‘प्रेम’ है साँसों का तराना
नीलम प्रभा सिन्हाधनबाद (झारखंड)********************************************* प्रेम के ढाई अक्षर में समाया पूरा संसार है,प्रेम कोई शब्द नहीं, यह रिश्ते-नातों का संसार हैप्रेम का कोई स्वरूप नहीं, यह एक विश्वास है,निराकार है प्रेम, पर जीवन को करता साकार है। प्रेम एक शक्ति है, प्रेम एक पुंज है,जीवन को खुश कर देने वाला एक कुंज हैप्रेम एक जीत … Read more