शान्ति स्थापित, लोक मंगल

सरोज प्रजापति ‘सरोज’मंडी (हिमाचल प्रदेश)*************************************** युद्ध और शांति: जरूरी क्या ?.. युद्ध संहार सदा सर्वदा,होती न शान्ति, परिणाम भयावहयुद्ध वैमनस्य, विरोध परिणाम,युद्ध विनाश, विनाश भयावह। मौत का तांडव दुरूह विचार,बेमौत तांडव,निरीह विचारचहुं ओर लोथ संकट संचार,कहे मानव, शक्ति प्रचंड विचार। गोद सूनी आँखें नम सिंदूर मिटा,पूछें, मासूम साया जो छूटाअपनो की माला, मोती टूटा,अमर रहे, … Read more

हनुमान जी करते नित कल्याण

प्रो.डॉ. शरद नारायण खरेमंडला(मध्यप्रदेश)******************************************* हनुमान जयंती विशेष…. रामेष्ट हनुमान जी, करते नित कल्याण।जीवन सब कष्ट हर, मारें तीखे बाण॥ रामेष्ट हनुमत प्रखर, हर लेते हर पीर।बहुत गुणी थे मान्यवर, रहें सदा ही धीर॥ अंधकार का कर हरण, बाँटें नित आलोक।रामेष्ट हनुमान जी, नष्ट करें सब शोक॥ रामेष्ट हनुमान जी, सचमुच दयानिधान।भय, भूतों को मारकर, रखें … Read more

निर्मल उन्मुक्त बचपन

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* हरे-भरे मैदान में बच्चे दौड़ लगाते,हँसी की मीठी धुन में सपने झिलमिलाते। नीले गगन तले खुशियों का है मेला,हर नन्हा दिल जैसे रंगों का अलबेला। कोई आगे बढ़ता, कोई पीछे आता,मस्ती की राहों में सब संग मुस्काता। छोटी-छोटी बातें, बड़े-बड़े अरमान,खेल-खेल में सीखें जीवन का सम्मान। हवा संग उड़ते … Read more

आधुनिक हिंदी आलोचना के मार्गदर्शक व्यक्तित्व प्रो. सुशील कुमार शर्मा

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)***************************************** समकालीन हिंदी साहित्य के विस्तृत परिदृश्य में कुछ ऐसे व्यक्तित्व उभरते हैं, जिनकी उपस्थिति केवल उनके लेखन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वे एक विचारधारा, एक बौद्धिक परम्परा और एक सांस्कृतिक चेतना का प्रतिनिधित्व करने लगते हैं। प्रो. सुशील कुमार शर्मा इसी श्रेणी के ऐसे विशिष्ट साहित्यकार और आलोचक हैं, जिन्होंने … Read more

डॉ. विकास दवे उप-सभापति मनोनीत, साहित्य जगत में हर्ष की लहर

इंदौर (मप्र)। देश की प्रतिष्ठित और इंदौर स्थित प्राचीनतम साहित्यिक संस्था श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति में साहित्य अकादमी मप्र के ऊर्जावान निदेशक डॉ. विकास दवे को उप- सभापति मनोनीत किया गया है। बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी डॉ. दवे को यह जिम्मेदारी दिए जाने से शहर के साहित्य जगत में भी हर्ष की लहर है।शहर … Read more

अहंकार से नहीं जीता जा सकता युद्ध

पद्मा अग्रवालबैंगलोर (कर्नाटक)*********************************** पश्चिम एशिया की धरती की तपती रेत पर जो युद्ध आरंभ हुआ था, उसके पीछे चंद घंटों में विजय का स्वप्न सत्ता पक्ष के सामने प्रस्तुत किया गया था। एक निश्चित विजय का निर्णायक परिणाम और फिर विजय नाद के साथ घर वापसी, परंतु इतिहास गवाह है कि वह अहंकार को शीघ्र … Read more

व्यंग्य रचनाओं ने कचोटने के साथ श्रोताओं का मन मोहा

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दिल्ली। राजधानी के प्रसिद्ध प्रेस क्लब में साहित्यिक, सामाजिक और प्रसारण जगत की हस्तियों के बीच व्यंग्य की महफिल सजी। यह कार्यक्रम संस्था चेतना इंडिया ने आयोजित किया, जिसमें रचनाकारों की व्यंग्य रचनाओं ने कचोटने के साथ श्रोताओं का मन मोह लिया।इस अवसर पर चेतना इंडिया की अध्यक्ष चंद्रिका जोशी ने कहा कि नई प्रतिभाओं … Read more

जब सिपाही ही चोर हो…

डॉ. शैलेश शुक्लालखनऊ (उत्तरप्रदेश)**************************************** ‘जब सिपाही ही चोर हो’ यह वाक्य केवल एक मुहावरा नहीं, बल्कि किसी भी राष्ट्र-राज्य की आत्मा पर लगा वह गहरा घाव है, जो उसके संस्थागत ढांचे, नैतिक आधार और लोकतांत्रिक विश्वास को भीतर से क्षत-विक्षत कर देता है। आधुनिक राष्ट्रों की स्थिरता का आधार केवल उनकी सैन्य शक्ति, आर्थिक क्षमता … Read more

दिनकर प्रतीक सम्मान: श्रेष्ठ कविता संग्रह की प्रविष्टि आमंत्रित

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उज्जैन (मप्र)। व्यंग्य विधा के सशक्त हस्ताक्षर दिनकर सोनवलकर एवं सार्थक साहित्य लेखन कर अपने सम्पूर्ण जीवन को अनुकरणीय बनाने वाले प्रतीक सोनवलकर की स्मृति में दिनकर सृजन संस्थान द्वारा प्रत्येक वर्ष दिनकर प्रतीक सम्मान प्रदान किया जाएगा। इस सम्मान में हिंदी कविता के क्षेत्र में प्रकाशित श्रेष्ठ काव्य पुस्तक की प्रविष्टि १५ मई २०२६ … Read more

युद्ध विध्वंस

शीला बड़ोदिया ‘शीलू’इंदौर (मध्यप्रदेश )*********************************************** युद्ध और शांति-जरूरी क्या ?… युद्ध विध्वंस,बिखर गया सबउड़ा दी नींद। गोलियाँ सहे,आसमान जरियाहोते धमाके। गया अमनउजड़ा है चमनसब वीरान। आँखों में खौफ,आवाज़ें हैं डरातीबेचैन मन। चीख-पुकार,विलुप्त भूख-प्यासबेबस मनु। टूटी दीवारें,तबाही ही तबाहीकैसा मंजर ? लहू-लुहान,हृदय-विदारकविक्षत शव। मानव बना,मानव का दुश्मनविध्वंसक क्यों ? दया-करुणा,दुनिया से लुप्तप्रेम है कहाँ ? परिचय-शीला … Read more