Visitors Views 31

ओम व्यास,बाबा डबराल,श्रीकृष्ण सरल,प्रभाकर श्रोत्रिय,मदन मोहन मालवीय सहित नगर की ५ विभूतियां सदी के सितारों में शामिल

डॉ.देवेन्द्र जोशी की पुस्तक ‘सदी के सितारे’ का हुआ प्रकाशन

उज्जैन(मध्यप्रदेश)।

देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में प्रसिद्ध उज्जैन की ५ विभूतियों को सदी के २४ सितारों में शुमार होने का गौरव हासिल हुआ है। यह गौरवमयी उपलब्धि वरिष्ठ लेखक और साहित्यकार डॉ.देवेन्द्र जोशी की नई पुस्तक सदी के सितारे के माध्यम से नगर के खाते में आई है।

इसका प्रकाशन किताब गंज प्रकाशन जयपुर से इसी सप्ताह हुआ है। अपनी रोचक विषय वस्तु और आकर्षक कलेवर के कारण प्रकाशन से पहले ही चर्चा में आ चुकी पुस्तक में फिल्म,राजनीति खेल,साहित्य,संगीत और अध्यात्म की ख्यानाम शख्सियतों को शामिल किया गया है।

नगर की जिन शख्सियतों को पुस्तक में सितारा हैसियत मिली है,उनमें प्रसिद्ध हास्य कवि ओम व्यास,तंत्र साधक बाबा डबराल,क्रांतिकारियों पर १५ से अधिक महाकाव्य लिखने वाले कवि श्रीकृष्ण सरल जिनका यह शताब्दी वर्ष है।उज्जैन में शिक्षा प्राप्त करने वाले साहित्यकार प्रभाकर श्रोत्रिय और मालवा के होने से मालवीय कहलाने वाले भारत रत्न पं. मदन मोहन मालवीय की दास्तान को पुस्तक में शामिल किया गया है। इन सभी पर अलग – अलग अध्याय में उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला गया है।२४ पुस्तकों की सामग्री एक पुस्तक में उपलब्ध कराना पुस्तक रूपी गागर में २४ सितारों की दास्तान रूपी सागर को समेटने जैसा है। साहित्य और लेखन की दुनिया से गोपालदास ‘नीरज’,केदारनाथ सिंह,विष्णु खरे,कृष्णा सोबती,कुलदीप नैयर,शायर अनवर जलालपुरी और हिन्दी ग़ज़लकार चन्द्रसेन विराट जैसे बड़े नाम पुस्तक में शामिल किए गए हैं,तो राजनीति के सितारों के रूप में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पं.जवाहरलाल नेहरू,भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी,प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री कमलनाथ को अपनी उपलब्धियों के कारण पुस्तक में जगह मिली है। हिन्दी फिल्मों के महान ‘शो-मैन’ राजकपूर कलाकार के रूप में शामिल हैं तो संगीत की दुनिया से सरोद सम्राट अमजद अली खान को पुस्तक में शामिल किया गया है। मुनि तरूण सागर जी,भजन सम्राट विनोद अग्रवाल पुस्तक में अध्यात्म का प्रतिनिधित्व करते हैं,तो क्रिकेट के नए भगवान विराट कोहली और कमेंटेटर जसदेवसिंह को खेल सितारों के रूप में पुस्तक में शामिल किया गया है।

साहित्य संस्कृति के इस खूबसूरत रचनात्मक गुलदस्ते में उज्जैन के ५ सितारों के शामिल होने से स्थानीय लोगों के लिए पुस्तक का महत्व और अधिक बढ़ गया है।

oooooooooo