सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
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पधारिए ना विघ्नहर्ता… (गणेश चतुर्थी विशेष)…
जय गण नायक, जय विघ्नेश
आओ हरने सकल कलेश,
प्रथम पूज्य हे गणपति देवा
निश-दिन करूँ आपकी सेवा।
सब चर-अचर में करते वास
ज्योतित करते दीप प्रकाश,
ज्ञान-ज्योति अंतस् में भरते
मोह-तिमिर सब दूर करते।
रिद्धि-सिद्धि के हैं अधिनायक
कर मोदक सबको सुखदायक,
हे प्रभु कृपा आपकी पायें
सत्पथ पर अविचल ले जायें।
अंकुश-पाश हाथ में धारे
हरते हो सब कष्ट हमारे,
वाणी में हो सत्य विचार
कर्म बने प्रभु तेरा द्वार।
अभय हस्त में प्यार अपार,
हर लेते भव बंधन भार,
सपनों के नव दीप जले,
आशाओं के फूल खिले॥