मन से मन जोड़ें
संजय गुप्ता ‘देवेश’ उदयपुर(राजस्थान) *************************************** रचनाशिल्प:मात्रिक छंद, त्रिपद=१२-१०-१२;प्रथम, तृतीय=समतुकांत सब भेद-भाव छोड़ें,देंखें कोशिश करमन से मन को जोड़ें। न काम करिए ऐसा,मिल जाये न कहींजैसे को भी तैसा। अनपढ़ भाषण देता,जब वो बन जायेचुनाव जीता नेता। जीवन के पहर गये,जाने किस की हीचाहत में गुजर गये। बजते मेरे बारह,बेवकूफ बना करजब वह नौ दो ग्यारह। न … Read more