खुशियाँ बाँटिए

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सुन लो खुशियाँ बाँटिए, तब पाओ आनंद।समझदार जो वे करें, यह संदेश पसंद॥ सुन लो खुशियाँ बाँटिए, तभी खिलेंगे फूल।हो जाएँगे राह के, दूर आज सब शूल॥ सुन लो खुशियाँ बाँटिए, तभी हाथ में हर्ष।दुआ मिले, शुभकामना, सुखद रहे हर वर्ष॥ सुन लो खुशियाँ बाँटिए, तभी बनेगी बात।अमन-चैन की हाथ में, … Read more

हवा भी छूने लगी नदी का बदन

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* हवा भी हौले से छूने लगी नदी का बदन,लहरों में भी होने लगी हलचल जैसे मेरे दिल ने महसूस की सूरज की पहली किरण,नदी में हलचल उठने लगी सजीव सी। उसका हृदय झंकृत हुआ, हुआ अजीब-सा,ऐसी मचली कि मदमस्त हो गई पागल-सी उसकी धाराएँ कभी लातीं मुस्कान, हँसने-सी,नदी यह चली हवाओं … Read more

‘डॉ. रामकुमार घोटड़ लघुकथा साहित्य सम्मान’ हेतु प्रविष्टि आमंत्रित

पूना (महाराष्ट्र)। ‘डॉ. रामकुमार घोटड़ लघुकथा साहित्य सम्मान’ २०२६ के लिए प्रविष्टि आमंत्रित हैं। वर्ष २०२५ में प्रकाशित लघुकथा विधा से संबंधित पुस्तक के लिए यह दिया जाएगा।        महाराष्ट्र राष्ट्रभाषा सभा पुणे द्वारा दिए जाने वाले इस पुरस्कार के बारे में अध्यक्ष डॉ. नीला बोर्वणकर ने बताया कि सम्मान के लिए महाराष्ट्र … Read more

….बिके तो सपनों का रक्त बहा

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* ‘नीट’ परीक्षा के प्रश्न बिके तो  सपनों का रक्त बहा,मेहनत करने वाला छात्र भीतर ही भीतर चुप रहा।रातों जागे नयनों प्रतिफल जब सौदे  में बँट जाता-विश्वासों का टूटा दर्पण अभिभावक ने स्वयं सहा॥ कितनी आशाओं के दीप उत्तर-पुस्तक संग बुझते,सच्चे श्रम के कोमल पौध भ्रष्ट हवाओं में झुलसते।धन के आगे ज्ञान झुके तो शिक्षा शव बन जाती … Read more

प्रेम गीतों से सजी पुस्तक ‘काग़ज़ पर ठहरा प्रेम’ लोकार्पित

भोपाल (मप्र)। आरिणी चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वाधान में दुष्यंत कुमार स्मारक पाण्डुलिपि संग्रहालय (भोपाल) में प्रेम पत्रों एवं प्रेम गीतों से सजी पुस्तक ‘काग़ज़ पर ठहरा प्रेम’ (संपादन डॉ. मीनू पांडेय ‘नयन’) का लोकार्पण किया गया। अध्यक्षता डॉ. विकास दवे (निदेशक, साहित्य अकादमी मप्र) ने की।         आयोजन के मुख्य अतिथि राजेश भट्ट … Read more

‘दूर तुम क्या हुए, अश्रु बहने लगे’-प्रो. खरे 

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मंडला (मप्र)। प्रसिद्ध आराधिका साहित्यिक सांस्कृतिक समूह ने ६७ वीं आभासी काव्य गोष्ठी आयोजित की, जिसका संयोजन डॉ. निधि बोथरा ने किया। अनेक कृतियों के सृजक प्रो. शरद नारायण खरे, (मंडला) ने इसमें तरन्नुम में विरह गीत ‘दूर तुम क्या हुए अश्रु बहने लगे, दर्द को, पीर को खुलके कहने लगे’ प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध … Read more

डॉ. कमल चन्द्र लोहनी सम्मानित

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लखनऊ (उप्र) | एसएसडी पब्लिक स्कूल (अलीनगर) में आयोजित लखनऊ काव्य संगम के दौरान काशी हिन्दी विद्यापीठ एवं सुनहरी छांव साहित्यिक संस्था द्वारा उत्तराखण्ड के शिक्षाविद् एवं कवि डॉ. कमल चन्द्र लोहनी को ‘विद्या वाचस्पति विशेष मानद सम्मान २०२६’ से सम्मानित किया गया। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. राधेश्याम तिवारी ने की। पीठ के कुलसचिव इन्द्रजीत तिवारी के … Read more

भारतीय ज्ञान परंपरा का दिव्य आलोक ‘शास्त्र’

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मानव सभ्यता के विकास में ‘शास्त्र’ का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रहा है। शास्त्र केवल ग्रंथ नहीं, अपितु जीवन को दिशा देने वाले ज्ञान, अनुशासन, नीति, विज्ञान और आध्यात्मिक चेतना के आधार स्तंभ हैं। भारतीय संस्कृति में शास्त्रों को ज्ञान का दिव्य स्रोत माना गया है। ‘शास्’ धातु से निर्मित … Read more

कृत्रिम बुद्धिमता : बढ़ते कदम, जिम्मेदारी सबकी

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** कृत्रिम बुद्धिमता (ए.आई.) एक ऐसी तकनीक है, जो कम्प्यूटर और मशीनों को मानव सीखने, समझने, समस्या समाधान, निर्णय लेने, रचनात्मकता और स्वायत्तता का अनुसरण करने में सक्षम बनाती है।    ए.आई. से सज्जित एप्लिकेशन और उपकरण वस्तुओं को देख और पहचान सकते हैं। ये मानवीय भाषा को समझ सकते हैं। ये नई … Read more

तपती दुपहरी में

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ जेठ वैशाख का वह ‘प्रखर’ समय,जब ‘सूरज’ सिर के ऊपर आएचिलचिलाती ‘धूप’ में गर्म हवाएं भी लाए,तो लोग पूछते हैं,-कैसा लगता है इस तपती दुपहरी में…? तलाशता है मन ‘छाया’ व सुकून के वह पल,शीतलता की प्यास में ठंडा-सा जलतृप्ति के लिए इन ‘गर्म’ दिनों में भी निकलता तो हूँ … Read more