सपनों का बोझ या व्यवस्था की नाकामी!
ललित गर्गदिल्ली*********************************** कुरुक्षेत्र स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में २ महीने में ४ छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं केवल एक संस्थान की त्रासदी एवं नाकामी नहीं हैं, बल्कि पूरे भारतीय समाज, शिक्षा व्यवस्था और हमारी सामूहिक संवेदनहीनता पर लगा गहरा प्रश्नचिह्न हैं। ये घटनाएं हमें झकझोरती हैं, कि आखिर वह कौन-सी परिस्थितियाँ हैं, जिनमें देश की … Read more