आती रहना तुम…
डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’जमशेदपुर (झारखण्ड)******************************************* ‘विश्व गौरैया दिवस’ विशेष (२० मार्च)…. देखी मैंने नन्हीं प्यारी गौरैया,फुदक रही थी मेरी बगियाठिठक गयी मुझे लखकर,भूली भय, आयी समीप जरा-सा। थी उसको मुझसे कुछ आशा,उसकी थी सच्ची भूख-हताशाचहकन से उसके गुलजार चमन,लौटे ना वो पंछी कभी भूखा-प्यासा। आती रहना तुम नन्हीं चिड़िया,तुम्हें देख मचलती जग गुड़िया।तुम जब फुदकती, … Read more