‘वंदे मातरम्’ के सम्मान में हुई कल्पकथा काव्य गोष्ठी

सोनीपत (हरियाणा)। कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार के तत्वावधान में २३५वीं साप्ताहिक आभासी काव्य गोष्ठी राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को समर्पित साहित्यिक अनुष्ठान के रूप में आयोजित की गई। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार दिनेश कुमार दुबे (बिलासपुर) ने की। मुख्य आतिथ्य प्रख्यात कवि नन्द किशोर बहुखंडी (देहरादून) का रहा।संस्था की सूचना प्रभारी श्रीमती ज्योति राघव सिंह ने बताया … Read more

‘संतोष श्रीवास्तव कथा सम्मान’ से आशा शर्मा पुरस्कृत

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भोपाल (मप्र)। मध्य प्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति एवं हिंदी भवन न्यास (वर्धा) द्वारा २०२४ से स्थापित पुरस्कार ‘संतोष श्रीवास्तव कथा सम्मान’ इस वर्ष बीकानेर की अभियंता आशा शर्मा को उनकी पुस्तक ‘आगेती फसल’ के लिए दिया गया। संतोष श्रीवास्तव, साहित्य अकादमी मप्र के निदेशक व संस्था के मंत्री-संचालक डॉ. विकास दवे और अन्य अतिथियों ने … Read more

तेरे दरबार में लगा दी अर्जी

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** तेरे दरबार में लगा दी अर्जी,सुने ना सुने, बाकी तेरी मर्जी। सीता कहो या राम कहो,राधा कहो या श्याम कहो। सबकी सुनने वाले भोले,चाहे वीर हनुमान कहो। हमने तो सब सुना दिया,दिल की व्यथा को बता दिया। समझे या फिर ना समझे,इसके आगे भोले तेरी मर्जी। सबकी नैया पार लगाने वाले,सबकी बिगड़ी … Read more

होड़ से परे फकीरी में ठहरा मन

डॉ. शैलेश शुक्लाबेल्लारी (कर्नाटक)**************************************** आज मन कुछ रुका, कुछ ठहरा-सा है,खिन्न नहीं-मौन में कुछ गहरा-सा है। अध्यात्म ने वाणी को थोड़ा थाम लिया,ईश्वर की सृष्टि पर चिंतन का काम दिया। प्रभात की रश्मियों संग चेतना जागी,वैराग्य की कोई सूक्ष्म-सी तान लागी। संसार से नहीं, उस होड़ से हो रही विरक्ति,जो हर श्वांस से निरंतर छीन … Read more

अपने फर्ज को कभी नहीं भूलें

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ धर्म की उस लौ को फिर जलाया जाना चाहिए, क्योंकि वर्तमान समय में रिश्तों में दरार है। रिश्तों में बढ़ती खटास को मिटाने के लिए हमारी अपनी वह भारतीय संस्कृति व परंपरा का दौर फिर लाने हेतु सामाजिक स्तर पर आगे आने की जरूरत आन पड़ी है, क्योंकि इस समय … Read more

पुस्तक प्रकाशन के लिए लेख ३१ मार्च तक

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गढ़वाल (उत्तराखंड)। ‘भारतीय ज्ञान परम्परा:साहित्य, समाज और पर्यटन का समन्वयात्मक अध्ययन’ विषय पर एक संपादित पुस्तक प्रकाशित किए जाने की योजना बनाई गई है। इस महती शैक्षणिक प्रयास को सफल बनाने में सभी के रचनात्मक सहयोग हेतु लेख भेजने की अंतिम तारीख ३१ मार्च २०२६ है। प्रधान संपादक डॉ. मंजू कोगियाल एवं डॉ. आशीष कुमार … Read more

यादगार रेल यात्रा

आचार्य संजय सिंह ‘चन्दन’धनबाद (झारखंड )*************************************************** धनबाद स्टेशन में पकड़ी मैंने रेलगाड़ी,पास खड़ी थी कोयला लदी मालगाड़ीमेरे ए.सी. डब्बे में पहुँचाया सामान कुली, जो था भारी,अपनी सीट पर बैठ मैंने शुरू की रेल सवारी। ‘वातानुकूलित’ में भी भीड़ मची थी हाहा-कारी,शादी, लगन, विवाह से रेलगाड़ी की यह लाचारीसीटों के आरक्षण पर भी जबरदस्त थी मारामारी,खचाखच … Read more

पूजा और पाखंड के बीच खड़ा मनुष्य

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* मनुष्य की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि वह पूजा को साधना कम, प्रदर्शन अधिक बना लेता है। मंदिर, मस्जिद, गिरजों और गुरुद्वारों में भीड़ बढ़ रही है, पर पड़ोस के भूखे की थाली खाली है। माथे पर तिलक, हाथों में माला, होंठों पर मंत्र और व्यवहार में छल, … Read more

रोज़-डे

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)************************************ ललिता अपनी बॉलकनी में खड़ी हुई थी, तभी निगाह अपने घर के सामने रहने वाली धरा के कमरे में पड़ गई। वहाँ आज ‘रोज़-डे’ के अवसर पर शिशिर, धरा को रोज़ का बुके देने के बाद पत्नी को आलिंगनबद्ध करते देख कर वह स्वयं भी अपने प्रियतम से रोज़ के बुके लेकर … Read more

विजय प्राप्त करें

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* विजय प्राप्त करें,आओ विजय प्राप्त करें। शील का पालन करके,शरीर पर विजय प्राप्त करेंवाणी व्याप्त स्थूल विकारों पर,मौन रखकरविजय प्राप्त करें।आओ विजय प्राप्त करें… मन में उत्पन्न होने वाले,विकारों पर एकाग्रता सेविजय प्राप्त करें,आओ विजय प्राप्त करें। सुख-दु:ख और प्रेम-घृणा पर,ध्यान लगाकर, चिंतन करकेविजय प्राप्त करें,आओ विजय प्राप्त करें। गलत ज्ञान … Read more