शिव समान नहीं कोई दूजा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* शिव समान नहीं कोई दूजा, करो नित्य सब उनकी पूजा।शिवजी की तो अति है माया, उनके बल है सबको भाया॥ शिव समान नहीं कोई दूजा, करो प्रेम से उनकी पूजा।मंगलमय मौसम हैं लाते, भक्त सभी उनके गुण गाते॥ शिव समान नहीं कोई दूजा, सभी कर रहे उनकी पूजा।औघड़दानी की जय बोलो, … Read more

प्रो. शरद नारायण खरे को मिला ‘विशेष उत्कृष्टता सम्मान-२०२६’

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मंडला (मप्र)। साहित्य मंच व प्रकाशन श्याम साहित्य मंच द्वारा लब्धप्रतिष्ठित साहित्यकार प्रो. शरद नारायण खरे को उनकी सृजन सक्रियता, गुणवत्ता, छंद विशेषज्ञता व दीर्घकालिक साहित्य सेवाओं के मद्देनजर ‘विशेष उत्कृष्टता सम्मान’ से सम्मानित किया गया है। प्रो. खरे की रचनाएँ पत्र-पत्रिकाओं में सतत प्रकाशित होने के साथ ही मंचों, रेडियो, टी.वी. आदि से भी … Read more

रगों में भ्रष्टाचार

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* लहू के बदले,अब बहतामानव की,रगों में भ्रष्टाचार। हर एक सच्चा नर,हरदम सोचेंक्यूँ हुए सब,इतने भ्रष्ट। लहू के बदले,चाहना ले डूबाहर इंसान को,अच्छा-बुरे का भेद मिटाया। दिल ने मजबूर किया,इच्छा ने हैवान बनायाहर इन्सान को पर,मानव समझ न पाया। अपनी नियति,कब क्यूँ और कैसे ?दिल से मजबूर हुए,समझ न पाया मन। मन … Read more

शिव आए ब्याह रचाने

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** शिव आए पार्वती से ब्याह रचाने, संग में भूत-प्रेत बाराती बना लाएपार्वती की तपस्या आज रंग लाई है,उनके मुखड़े पर खुशियाँ छाई है। अब जाकर वो शुभ घड़ी आई है,जब उनके द्वार पर बजी शहनाई हैशिव के गले में नागों की माला,वो तन पर ओढ़े बाघम्बर छाला। मस्तक पर शोभे चंदा चक-मक,जटा … Read more

फागुन की मस्ती…

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ वसंत की बहार के बाद,रंग-बिरंगा सा मौसम आयाजिसने दुश्मनों को भी दोस्त बनाया,यह त्योहार ही नहीं, फागुन की मस्ती है। झूमते-नाचते ढोलक की थाप पर,चाहे वनवासी हो, या शहरवासीसब मस्त हैं, मौसम का ऐसा जादू छाया,यह त्योहार ही नहीं, फागुन की मस्ती है। गली-मोहल्लों में फाग के गीतों का गुणगान … Read more

डिजिटल धोखाधड़ी:ठोस व निर्णायक कदम जरूरी

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** डिजिटल युग ने भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिक जीवन को अभूतपूर्व गति प्रदान की है। मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, ई-कॉमर्स और ऑनलाइन सेवाओं ने लेन-देन को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाया है। आज एक सामान्य नागरिक भी कुछ सेकंड में देश के किसी भी कोने में धन भेज सकता है, बिल जमा कर … Read more

ईश्वर की लीला

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ कैसी है लीला ईश्वर की,किसी को फूल मिलेकिसी को काँटे मिले,एक झोली में फूल पड़े हैंएक झोली में काँटे हैं,कोई तो ईश्वर का कारण होगा। तेरे-मेरे बस में कुछ भी नहीं,यह सब तो बांटने वाला बांटे हैंकोई तो कारण होगा,पहले बनती है तकदीरेंफिर बनते हैं शरीर,यह तो उस भगवान की कारीगरी हैभला … Read more

‘महाशिवरात्रि’ गोष्ठी से जगाया रचनाकारों ने आध्यात्मिक भाव

सोनीपत (हरियाणा)। सद साहित्य हेतु कृत संकल्पित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार एवं स्नेह संबंध साहित्य सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में भगवान शिव एवं जग जननी पार्वती के पावन परिणयोत्सव ‘महाशिवरात्रि’ के मंगल अवसर पर २३६वीं साप्ताहिक काव्य गोष्ठी अत्यंत आध्यात्मिक भाव-सिक्त वातावरण में आयोजित हुई। कार्यक्रम में शिव-शक्ति के दिव्य मिलन की महिमा का … Read more

सफेद गुलाब

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** आखिरकार उसने दुकान में फ्लेक्स टांग ही दिया। उसका फार्मूला सही बैठा। लड़के-लड़कियों की भीड़ लगना शुरू हो गई। पहले वो फ्लेक्स को पढ़ते, कुछ सोचते, फिर फूल खरीदते। जैसा उसने सोचा था, वैसा ही हुआ। उसे दम मारने की फुरसत नहीं मिल रही थी। दस-पंद्रह वाली गुलाब की कली … Read more

भागलपुर के साहित्यिक अध्याय को समाहित किया है डॉ. तुषार कांत ने

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भागलपुर (बिहार)। ‘पारस’ पारस ही हो सकता है, दूसरा कोई पत्थर पारस नहीं हो सकता है। डॉ. तुषारकांत ने भागलपुर के एक साहित्यिक अध्याय को इस पुस्तक के माध्यम से समाहित किया है।परमहंस स्वामी श्री आगमानंद महाराज ने करतल ध्वनि के बीच वरिष्ठ पत्रकार-लघुकथाकार पारस कुंज के व्यक्तित्व व कृतित्व पर आधारित पुस्तक यूँ ही … Read more