ममता सिंह
धनबाद (झारखंड)
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हमारे हारे का सहारा बनते खाटू श्रीश्याम,
भक्त की मुराद पूरी करते खाटू श्रीश्याम।
सीताराम हनुमान बालासरजी धाम,
श्रीकेसरी के लाल हनुमान के धाम।
शंकर जी के अंशावतार हनुमानजी के वास,
श्रीकेसरी के प्यारे लाल हनुमान जी के धाम।
भीम के पौत्र हुए बर्बरीक योद्धा महान,
पांडव की ओर से आए बर्बरीक महान।
घटोत्कच के पुत्र हुए बर्बरीक महान,
बचपन से थे वो वीर और योद्धा महान।
राजस्थान के सीकर जिले में स्थित,
हारे के सहारे के रुप में यह विख्यात।
खाटू श्याम है हारे का सहारा, बनते शान,
शीश कटा अपना कृष्ण को दिया बलिदान।
कृष्ण खुश होकर हमारे दिया उनको वरदान,
जो भी तुम्हारी शरण में आए करो तुम कल्याण।
हमारे ही नाम से होगी अबसे तुम्हारी पूजा,
हारे का तुम बनो सहारा, नहीं अब कोई दूजा।
खाटू दर्शन के बाद भक्त करो दर्शन-पूजन बालासर की,
वरना पूरी नहीं मानी जाती पूजा भक्तजनों की।
मन्नत पूरी होने पर भक्त पैदल चल चढ़ाते निशान,
‘हारे का सहारा खाटू श्याम हमारा’, नारा है पहचान।
रींगस में होती है पूजा आरती श्रद्धालु निशान की,
यहाँ से पैदल ही चलकर आते श्रद्धालु निसान॥