तुम क्या कर सकते हो ?

डॉ. योगेन्द्र नाथ शुक्लइन्दौर (मध्यप्रदेश)***************************************** “अच्छा एक बात बताओ, तुम प्रेम की दीवानगी में मेरे लिए क्या कर सकते हो ?”“शायरी की भाषा में कहूं तो… आसमान का चाँद और सितारे तोड़कर तुम्हारी जींस और अपर में टाँक सकता हूँ!”“वाह… वाह! क्या बात है! अच्छा इसके अलावा…?”“इसके अलावा… तुम इस सारे ब्रह्मांड में मुझे सबसे … Read more

नारी दुर्गा स्वरूप

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** नारी अब केवल कोमल काया नहीं रह गई है,वह शक्ति का अद्भुत भंडार हो गई है। ममता, करुणा, प्रेम की मूर्ति के साथ-साथ,वह जीवन का आधार भी बन गई है। जब वह संसार में माँ का रोल निभाती है,तो अपने आँचल में पूरे जग को समेट लेती है। अपने सपनों को तो … Read more

होली का त्योहार रंगीला

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** होली का त्योहार रंगीला,लाल हरा नीला और पीला। होली का त्योहार रंगीला,बच्चों का संसार रंगीला। खुशियाँ लाए रंग-बिरंगी,पिचकारी में रंग पीला-नारंगी। दूसरों पर सब रंग उड़ेला,खुशी से मिलकर लगाए मेला। चेहरे पर जब गुलाल लगाए,शिकवा-शिकायत भूल जाए। असत्य पर सत्य की विजय,झूठ-फरेब से होती पराजय। ये त्योहार हमें यही सिखाए,दोस्त-दुश्मन गले मिल … Read more

अद्भुत सजा राम दरबार

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** जिस दिन राजतिलक होना था, बना उसी दिन वन का योग,सत्ता का कोई लोभ नहीं था, कभी नहीं चाहा उपभोग। इसीलिए तो राज्य को पाकर भी माता का वचन निभाया,रीत निभाने को रघुकुल की, राम ने वन का वास अपनाया। राजतिलक होना था जिस दिन, उसी दिवस वनवास था पाया,वैरागी के मन … Read more

कहे होलिका दहन-रंग दिलों में घुल रहे

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* आज होलिका दहन है, धर्म कर रहा राज।न्याय, सत्य मंगल लिए, मानवता का काज॥ जली होलिका पापमय, जीत गए प्रहलाद।हर दिल से मिटता रहा, सदा-सदा अवसाद॥ भव्य होलिक दहन है, नरसिंह की जयकार।रंग दिलों में घुल रहे, होली का त्योहार॥ कितना मन भाने लगा, अब यह मोहक पर्व।मान होलिका दहन का, … Read more

बिहार:सत्ता परिवर्तन विकास या विचलन!

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक मोड़ उस समय सामने आया, जब राज्य के लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे नीतिश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने का निर्णय स्वीकार किया और इसके लिए नामांकन भी दाखिल कर दिया। उनके नामांकन के अवसर पर देश के गृह मंत्री का पटना … Read more

‘लघुकथा’ किसी क्षण को पकड़ कर अनुभूति से लिखी जाने वाली विधा

सीहोर (मप्र)। लघुकथा किसी क्षण को पकड़ कर अनुभूति से लिखी जाने वाली विधा है, जिसका आकार, प्रकार, भाषा, अनुभूति में लिप्त होती है। यह शब्दों का खेल नहीं, संकेत की भाषा है जो अंत में अपने पाठकों के दिल में छाप छोड़ जाती है।यह बात वरिष्ठ लघुकथाकार विजय सिंह चौहान (इंदौर) ने वक्ता के … Read more

काव्य-गोष्ठी में बरसे होली के रंग

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दिल्ली। ‘अंतस्’ की ७९वीं मासिक आभासी काव्य-गोष्ठी का आयोजन श्रीमती वंदना कुँअर रायज़ादा की अध्यक्षता एवं संस्था की अध्यक्ष डॉ. पूनम माटिया के संचालन में किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश कुमार शर्मा एवं कृष्ण कुमार दुबे तथा विशिष्ट अतिथि लक्ष्मण सिंह रहे। इसका शुभारंभ सुनीता अग्रवाल द्वारा लोक गीत ‘रंग डारो न हम पर … Read more

खुशियाँ जीवन रंग

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* होली की शुभकामना, करो पटल स्वीकार।खुशियाँ जीवन रंग से, रंजित हो परिवार॥ सतरंगी जीवन लसे, आनंदित हो फाग।समरसता फैले वतन, मानवता अनुराग॥ मिटे सकल दुर्गंध मन, झूठ कपट बदरंग।लगा रंग सद्भावना, सच्चाई सत्संग॥ लगा रंग संवेदना, भरो वेदना घाव।सतरंगों के प्रीत रस, हो अपनापन छाव॥ रंगों से लिपटे बदन, … Read more

मालीखेड़ा में हुआ भव्य कवि सम्मेलन

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मालीखेड़ा (राजस्थान)। राधाकृष्ण मंदिर पर श्रीमदभगवद गीता ज्ञान गंगा यज्ञ में भव्य कवि सम्मेलन भी रखा गया। इसमें राजेन्द्र आचार्य राजन के संयोजन में कवि अरुण गर्ग, भेरू चौहान, डॉ. राजेश पुरोहित, जितेंद्र बलवारा व नितिन प्रजापति आदि ने विभिन्न रसों की कविताओं का पाठ किया। मुख्य अतिथि प्रमोद सैनी रहे, जबकि आयोजक केदार सैनी … Read more