संजय एम. वासनिक
मुम्बई (महाराष्ट्र)
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ज़िंदगी का नाम दोस्ती… (मित्रता दिवस विशेष)….
ज़िंदगी का नाम दोस्ती है,
साँसों में जो घुली मिठास है
ना कोई शर्त, ना कोई हिसाब है,
बस दिल से दिल की आवाज़ है।
गिरें तो हाथ बढ़ाने वाले,
हँसें तो साथ में हँसने वाले
अँधेरी रात हो तो दीपक बन जाएं,
सफ़र कठिन हो तो सहारा बन जाएं।
ज़िंदगी का नाम दोस्ती है,
छोटी-छोटी बातों में बड़ी खुशी है
एक चाय, एक हँसी, एक पुरानी याद,
इन्हीं से तो पूरी कायनात है।
ना डरना, ना झुकना,
बस बेफिक्र रहना।
यही नियम है दोस्ती का,
क्योंकि ज़िंदगी का नाम ही दोस्ती है॥