श्रम की गरिमा और समाज की संवेदना
बबिता कुमावतसीकर (राजस्थान)***************************************** मौन संघर्ष, हाथों में छाले, सम्मान कब ? (मजदूर दिवस विशेष)…. यदि हम मानवता के विकास का इतिहास देखते हैं तो एक सत्य निकाल कर सामने आता है कि संसार की प्रत्येक भव्य इमारत व प्रत्येक विकसित नगर और प्रत्येक सुविधा के पीछे मजदूरों का श्रम छिपा हुआ है। समाज का निर्माण केवल … Read more