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परख

डॉ.शैल चन्द्रा
धमतरी(छत्तीसगढ़)
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फेसबुक में उस फेसबुक दोस्त से आशा की अच्छी दोस्ती हो गई थी। उसका फेसबुक दोस्त विजय उससे फेसबुक पर प्रेम निवेदन कर चुका था। वह आशा को प्रतिदिन प्रेम पगा संदेश भेजता। वह आशा से मिलने के लिए बैचेन था। उसने आशा को संदेश किया कि नववर्ष में उसने होटल हॉलिडे का कमरा बुक करवा लिया है। कितना मजा आएगा,जब वो और आशा मिलकर न्यू ईयर सेलिब्रेट करेंगे।
इधर आशा ने फोन कर कहा,-“विजय,तुम्हें मेँ क्या बताऊँ ? कुछ दिनों से मेरी तबियत बहुत ख़राब थी। आज डॉक्टर के पास गई थी। डॉक्टर ने सारे टेस्ट किये तो पता चला कि मेरी दोनों किडनी खराब हो चुकी है। अभी मैं अस्पताल में भर्ती हूँ। तुम मेरे सबसे अच्छे मित्र और प्रेमी हो। तुम मुझे बहुत प्यार करते हो, इसलिए तुमसे प्रार्थना है कि मेरे प्यार की खातिर तुम अपनी एक किडनी मुझे उपहार में दे दो,ताकि मैं जिन्दा रहकर तुम्हारे प्यार को निभा सकूँ। तुम कल गुड हेल्थ हॉस्पिटल में आ जाना। मैं तुम्हारा इंतजार कर रही हूँ।”
आशा को विजय से बात करे आज पूरे पंद्रह दिन हो गए थे। विजय का कहीं कोई अता-पता नहीं था। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ आ रहा था।
आज अचानक बाजार में आशा को विजय दिखा। वह दौड़कर उसके पास पहुँच गई। अपने सामने अचानक आशा को देखकर विजय घबरा गया। आशा ने मुस्कुराते हुए कहा,-“विजय जी,मुझे इस तरह स्वस्थ देखकर तुम चौंक गए न ? हाँ,न ही मैं बीमार हूँ,न ही मेरी किडनी खराब हुई है। मैंने तो बस अपने फेसबुक दोस्त के प्रेम को परखने के लिए यह नाटक किया था।”
यह सुनकर विजय नजरें चुराने लगा।

परिचय-डॉ.शैल चन्द्रा का जन्म १९६६ में ९ अक्टूम्बर को हुआ है। आपका निवास रावण भाठा नगरी(जिला-धमतरी, छतीसगढ़)में है। शिक्षा-एम.ए.,बी.एड., एम.फिल. एवं पी-एच.डी.(हिंदी) है।बड़ी उपलब्धि अब तक ५ किताबें प्रकाशित होना है। विभिन्न कहानी-काव्य संग्रह सहित राष्ट्रीय स्तर के पत्र-पत्रिकाओं में डॉ.चंद्रा की लघुकथा,कहानी व कविता का निरंतर प्रकाशन हुआ है। सम्मान एवं पुरस्कार में आपको लघु कथा संग्रह ‘विडम्बना’ तथा ‘घर और घोंसला’ के लिए कादम्बरी सम्मान मिला है तो राष्ट्रीय स्तर की लघुकथा प्रतियोगिता में सर्व प्रथम पुरस्कार भी प्राप्त किया है।सम्प्रति से आप प्राचार्य (शासकीय शाला,जिला धमतरी) पद पर कार्यरत हैं।