माँ का आँचल वसुधा-सा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)…. माँ का आँचल प्यार है, जिसमें है संसार।माँ चंदा का रूप है, सूरज का उजियार॥ वसुधा-सा करुणामयी, माँ का आँचल सार।माँ शुभ का करती सृजन, करे अशुभ पर वार॥ माँ में सारी सृष्टि है, माँ लगती ब्रम्हांड।माँ के आँचल में भरे, रामायण के कांड॥ माँ … Read more

आँचल की छाँव

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)….            आज सुबह-सुबह उसे फिर माँ की याद आ गई।       …लगता है जैसे घर का सूरज ही अस्त हो गया। घर के सौन्दर्य के अभाव को तुम ही तो पूरा करती थी माँ! सुबह ६ से शुरू होने वाली तुम्हारी दिनचर्या रात ११ बजे … Read more

माँ का संसार

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** सबका संसार ‘माँ’ (‘मातृ दिवस’ विशेष)… माँ कितना करती हैदुलार मुझे,बिछा कर रखतीमाँ मुझे पलकों पर,दिला जाती दुनिया का सुखक्या दुनिया में माँ से कोई बेहतर है ?शायद नहीं। अगर माँ नहीं तो माँ के बिनाइन्सान दुनिया में महज पत्थर बन रह जाएगा,कोई नहीं होगा रिश्तों की दुनिया मेंइन्सान किससे नेह … Read more

अदम्य साहस का प्रदर्शन किया था वीर सैनिकों ने

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* भारतीय सेना… (‘आपरेशन सिंदूर’ दिवस विशेष)….           भारत की नारियों के लिए सिंदूर सम्मान और गर्व का प्रतीक है। जब इस सम्मान पर आघात हुआ, तो पूरे देश में दुःख और आक्रोश फैल गया। २६ अप्रैल २०२५ को हुए हमले में निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया। … Read more

‘कवि के मन से’ काव्य संग्रह का हुआ लोकार्पण

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दिल्ली। साहित्य अकादमी, नई दिल्ली के सभागार में ३० अप्रैल को विख्यात कवि डॉ. लक्ष्मी शंकर वाजपेयी के कविता संग्रह ‘कवि के मन से’ का लोकार्पण किया गया। अध्यक्षता साहित्य अकादमी सम्मान प्राप्त वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती ममता कालिया ने की। आयोजन में श्रोतागण को देश के मूर्धन्य रचनाकारों बालस्वरूप राही, प्रताप सहगल, डॉ. ओम निश्चल, … Read more

श्रम की गरिमा और समाज की संवेदना

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)…. यदि हम मानवता के विकास का इतिहास देखते हैं तो एक सत्य निकाल कर सामने आता है कि संसार की प्रत्येक भव्य इमारत व प्रत्येक विकसित नगर और प्रत्येक सुविधा के पीछे मजदूरों का श्रम छिपा हुआ है। समाज का निर्माण केवल … Read more

पाठक को बांधे रखती है ‘मैं डॉक्टर नहीं हूँ’कहानी-श्री तिवारी

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भोपाल (मप्र)। आज कहानी संवाद में पढ़ी गई दोनों कहानियाँ मनोविज्ञान पर आधारित हैं। शकुंतला मित्तल की कहानी ‘मैं डॉक्टर नहीं हूँ’, भ्रम और स्मृति के बीच के अंतर को रेखांकित करती है। मनोविज्ञान जैसे कथानक पर कहानी लिखना बहुत कठिन है। उसके लिए कहानीकार को एक मनोचिकित्सक की भांति उपचार करना पड़ता है। यह … Read more

१० को पुस्तक ‘जितेन्द्र पाण्डेयःव्यक्तित्व और सृजन’का लोकार्पण

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मुम्बई (महाराष्ट्र)। प्रख्यात व्यंग्यकार और लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक ‘जितेन्द्र पाण्डेयःव्यक्तित्व और सृजन’ का लोकार्पण १० मई को आज़मगढ़ स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में दोपहर २ बजे किया जाएगा। कवि लाल बहादुर चौरसिया ‘लाल’ ने बताया कि कार्यक्रम तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी (आज़मगढ़ इकाई) के संयुक्त तत्वावधान में होगा। … Read more

२ पुस्तक विमोचित

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देवरिया (उप्र)। नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा सूर्यनारायण गुप्त ‘सूर्य’ की पुस्तक ‘अर्थात् की बरसात तले सूर्य का दर्द’ का विमोचन किया गया। इसके अलावा हाइकु के मराठी अनुवाद ‘हाइकु वाटिका’ (अनुवाद प्रो. ललिता जोगड़) का भी विमोचन हुआ।

मजदूर…

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)… सूरज से पहिले जो जग जाए,जो देर रात को सोता हैशायद उसकी आँखों में भी,खुशहाली का सपना पलता है।  फटे हुए कपड़ों से भी,नहीं शिकायत कोई उसेपेट की आग की खातिर वह,दिनभर धूप में तपता है।  पैरों में पड़ते छालों की,कतई … Read more