काव्य प्रस्तुतियों से उड़ाए कवियों ने होली के बेहतरीन रंग

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गाजियाबाद (उप्र)। होली के उपलक्ष्य में अजनारा इंटीग्रिटी राज नगर एक्स. (गाजियाबाद) में राष्ट्रीय कवि वैभव शर्मा के संयोजन में साहित्य सनातन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली क्षेत्र से अनेक प्रतिष्ठित कवि एवं कवयित्रियों ने काव्य प्रस्तुतियों से होली के रंग, प्रेम, उल्लास और भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं का सजीव चित्र प्रस्तुत किया।संगोष्ठी … Read more

त्याग, तप और तेज का पर्याय ‘वीर सावरकर’

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* विनायक दामोदर सावरकर, जिन्हें आदरपूर्वक ‘वीर सावरकर’ कहा जाता है, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन अग्रदूतों में थे; जिनकी लेखनी और कर्म दोनों में अदम्य राष्ट्रप्रेम धधकता था। उनका जन्म २८ मई १८८३ को महाराष्ट्र के भगूर ग्राम में हुआ। बाल्यावस्था से ही उनमें स्वाधीनता की ज्वाला प्रज्वलित थी। … Read more

अन्य भारतीय भाषाएँ हमारी मौसी की तरह, सम्मान अवश्य करें

पूना (महाराष्ट्र)। यदि हमारी मातृभाषा हमारी माँ है तो अन्य भारतीय भाषाएँ हमारी मौसी की तरह हैं। यदि हम माँ का सम्मान करते हैं तो मौसी का भी सम्मान अवश्य करेंगे।यह बात भाषाविद डॉ. एम.एल. गुप्ता ‘आदित्य’ ने मुख्य वक्ता के रूप में संगोष्ठी में कही। अवसर रहा ‘अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ पर शिक्षा संस्कृति उत्थान … Read more

शांति बहुत जरूरी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** खुश रहने के लिए शांति बहुत जरुरी है,जीवन खुशहाल रहे, प्यार बहुत जरूरी है। हम-तुम खुश हों, सबका साथ बहुत जरूरी है,प्यार लो, प्यार दो, सबका विश्वास बहुत जरूरी है। हमारी आवश्यकताओं का कोई अंत नहीं है,इसलिए जो जितना है, में संतोष होना जरूरी है। आकांक्षा रहे ऊंची, पर ईमानदार होना भी … Read more

जो कभी कहा नहीं

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जो कभी कहा नहीं, आज निश्चित कहूँगा,तेरे प्यार की धारा में मैं दूर तक बहूँगाआती हैं याद अक्सर, अब वो पुरानी बातें,वो मीठी-मीठी बातें, वो प्यारी मुलाकातेंतुम मिली हो अँधेरे में, रोशनी की तरह मुझे प्रिये,तुम मिली हो निशा में चाँदनी की तरह मुझे प्रियेआँखों में बस जाओ काजल की तरह … Read more

नारी के रंग, होली के संग

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** हर पल-हर क्षण का रंग बदल जाता,कभी स्नेह का आँचल फहरा जाताआशा का स्पंदन कभी ठहर जाता,बाल्यकाल गुलाबी सपनों कीलाली साथ में लेकर आता। इंद्रधनुषी मुस्कान कोयौवन हमेशा साथ लाता,कभी पीड़ा का धूसर रंगभी विरह अपने में समेट लेता। मुख पर धैर्य सजा रखती है,अडिग विश्वास भी हमेशा होतामाँ बनकर वह पीत … Read more

तेरी वो प्यारी छवि

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* कण-कण गवाह मथुरा के,मेरे कृष्ण जन्म लिए वहाँअंगूठे पर खड़े होकर,भीड़-भरी आबादी में। जो देखा मैंने उस दिन,कृष्ण की अनोखी छवि वहाँकाले-काले घुँघर बालों वाले,हँसता-हँसता श्याम चेहरा। भूल न पाऊँ एक पल भी,तेरी वो प्यारी-प्यारी छविकाली-काली वो अनूप छाया,सिर्फ़ एक पल आँखों में बसी। आँखों के अंदर ही रहना,मेरा दिल तुझको … Read more

रुद्राक्ष हो या इंसान… ‘एकमुखी’ बहुत कम मिलते

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** सतरंगी दुनिया… ‘ईमानदारी’ का महत्व इसी बात से समझ में आता है, कि जो व्यक्ति स्वयं गलत काम करता है, परंतु अपने नौकर से ईमानदारी की अपेक्षा करता है। वफादार सभी कोई चाहते हैं, परन्तु स्वयं कोई बनता नहीं चाहता। “हमारे देश में सरकारी अस्पताल का मतलब है-जान से … Read more

आप आराध्य हैं

प्रीति तिवारी कश्मीरा ‘वंदना शिवदासी’सहारनपुर (उप्र)************************************************** आप हैं देवता, आप आराध्य हैं।भक्ति से हैं सुलभ शेष दु:साध्य हैं॥ सबके हित आपने है सदा विष पीया,आप त्यागी परम तब ही सब जग जीया।कर्म फल सबको देने को पर बाध्य हैं,आप हैं देवता, आप आराध्य हैं…॥ सारी योनि में भोगों में ‌बस आप हैं,बह्म-चिंतन में योगों में … Read more

‘श्री नरेश मेहता के खण्ड काव्य और जीवन-दर्शन’ का विमोचन किया निदेशक डॉ. दवे ने

इंदौर (मप्र)। ‘वीणा’ के सम्पादक राकेश शर्मा की कृति ‘श्री नरेश मेहता के खण्ड काव्य और जीवन-दर्शन’ का विमोचन चेन्नई के साहित्यकार बी.एल. आच्छा, हिन्दी साहित्य अकादमी मप्र के निदेशक डॉ. विकास दवे और श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति इंदौर के प्रधानमंत्री अरविंद जवलेकर ने किया। श्री मेहता के जन्मदिन पर हुए इस विमोचन … Read more