अपना कौन, सब अकेले

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************************ अब मन नहीं करता,किसी को अपना कहने कारिश्ते बेईमान-से लगते हैं,हर बात अपरिचित-सी लगती है। अब तो अपनी परछाई भी,पराई-सी प्रतीत होती हैआइने में अपना ही चेहरा,धुंधला, थका-थका दिखता है। हम भी अब खुद से,अनजाने हो चलेमन अपना नहीं रहा—बस अपने होने का आभास बचा है। पास बैठा इंसान भी,अब मनुष्य नहीं … Read more

कालिदास ने सिद्ध किया कि प्रेम लौकिक जीवन की वस्तु नहीं-डॉ. सिंह

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देहरादून (उत्तराखंड)। कालिदास सही मायने में पूरे संसार में श्रृंगार के महाकवि के रूप में देखे जाते रहे हैं। वे अपनी अद्भुत रचनाओं से भारत के महान कवि तथा नवरत्न कवि के रूप में प्रसिद्ध रहे। कालिदास ने अपनी रचनाओं में लोक जीवन को समुचित रूप से उतारा और उनका लोक व्यवहार भी उत्कृष्ट है। … Read more

डॉ. स्वाति पांडेय ‘प्रीत’ को मिला साहित्य परिषद और कैलाश कल्पित सम्मान

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लखीमपुर खीरी (उप्र)। अ.भा. साहित्य परिषद अवध प्रांत द्वारा लखीमपुर खीरी की साहित्यकार डॉ. स्वाति पांडेय ‘प्रीत’ को उनके साहित्यिक, शैक्षिक और सामाजिक योगदान के लिए सम्मानित किया गया। यह द्वारका प्रसाद रस्तोगी और रमेश पाण्डेय नें दिया। ‘प्रीत’ को डॉ. हिमांशु सक्सेना ‘अर्श लखनवी’ ने कैलाश कल्पित सम्मान देकर उनके कार्यों की सराहना की। … Read more

आशा, करुणा और मानवीय मूल्यों के पुनर्जागरण का अवसर

ललित गर्गदिल्ली*********************************** ‘विश्व इच्छा दिवस’ (२९ अप्रैल) विशेष…. हर वर्ष २९ अप्रैल को मनाया जाने ‘विश्व इच्छा दिवस’ मानवता के उन कोमल स्पंदनों को अभिव्यक्त करता है, जो हमें एक-दूसरे से जोड़ते हैं। यह संवेदनशीलता, करुणा और आशा का वैश्विक अभियान है। इस दिन का मूल उद्देश्य उन बच्चों के जीवन में खुशी और सकारात्मक … Read more

‘भक्ति शक्ति साहस की त्रिवेणी’ को मिला कृति कुसुम सम्मान २०२६’

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इंदौर (मप्र)। इंदौर संभाग पुस्तकालय संघ द्वारा श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति सभागार में विश्व पुस्तक एवं प्रतिलिपि दिवस पर साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बढ़ते लेखकों पर संतोष और घटते पाठकों पर चिंता व्यक्त की गई तथा पुस्तकों के पठन-पाठन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। समारोह में देशभर से प्राप्त … Read more

जनकनंदिनी की महिमा से गुंजायमान हुई काव्यगोष्ठी

सोनीपत (हरियाणा)। प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित कल्पकथा साहित्य संस्था परिवार (सोनीपत) के सौजन्य से २४६वीं साप्ताहिक काव्य गोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। ‘जय माँ जानकी’ विषय पर हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उप्र की सुप्रसिद्ध साहित्यकार योगेश्वरी भारद्वाज ‘रेखा’ ने की। मुख्य अतिथि साहित्यकार दिनेश कुमार दुबे(छत्तीसगढ़) की … Read more

आँसू बहा लेता हूँ मैं

हरिहर सिंह चौहानइन्दौर (मध्यप्रदेश )************************************ दर्द बहुत है तेरे जाने के बाद,हर पल दुखों का साया नजर आता हैटूट चुका हूँ मैं इतना, समझ में कुछ नहीं आता है,अब बस तेरी यादों में ‘आँसू’ बहा लेता हूँ मैं…। तेरे साथ बीते वह पल भी अजीब थे,छोटी-छोटी ‘उंगलियों’ को पकड़ कर चलता थासाथी तू मेरा स्वाभिमान … Read more

मौसम का सितम

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* मौसम सितम का हाल है ये,हर दिन रंग बदलते रहतेकभी प्रचंड ताप, गर्मी बढ़ाता,कभी रह-रहकर पानी बरसाताकभी आँधी लाकर मन-मौजीपन करता,कभी ओले, तो कभी तूफान लाता। जीना मुहाल हुआ है व्यक्ति का,गर्मी इतनी बढ़ी कि तापमान ४५ डिग्री जा पहुँचालगे जैसे अंगारों पर चल रहे हों,तापमान बढ़ता ही जा रहाअब कितने … Read more

रक्षा करें, लें संकल्प

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* हरा-भरा पर्यावरण, धरती का श्रृंगार।वृक्षारोपण मिल करें, दें जीवन उपहार॥ रक्षण धरती प्रकृति की, हम सबका दायित्व।हरियाली हो हर जगह, तभी सृष्टि अस्तित्व॥ धरा धाम जीवन धुरी, सहे सभी संताप।करें नमन पृथिवी दिवस, गिरि तरु नदियाँ आप॥ मिट्टी जल वन वायु से, चलता जीवन चक्र।इनके बिन जीवन जगत, इन … Read more

पत्नी

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** रात के ११ बज गए थे। गायत्री किचन में बर्तन धो रही थी, महिम अपने बिस्तर पर लेटा हुआ करवटें बदल रहा था।   वह मन ही मन में सोच रहा था, कि मेरी पत्नी को कितनी मेहनत करनी पड़ती है। सुबह के ५ बजे की उठी हुई अभी भी लगी हुई है। बेचारी … Read more