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दिल से लगा लिया

प्रदीपमणि तिवारी ध्रुव भोपाली
भोपाल(मध्यप्रदेश)
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हमने तुम्हारे नाम की माला बना लिया।
जपना तुम्हारा नाम ये बीड़ा उठा लिया।

दिल ने कहा जो दरमियां अपने कहीं न है,
माना तुम्हें है यार भी दिल में बिठा लिया।

आसां नहीं ये इश्कदां होना ग़ुनाह भी,
हमने किया है शक्ल में खुद के लिखा लिया।

दीवानगी है यार या कुछ और बात है,
पी कर गिरे थे ज्यों उठा दिल से लगा लिया।

अरमान सोये यार ध्रुव अब जागने लगे,
दिन आखिरी थे यार सेहरा भी सज़ा लियाll

परिचय–प्रदीपमणि तिवारी का लेखन में उपनाम `ध्रुव भोपाली` हैl आपका कर्मस्थल और निवास भोपाल (मध्यप्रदेश)हैl आजीविका के लिए आप भोपाल स्थित मंत्रालय में सहायक के रुप में कार्यरत हैंl लेखन में सब रस के कवि-शायर-लेखक होकर हास्य व व्यंग्य पर कलम अधिक चलाते हैंl इनकी ४ पुस्तक प्रकाशित हो चुकी हैंl गत वर्षों में आपने अनेक अंतर्राज्यीय साहित्यिक यात्राएँ की हैं। म.प्र.व अन्य राज्य की संस्थाओं द्वारा आपको अनेक मानद सम्मान दिए जा चुके हैं। बाल साहित्यकार एवं साहित्य के क्षेत्र में चर्चित तथा आकाशवाणी व दूरदर्शन केन्द्र भोपाल से अनुबंधित कलाकार श्री तिवारी गत १२ वर्ष से एक साहित्यिक संस्था का संचालन कर रहे हैं। आप पत्र-पत्रिका के संपादन में रत होकर प्रखर मंच संचालक भी हैं।