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जीवनसाथी

अविनाश तिवारी ‘अवि’
अमोरा(छत्तीसगढ़)

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तू प्रेम है श्रद्धा है मेरा विश्वास है,
प्रिये साथ तेरा हरपल मधुमास है।

कर समर्पण जीवन का पल,
प्रतिपल मुझे सँवारा है
मान तू अभिमान मेरा हृदय तेरा सुवास है,
प्रिये साथ तेरा हरपल मधुमास है।

तू शीतल चाँदनी तपती धूप में छांव है,
रिश्तों की कोमलता का तुझसे अहसास है
प्रिये साथ तेरा हरपल मधुमास हैl

सम्मान है बुजर्गों का पालित तुझमें जो संस्कार है,
अन्नपूर्णा तू नारायणी तू धरनी धरा-सा प्यार है
प्रिये साथ तेरा हरपल मधुमास है।

सावन की फुहार हो बसन्त की बहार हो,
जेठ की तपती धरनी में अमरईया की छांह हो
स्नेहिल ममता का प्यार तुझमें,
मेरी बिटिया का दुलार होl
आस यही रब से सात जन्म का साथ होll

परिचय-अविनाश तिवारी का उपनाम-अवि है। वर्तमान में छग राज्य के जिला सूरजपुर स्थित ग्राम प्रतापपुर में बसे हुए हैं,पर स्थाई पता अमोरा (महंत)है। इनका जन्म २९ मार्च १९७४ में जांजगीर में हुआ है। हिंदी, भोजपुरी,अवधी और छत्तीसगढ़ी भाषा के अनुभवी श्री तिवारी ने स्नातकोत्तर (वाणिज्य) तक शिक्षा हासिल की है। कार्यक्षेत्र-नौकरी (शिक्षक-सरहरी)है।  सामाजिक गतिविधि में शिक्षा के प्रसार के लिए गैर सरकारी संगठन के जरिए कार्यक्रम करते हैं। आपकी लेखन विधा-दोहा, ग़ज़ल,सजल,मुक्तक और हाइकु है। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में रचनाएँ प्रकाशित होती हैं। अविनाश तिवारी ‘अवि’ की लेखनी का उद्देश्य-हिंदी भाषा का प्रसार और छत्तीसगढ़ी का सम्मान है। पसंदीदा हिन्दी लेखक-दिनकर जी हैं। आपके लिए प्रेरणा पुंज-हरिओम पंवार हैं। आपकी ओर से सबके लिए सन्देश-“भाषा अपनी सुदृढ़ हो,भाषा से अभिमान,कर्म करें स्वदेश हित में,साहित्य का रख मान” है। आपकी विशेषज्ञता- समसामयिक कविता लिखने में है।