डॉ. कुमारी कुन्दन
पटना(बिहार)
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धरती के भगवान…
सफेद कोट और गले में आला,
दिल की धड़कन सुनने वाला
चिकित्सा शास्त्र का रखता ज्ञान,
कहते इसे ‘धरती का भगवान।’
सब जानते हैं एक सच्ची बात,
जीवन-मृत्यु ईश्वर के हाथ
पर, जब जीवन पर विपदा आई
तब डॉक्टर ने ही जान बचाई।
उस समय ना कोई याद आता,
भगवान और डॉक्टर याद आता
मिले दवा-दुआ, बच जाए प्राण,
मन को दिखता इनमें भगवान।
लाभ-हानि का गणित छोड़कर,
अपना फर्ज निभाने को तत्पर
रात की नींद और चैन खोते हैं,
तब हम राहत की साँस लेते हैं।
अँधेरी रात में जुगनू के जैसे,
उम्मीद का दीया जलाते हैं
क्रूर काल के हाथों से ये,
जब प्राण छीनकर लाते हैं।
छुपी इनमें मानवता की सेवा,
और देते हैं ये जीवन दान।
ना समझें इसे केवल पेशा,
बांटते हैं चेहरे पर मुस्कान॥