दिल्ली।
२ मई को दिल्ली के मंडी हाउस स्थित रबीन्द्र भवन में साहित्य अकादमी के सभागार में विष्णु प्रभाकर प्रतिष्ठान के तत्वावधान में अनीता प्रभाकर स्मृति कहानी प्रतियोगिता–२०२५ के तृतीय संस्करण के अंतर्गत ‘पुरस्कार वितरण समारोह एवं कहानी पर चर्चा’ का आयोजन किया गया। अध्यक्षता अखिल भारतीय सर्वभाषा संस्कृति समन्वय समिति के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रज्ञान पुरुष पंडित सुरेश नीरव ने की।
समारोह में मुख्य अतिथि की भूमिका का निर्वहन कला संगम एवं कथानक के संपादक डॉ. अनुज ने किया। प्रथम सत्र का शुभारंभ मंचासीन गणमान्य विभूतियों व अंतरराष्ट्रीय सहयोग परिषद् के राष्ट्रीय महासचिव नारायण कुमार को प्रतिष्ठान की ओर से शाल ओढ़ाकर एवं भेंट स्वरूप उपहार देकर सम्मानित किया गया। आरंभिक उदबोधन में प्रतिष्ठान के मंत्री अतुल विष्णु प्रभाकर ने बताया कि इस प्रतियोगिता में सहभागिता हेतु कुल १७५ कहानियाँ प्राप्त हुई थी। फिर अलंकरण हेतु निर्णायक मंडल के आचार्य अनमोल, डॉ. वेदमित्र शुक्ल एवं डॉ. सविता मिश्रा द्वारा इन्हें चयनित किया गया।
द्वितीय चरण में ‘पुरस्कृत कहानियाँ–२०२५’ पुस्तक का लोकार्पण अतिथियों ने किया।
तत्पश्चात् पुरस्कृत कहानियों के सृजनकर्ताओं को माल्यार्पण, शाल, स्मृति-चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र एवं अनुदान राशि द्वारा सम्मानित किया गया।
दूसरे सत्र में संचालन गज़लकार डॉ. लक्ष्मीशंकर वाजपेयी के सशक्त हाथों में रहा। तत्पश्चात् उपस्थित पुरस्कृत रचनाकारों ने अपनी कहानियों का अपने मुखारविंद से अपने अनूठे अंदाज में वाचन करते हुए जनसमुदाय को भाव-विभोर कर दिया।