बटोही बढ़ता चल

राधा गोयलनई दिल्ली****************************************** बटोही आगे बढ़ता चल, पथ में चुनौतियाँ आएंगी,होना नहीं विकल, बटोही आगे बढ़ता चल। माना कि तुझको पग-पग पर शूल मिलेंगे,शूलों पर चलकर ही तुझको फूल मिलेंगेमुश्किल से घबरा कर साथी, होना मत बेकल,बटोही आगे बढ़ता चल…। जो मुश्किल में घबरा जाता, उसको बहुत डरातीं,जो हिम्मत से करे सामना, उससे खुद डर … Read more

पाप-ताप सब हर गई

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* कठिन भगीरथ तपस्या, आई   सुरसरि धाम।पाप-ताप सब हर गई, लेकर शिव का नाम॥ बँधी हुई शिव की जटा, करती मंद प्रवाह।धरती का कल्याण कर, बाँटे नव    उत्साह॥ पुण्य सलिल उतरी धरा, सगर-पुत्र उद्धार।गंगाजल स्पर्श से, पापमुक्त संसार॥ गंगा केवल नीर नहीं, भारत की    पहचान।सनातनी संस्कृति सरित, जनमानस सम्मान॥ गंगोत्री ऋषिकेश से, बहती    हरिद्वार।तीर्थराज संगम बही, गंगासागर धार॥ कल-कल बहती संदेश।प्रयाग से … Read more

बिखरे-बिखरे से इशारे

नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* बिखरे-बिखरे से इशारे,तेरी यादों के सहारेजी रहे हैं अब भी हम, तेरे ही इशारे,चुपके-चुपके दिल ये पूछे। कहाँ गए तुम छोड़ करे मुझे बेसहारे,बिखरे-बिखरे से इशारेअब भी मेरा दिल देखे तेरी राह,तूने क्या किए इशारे, अधूरे-अधूरे बिखरे-बिखरे। कैसे समझूं मैं तेरे इशारे ?, बिखरे-बिखरे,आती है याद तेरी, अब पुराने इशारे।आँखों ही … Read more

गर्व होता भाइयों पर

ममता सिंहधनबाद (झारखंड)***************************************** ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष… हमें गर्व होता है अपने भाइयों पर,शोर मचाता और हर्षाता स्वर। भाई जिसके भी होते हैं,वो बड़े खुशनसीब होते हैं। एकसाथ खेल कर बड़े होते हैं,और साथ में बाजार जाते हैं। जो काम एक भाई करता है,दूसरा भी वो काम करता है। छोटे भाई को कोई जब भी … Read more

धरती झुलस रही

संजय वर्मा ‘दृष्टि’ मनावर (मध्यप्रदेश)******************************** आसमां से बरसती आग,धरती झुलस रही गर्मी सेगर्मी ने किया बेहाल,पेड़-पौधों ने बचा ली धरती की तपिशजहां पेड़-पौधे नही थे,वहाँ तरस रही धरती छाँव को। सूरज से गुहार करना बेकार,बादलों से कर लो दोस्तीये बचा लेंगे प्राण,भटक रहे वाहन और राहगीरपशु-पक्षी छाँव के आसरे को। धरती की सूखी जमीन कह रहीअपनी … Read more

पीर सताती है सदा

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* जो वियोग में रह रहा, उसको होती पीर।मीत नहीं है पास में, तो बिलखे हर धीर॥ पीर दर्द का नाम है, मानव चिंतायुक्त।केवल साहस से मनुज, हो सकता है मुक्त॥ पीर मिले तो आदमी, भय में जाता डूब।रखे हौसला तब उगे, साहस की मृदु दूब॥ पीर सताती है सदा, नैनों को … Read more

रात भी बड़ी अजीब होती

डॉ. श्राबनी चक्रवर्तीबिलासपुर (छतीसगढ़)************************************************* ये रात भी बड़ी अजीब होती हैं,एक हसीना की तरह हसीनकभी रंगीन तो कभी कमसिन। रैन नशीली है और चाँद जवां,नैनों में तेरे यामिनी की सबाचले जब तेज़ तो हो जाए हवा। निशिगंधा से निशि खिल उठे,सितारों से विभावरी जगमगा उठेबाँसुरी की धुन सुन मन झूम उठे। इस रजनी में सजनी … Read more

धूम्रपान की तलब बुरी

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)********************************** धूम्रपान की तलब बुरी हैसदा ध्यान यह रखना,बीड़ी-तम्बाकू का सेवननहीं भूल कर करना। धीरे-धीरे असर हो रहानहीं समझ में आता,टी.बी., कैंसर आदि भयानकरोग ज़हर बन जाता । सुंदर स्वस्थ शरीर बनाएँ,दुर्लभ यह जीवन है।प्राणायाम-योग के द्वारा,सुख होता संभव है॥

भाई का रिश्ता सबसे मजबूत

दीप्ति खरेमंडला (मध्यप्रदेश)************************************* ‘विश्व भाई दिवस’ विशेष… भाई का रिश्ता दुनिया में,होता सबसे मजबूत हैछाँव बने जो कड़ी धूप में,जाड़े में हल्की धूप है। बचपन की मीठी यादों का,वह सबसे प्यारा हिस्सा हैलब पर जो लाए मुस्कान,वह ऐसा प्यारा किस्सा है। कभी रूठता, कभी मनाता,हर सुख-दु:ख में साथ निभाताहिम्मत बन कर खड़ा साथ में,हर मुश्किल … Read more

प्रेम विश्वास से विजयी संसार

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* प्रेम दया विश्वास से, सुंदर घर निर्माण।कटु वाणी से टूटकर, बिखरे खुशियाँ प्राण॥ बचपन की मुस्कान से, महके गली सुहात।मिल-जुल कर जब लोग हों, मुस्काए जज़्बात॥ सत्य मार्ग पर जो चला, नहीं डरा  आघात। संघर्षों से नित लड़े, फँसा नहींं जज़्बात॥ अहंकार के वृक्ष से, अंतस हो  कमजोर।समझ गिरा वह लक्ष्य पथ, उपहासित चहुँ … Read more