कुल पृष्ठ दर्शन : 151

You are currently viewing नव वर्ष आ रहा सौभाग्य लेकर

नव वर्ष आ रहा सौभाग्य लेकर

डॉ. आशा गुप्ता ‘श्रेया’
जमशेदपुर (झारखण्ड)
*******************************************

नव वर्ष विशेष….


नव सूरज का किरण प्रकाश लेकर,
नववर्ष आ रहा जीत उपहार लेकर
बीते विपदा वर्ष दु:ख पर्वत-सा भारी,
नववर्ष आ रहा जीत का उपहार लेकर।

नववर्ष आ रहा स्वप्न लक्ष्य अपार लेकर,
नई आशाओं की सुंदर सौगात लेकर
स्वागत करिए आप जी उत्साह संग,
नववर्ष आ रहा सुख-सौभाग्य लेकर।

नव उर्जा से उत्साहित समाधान लेकर,
नववर्ष आ रहा सद्भावना राग लेकर
दृढ़ शक्ति की जरूरत हर प्राणी को है,
नव वर्ष आ रहा सुखद विश्वास लेकर।

नववर्ष आ रहा हृदय में प्रकाश लेकर,
सतर्कता धैर्य रक्षा विचार ज्ञान लेकर
आवश्यक है मानवीय मूल्यों का पग-पग,
नववर्ष आ रहा सुंदर धरा आकाश लेकर।

नववर्ष आ रहा आनंद मकरंद लेकर,
झूमती प्रकृति दिशाएं मुस्कान लेकर
पंछी करें गान पुष्प खिल-खिल हँसे,
नववर्ष आ रहा सुखद विस्तार लेकर।

नववर्ष आ रहा नवजीवन गान लेकर,
सुंदर भविष्य प्रगति की राह लेकर
हटाइए घृणा द्वेष नकारात्मक विचार,
नववर्ष आ रहा सुख का भाव लेकर।

नववर्ष आओ परमात्मा आशीष लेकर,
छिडे़ बाँसुरी सबकी रक्षा भाव लेकर।
जगे स्नेह प्रेम सौहार्द बच्चों का भविष्य,
नववर्ष सुख शांति प्रगति सौभाग्य लेकर॥

परिचय- डॉ.आशा गुप्ता का लेखन में उपनाम-श्रेया है। आपकी जन्म तिथि २४ जून तथा जन्म स्थान-अहमदनगर (महाराष्ट्र)है। पितृ स्थान वाशिंदा-वाराणसी(उत्तर प्रदेश) है। वर्तमान में आप जमशेदपुर (झारखण्ड) में निवासरत हैं। डॉ.आशा की शिक्षा-एमबीबीएस,डीजीओ सहित डी फैमिली मेडिसिन एवं एफआईपीएस है। सम्प्रति से आप स्त्री रोग विशेषज्ञ होकर जमशेदपुर के अस्पताल में कार्यरत हैं। चिकित्सकीय पेशे के जरिए सामाजिक सेवा तो लेखनी द्वारा साहित्यिक सेवा में सक्रिय हैं। आप हिंदी,अंग्रेजी व भोजपुरी में भी काव्य,लघुकथा,स्वास्थ्य संबंधी लेख,संस्मरण लिखती हैं तो कथक नृत्य के अलावा संगीत में भी रुचि है। हिंदी,भोजपुरी और अंग्रेजी भाषा की अनुभवी डॉ.गुप्ता का काव्य संकलन-‘आशा की किरण’ और ‘आशा का आकाश’ प्रकाशित हो चुका है। ऐसे ही विभिन्न काव्य संकलनों और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में भी लेख-कविताओं का लगातार प्रकाशन हुआ है। आप भारत-अमेरिका में कई साहित्यिक संस्थाओं से सम्बद्ध होकर पदाधिकारी तथा कई चिकित्सा संस्थानों की व्यावसायिक सदस्य भी हैं। ब्लॉग पर भी अपने भाव व्यक्त करने वाली श्रेया को प्रथम अप्रवासी सम्मलेन(मॉरीशस)में मॉरीशस के प्रधानमंत्री द्वारा सम्मान,भाषाई सौहार्द सम्मान (बर्मिंघम),साहित्य गौरव व हिंदी गौरव सम्मान(न्यूयार्क) सहित विद्योत्मा सम्मान(अ.भा. कवियित्री सम्मेलन)तथा ‘कविरत्न’ उपाधि (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ) प्रमुख रुप से प्राप्त हैं। मॉरीशस ब्रॉड कॉरपोरेशन द्वारा आपकी रचना का प्रसारण किया गया है। विभिन्न मंचों पर काव्य पाठ में भी आप सक्रिय हैं। लेखन के उद्देश्य पर आपका मानना है कि-मातृभाषा हिंदी हृदय में वास करती है,इसलिए लोगों से जुड़ने-समझने के लिए हिंदी उत्तम माध्यम है। बालपन से ही प्रसिद्ध कवि-कवियित्रियों- साहित्यकारों को देखने-सुनने का सौभाग्य मिला तो समझा कि शब्दों में बहुत ही शक्ति होती है। अपनी भावनाओं व सोच को शब्दों में पिरोकर आत्मिक सुख तो पाना है ही,पर हमारी मातृभाषा व संस्कृति से विदेशी भी आकर्षित होते हैं,इसलिए मातृभाषा की गरिमा देश-विदेश में सुगंध फैलाए,यह कामना भी है

Leave a Reply