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करो वंदन जग जननी को

गुरुदीन वर्मा ‘आज़ाद’
बारां (राजस्थान)
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करो वंदन तुम,जग जननी को,
जिसने जन्म,इस जग को दिया
करो पूजन,इस नारायणी का।
जिसने नारायण,पैदा किया।

सच्चे मन से,यह निभाती धर्म,
बेटी,बहिन,पत्नी के रूप में
नहीं देख पाती,सन्तान के आँसू,
यह नारी,एक माँ के रूप में।
हर रस्मो-रिवाज को निभाकर,
सम्मान समाज का,इसने किया॥
करो वंदन तुम…

संघर्ष में नहीं पीछे,यह नर से,
किस पद पर,नहीं पहुंची नारी
कुर्बान वतन पर,नारी भी हुई,
देश की आन बचाने को नारी।
रानी लक्ष्मी,पद्मिनी,इंदिरा ने,
न्यौछावर देश पर,खुद को किया॥
करो वंदन तुम…

छोड़ो जुल्म करना,नारी पर,
सृष्टि की रचयिता है,नारी
बेटी बचाओ,बेटी पढ़ाओ,
दुर्गा-लक्ष्मी की सूरत है नारी।
नारी बिना,जग में अंधियारा,
नारी ने ही जग,रोशन किया॥
वंदन करो तुम…

परिचय- गुरुदीन वर्मा का उपनाम जी आज़ाद है। सरकारी शिक्षक श्री वर्मा राजस्थान के सिरोही जिले में पिण्डवाड़ा स्थित विद्यालय में पदस्थ हैं। स्थाई पता जिला-बारां (राजस्थान) है। आपकी शिक्षा स्नातक(बीए)व प्रशिक्षण (एसटीसी) है।इनकी रूचि शिक्षण,लेखन,संगीत व भ्रमण में है। साहित्यिक गतिविधि में सक्रिय जी आजाद अनेक साहित्य पटल पर ऑनलाइन काव्य पाठ कर चुके हैं तो अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित हुई हैं। प्रकाशित पुस्तक ‘मेरी मुहब्बत’ साहित्य खाते में है तो कुछ पुस्तक प्रकाशन में हैं।

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