प्राचार्य डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्ल की हिंदी में चतुर्थ प्रकाशित लघुकथा संग्रह ‘चुप्पी के नेपथ्य में’ तथा अनुवादित १३वीं कृति ‘बदलता भारत’ (उर्दू) का लोकार्पण समारोह शनिवार ६ जून को शाम ५ बजे, इंदौर प्रेस क्लब में होगा। आयोजन के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार सूर्यकांत नागर, मुख्य अतिथि नाजमा खान (वरिष्ठ अधीक्षक, इंदौर … Read more

सुरभित संध्या में बही काव्य सरिता

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मुंबई (महाराष्ट्र)। महिला काव्य मंच (मध्य मुंबई इकाई) की आभासी काव्य गोष्ठी में साहित्य, संगीत और अभिव्यक्ति की सुंदर प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। संयोजन इकाई अध्यक्ष सत्यभामा सिंह ‘सिया’ ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ रोमा झा की सरस्वती वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि हल्द्वानी से पुष्पलता ‘पुष्प’ उपस्थित रहीं। विशेष उपस्थिति में सीमा … Read more

मोल समझ लो…

ममता साहूकांकेर (छत्तीसगढ़)************************************* दो जून की रोटी,बड़ी मुश्किल से है आईकड़ी मेहनत की पिता ने,थककर भी न ली अंगड़ाई। खून पसीना बहाकर,जोड़ी पाई-पाईदो जून की रोटी के लिए,हालातों से की लड़ाई। परिवार का करने पोषण,माँ ने बड़ी हिम्मत दिखाईचूल्हे में आग जलाकर,खुशी-खुशी रोटी पकाई। ख़ुद भूखी रहकर,सबको भरपेट खिलाई।किस्मत से मिलती है दो जून की … Read more

बिखरते रिश्ते, सिमटते लोग

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* आज के रिश्ते बिखरने लगे,सभी अपने स्वार्थों में ही लिपटे रहे। लोग अपने आप में सिमटते गए,सभी अपनी खुशी में ही मस्त होते रहे। दुनिया की तरफ देखने से भी सहमते रहे,बस अपने-आपसे ही सम्बन्ध रखते रहे। ऊपर के फ्लैट में कौन रह रहे हैं, नहीं जानते,क्योंकि नाता रखना ही नहीं … Read more