लघुकथा में कथ्य, भाषा और शिल्प के साथ संतुलन का होना बहुत जरूरी

लोकार्पण एवं गोष्ठी… भोपाल (मप्र)। लघुकथा में भाषा और शिल्प का महत्व कथ्य से कम महत्वपूर्ण नहीं होता। लघुकथा में शीर्षक से लेकर कथ्य शिल्प और उद्देश्य हर जगह संतुलन रखा जाना बहुत आवश्यक है।वरिष्ठ लघुकथाकार एवं लघुकथा शोध केंद्र समिति के सचिव घनश्याम मैथिल ‘अमृत’ ने यह बात समिति द्वारा आभासी पटल पर आयोजित … Read more

नव उमंग उल्लास

डॉ.राम कुमार झा ‘निकुंज’बेंगलुरु (कर्नाटक) ************************************************* नव उमंग उल्लास मन, भरे काव्य युव चित्त।भाव समादर श्रेष्ठ में, नीति प्रीति आवृत्त॥ शिक्षा हो सब जन सुलभ, भूख प्यास से त्राण।रोजगार सबको मिले, न्याय नीति कल्याण॥ कुसुमित हो उन्नति कुसुम, महके सुखद उमंग।समरसता सागर उठे, लहरों प्रीति तरंग॥ बेकारी सबकी मिटे, मँहगाई बदरंग।धनी दीन निर्भेदता, जनमत प्रीति … Read more

चीन-भारत के बेहतर संबंधों से नयी विश्व संरचना संभव

ललित गर्ग दिल्ली*********************************** शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ) शिखर बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई द्विपक्षीय बातचीत पर अगर दुनिया भर की नजरें टिकी थीं तो यह उद्देश्यपूर्ण एवं वजहपूर्ण थी, क्योंकि बदलती दुनिया में हाथी और ड्रैगन का साथ-साथ चलना जरूरी हो गया है। दोनों शीर्ष नेताओं की … Read more

१२ वर्ग में पुरस्कार-सम्मान हेतु प्रविष्टियां आमंत्रित

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भोपाल (मप्र)। अंतर्राष्ट्रीय विश्व मैत्री मंच द्वारा दिए जाने वाले २०२५ के पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियाँ आमंत्रित की गईं हैं। १२ अलग-अलग वर्ग में यह प्रविष्टियाँ १ अक्टूबर तक भेजनी है।मंच की संस्थापक अध्यक्ष संतोष श्रीवास्तव ने बताया कि माँ सुरतवन्ती वर्मा समाज सेवा पुरस्कार के लिए किए हुए कार्यों का ब्यौरा भेजना है। हेमंत … Read more

आजमा कर छोड़ दिया

डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’सोलन (हिमाचल प्रदेश)***************************************************** कौन अपना है,कौन पराया हैये तब पता लगा,जब मैंने आजमाया है। आजमाने से हकीकत,पता चलती हैअगले की हमारे प्रति,सोच पता चलती है। सामने से तो सब लोग,मीठी बातें बोलते हैंपर मौका मिलने पर,पीठ में छुरा भौकते हैं। तस्वीर में तो सभी,नज़र आते हैंतकलीफ में सारे लोग,गायब हो जाते हैं … Read more

‘दिल्ली दर्शन’ पुस्तक विमोचित, हैं २४ राज्य के रचनाकार

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दिल्ली। भगत चंद्र हॉस्पिटल के सभागार में ३१ अगस्त को ‘दिल्ली दर्शन’ पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम हुआ। इसमें साहित्य जगत के पुरोधा बालस्वरूप राही, प्रताप सहगल, लक्ष्मीलललललशंकर वाजपेयी, श्रीमती ममता किरण, विजय स्वर्णकार व माधुरी स्वर्णकार जैसे साहित्य मनीषियों की उपस्थिति रही। साहित्य २४ की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सुनीला नारंग ने बताया कि इसमें २४ … Read more

‘साहित्यालोचन:सिद्धांत और अध्ययन’ का लोकार्पण किया पूर्व कुलपति ने

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पाटलिपुत्र (बिहार)। कवि-आलोचक डॉ. सीताराम दीन द्वारा लिखित ‘साहित्यालोचन:सिद्धांत और अध्ययन’ का लोकार्पण हिंदी विभाग (पाटलिपुत्र विवि) एवं डॉ. सीताराम दीन-डॉ. उषारानी सिंह स्मृति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में किया गया। यह महत्वपूर्ण पुस्तक बहुत ही छात्रोपयोगी है। न्यास की ओर से सोमवार को यह आयोजन कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस … Read more

सम्मेलन में होगी ‘गद्य-पद्य प्रवाह’ पुस्तक लोकार्पित

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जबलपुर (मप्र)। प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा का राष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन १३ सितंबर को पूसा रोड करोलबाग (दिल्ली) में आयोजित किया गया है। इस अवसर पर ‘गद्य पद्य प्रवाह’ पुस्तक (संपादक व सह लेखक डॉ. कौशल किशोर, पटना) का लोकार्पण किया जाएगा। सभा के संस्थापक कवि संगम त्रिपाठी ने बताया कि महासचिव प्रदीप मिश्र ‘अजनबी’ के … Read more

कितने चौराहों पर

डॉ. विद्या ‘सौम्य’प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)************************************************ कितने चौराहों पर,दिख जाती हैंबेबस, विक्षिप्त स्त्रियाँ…गंदे, फटे लिबास में लिपटी,रहबरों की मुस्कान से चिढ़तीरोती, गाती, चिल्लाती,भूखी-प्यासी, बड़बड़ातीहाथों में दंड और गठरी में सिमटी,गिरती, रुकती, लड़ती, हँसतीयातनाओं से जूझती, मिटती,मनोरंज का साक्ष्य बनींमन को व्याकुल कर जाती हैं,बेबस, विक्षिप्त स्त्रियाँ। कितने चौराहों पर,लुट जाती हैंबेबस विक्षिप्त स्त्रियाँ…अट्टहास करता मानव उन … Read more

राधा लेती रही टोह

संजीव एस. आहिरेनाशिक (महाराष्ट्र)********************************************* श्रीकृष्ण की बाँसुरी पर बेसुध राधालेती रही टोह,जाने कहाँ से आ रही है ये आत्मा को घुलाती ध्वनियों का अवरोहराधा वृन्दावन विहारिणी वृषभानु दुलारिनी,खोती जा रही आत्ममुग्ध धुन मेंबांसुरी के सुरों नें जैसे घोल दी हो प्रेमसुधाराधा के तन-मन में, अंत:करण में, प्राण में,राधा बस दीवानी हो चली मुरलीधर कीअब कृष्ण … Read more