फिर लौटकर नहीं आते
कल्याण सिंह राजपूत ‘केसर’देवास (मध्यप्रदेश)******************************************************* फिर नहीं बसते वो बाग,जो एक बार उजड़ जाते हैं। लाख पुकारो वो लौटकर कभी नहीं आते,जो एक बार चले जाते हैं। बड़ा होता है पिता, जो खुद केसपनों का गला घोंट कर,हर पल औलाद के सपने सजाते हैं। फना कर दी खुद की ज़िंदगी जिसनेऔलाद को खुश रखने में,वो … Read more