‘कहो कालिदास’ पर हुई विशेष चर्चा

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देहरादून (उत्तराखंड)। क्रिएटिव उत्तराखंड के तत्वावधान में दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में १६वें ‘किताब कौतिक’ का आयोजन किया गया। मुख्य थीम ‘आओ, दोस्ती करें किताबों से’ के तहत इसके विभिन्न सत्रों में भाषाओं पर चर्चा के साथ साहित्य और कला पर गहन चर्चाएं एवं ‘कहो कालिदास’ पर हुई विशेष चर्चा की गई।  २३ से … Read more

चाँद दिखलाओ मुख

सरोजिनी चौधरीजबलपुर (मध्यप्रदेश)************************************* करवाचौथ विशेष… रात आज पूजन की,चाँद दिखलाओ मुखसजी सभी नार देखो,शरमाए यामिनी। रूप का श्रृंगार देख,चकित हैं सारे देवअप्सरा भी चकित,मन मोहे कामिनी। माँग में सिंदूर सोहे,बेंदी की चमक मोहेकाली धार काजल की,देख रही चाँदनी। ओठ लाल-लाल सोहे,गले बीच हार सोहेचूड़ियों की खनक ये,बजा रही भामिनी। करके सोलह श्रृंगार,लिए हाथ पूजा थालपायल … Read more

श्रेष्ठ व्यंग्य वह, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाए

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उज्जैन (मप्र)। सामाजिक विसंगतियों पर मौन रहकर चुप रह जाना व्यंग्यकार के लिए संभव ही नहीं है। डॉ. हरीशकुमार सिंह का संकलन वर्तमान राजनीति की विसंगतियों पर समर्थ व्यंग्य प्रहार है। लेखक ने बड़े साहस के साथ लोकतंत्र के प्रादशों के मध्य सत्ता की लोलुपताओं और षड्यंत्रों को व्यंग्य के जरिये उजागर किया है। श्रेष्ठ … Read more

दोहा संग्रह ‘सात सुर स्नेह के’ लोकार्पित

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भोपाल (मप्र)। वरिष्ठ साहित्यकार अरुण अर्णव खरे के सद्य प्रकाशित दोहा संग्रह ‘सात स्वर स्नेह के’ का लोकार्पण शान्ति गया साहित्य, कला एवं खेल संवर्द्धन समिति के वार्षिक सम्मान समारोह के दौरान किया गया। साहित्य अकादमी सम्मान से सम्मानित गोविन्द मिश्र की अध्यक्षता एवं प्रसिद्ध कवि राजेश जोशी के मुख्य आतिथ्य में यह किया गया। … Read more

मतदाता सूची:शुद्धता और लोकतंत्र में नागरिक का अधिकार आवश्यक

अजय जैन ‘विकल्प’इंदौर (मध्यप्रदेश)************************************ किसी भी कालखंड में लोकतंत्र की मजबूती केवल चुनाव कराने, सरकारें बनाने और सत्ता परिवर्तन तक सीमित नहीं है। उसकी वास्तविक ताकत इस बात में निहित है, कि प्रत्येक पात्र नागरिक यानी आम आदमी को बिना किसी परेशानी यानी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग करने का अवसर मिले। मतदान का … Read more

प्रेम मेरे दिल में

कुमारी ऋतंभरामुजफ्फरपुर (बिहार)************************************ करवाचौथ विशेष…. प्रेम मन में लिए घर में रहा करूँ,सबने किया व्रत करवाचौथ। प्रेम मेरे दिल में, प्रेम ही संसार मेरा,पिया के घर में बस, प्रेम ही जिया करूँ। ना जानूँ कोई कर्मकांड, उपवास किया ना कभी,मुश्किल भरे जीवन में सदा मुस्कुराते रहूँ। साथ रहूँ तेरे संग, पिया की दीवानी बनूं,ना वस्त्र … Read more

जीते-जी कर मान

डॉ.विद्यासागर कापड़ी ‘सागर’पिथौरागढ़(उत्तराखण्ड)********************************** बूढ़े जन का घर में,          जीते-जी कर मान।मर जाने पर उनके,      क्या तर्पण क्या दान॥ बल है देवों का ही,        उनकी हर आशीष।चरण कमल में उनके,       सदा झुकाना शीश॥चुन-चुनकर तिनकों को,        बुना बनाया गेह।उनसे ही है घर में,  … Read more