श्रम की गरिमा और समाज की संवेदना

बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)…. यदि हम मानवता के विकास का इतिहास देखते हैं तो एक सत्य निकाल कर सामने आता है कि संसार की प्रत्येक भव्य इमारत व प्रत्येक विकसित नगर और प्रत्येक सुविधा के पीछे मजदूरों का श्रम छिपा हुआ है। समाज का निर्माण केवल … Read more

पाठक को बांधे रखती है ‘मैं डॉक्टर नहीं हूँ’कहानी-श्री तिवारी

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भोपाल (मप्र)। आज कहानी संवाद में पढ़ी गई दोनों कहानियाँ मनोविज्ञान पर आधारित हैं। शकुंतला मित्तल की कहानी ‘मैं डॉक्टर नहीं हूँ’, भ्रम और स्मृति के बीच के अंतर को रेखांकित करती है। मनोविज्ञान जैसे कथानक पर कहानी लिखना बहुत कठिन है। उसके लिए कहानीकार को एक मनोचिकित्सक की भांति उपचार करना पड़ता है। यह … Read more

१० को पुस्तक ‘जितेन्द्र पाण्डेयःव्यक्तित्व और सृजन’का लोकार्पण

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मुम्बई (महाराष्ट्र)। प्रख्यात व्यंग्यकार और लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक ‘जितेन्द्र पाण्डेयःव्यक्तित्व और सृजन’ का लोकार्पण १० मई को आज़मगढ़ स्थित मारवाड़ी धर्मशाला में दोपहर २ बजे किया जाएगा। कवि लाल बहादुर चौरसिया ‘लाल’ ने बताया कि कार्यक्रम तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी (आज़मगढ़ इकाई) के संयुक्त तत्वावधान में होगा। … Read more

२ पुस्तक विमोचित

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देवरिया (उप्र)। नागरी प्रचारिणी सभा देवरिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी द्वारा सूर्यनारायण गुप्त ‘सूर्य’ की पुस्तक ‘अर्थात् की बरसात तले सूर्य का दर्द’ का विमोचन किया गया। इसके अलावा हाइकु के मराठी अनुवाद ‘हाइकु वाटिका’ (अनुवाद प्रो. ललिता जोगड़) का भी विमोचन हुआ।

मजदूर…

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)… सूरज से पहिले जो जग जाए,जो देर रात को सोता हैशायद उसकी आँखों में भी,खुशहाली का सपना पलता है।  फटे हुए कपड़ों से भी,नहीं शिकायत कोई उसेपेट की आग की खातिर वह,दिनभर धूप में तपता है।  पैरों में पड़ते छालों की,कतई … Read more

मेहनत के हाथ

संजय एम. वासनिकमुम्बई (महाराष्ट्र)************************************* मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)…. ईंटों में धड़कन है, लोहे में जान है, उसके पसीने से ही तो देश की शान हैन सुबह देखी उसने, न शाम का आराम,  मजदूर के हाथों से बनता है हिंदुस्तान। ऊँची इमारतें जब आसमां को छूती हैं,  नींव में किसी … Read more

यह राम-कृष्ण की पावन धरती

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* संस्कारों के पुष्प खिलाती, उपवन नवल सजाती है।यह राम कृष्ण की पावन धरती, हम सबको नित भाती है॥ शुभ-मंगल की पवन बह रही, रीति-नीति के मेले हैं,साँच और तप दिलों में रहते, किंचित नहीं झमेले हैं।सीता, अनुसुइया का बल है, संतों की जो थाती है,यह राम कृष्ण की पावन धरती, हम … Read more

सशक्त हस्ताक्षर का चतुर्थ वार्षिकोत्सव १० को

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जबलपुर (मप्र)। संस्कारधानी की क्रियाशील साहित्य संस्था का चतुर्थ वार्षिकोत्सव समारोह १० मई को कला वीथिका (रानी दुर्गावती संग्रहालय, जबलपुर) में आयोजित होगा। संयोजनकर्ता कवि संगम त्रिपाठी (संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा) के अनुसार उद्घाटन प्रातः ११ बजे किया जाएगा और शाम से रात्रि साढ़े ८ बजे तक विमोचन व सम्मान समारोह रहेगा। मुख्य अतिथि … Read more

जर्जर काया

डॉ. गायत्री शर्मा ’प्रीत’इन्दौर (मध्यप्रदेश )******************************************* गहरी होती झुर्रियों में, जीवन का इतिहास दिखा।दुनिया के हर रंग का, इस काया ने स्वाद चखा॥ जर्जर हो गई काया अब तो, दुख के कईं झमेलों से,कभी खुशियाँ बहुत बिखेरी, दुनिया के इन मेलों ने।दर्द के कईं थपेड़ों से भी, मैंने खुद को थाम रखा,गहरी होती झुर्रियों में, … Read more

सिंदूर की शपथ

कमलेकर नागेश्वर राव ‘कमल’,हैदराबाद (तेलंगाना)*************************************************** भारतीय सेना… (‘आपरेशन सिंदूर’ दिवस विशेष)… सीमा पर फिर गर्जन गूंजा, रण का नभ अंगार हुआ,भारत माँ के वीर सपूतों का फिर जयघोष अपार हुआमाथे का सिंदूर बचाने निकली जब रणभेरी थी,भारतीय सेना की गाथा तब इतिहासों से गहरी थी। हिमगिरि की चोटी से लेकर मरुभूमि के विस्तार तलक,हर सैनिक … Read more