दीप्ति खरे
मंडला (मध्यप्रदेश)
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मेरी असली प्रेरणा…
पिता का साया अगर साथ हो,
तो होती हर मुश्किल आसान
उनकी हर एक सीख जीवन के,
कदम-कदम पर आती काम।
रिश्तों की फुलवारी के,
वे होते सच्चे माली हैं
उनके साथ होने से ही,
घर में खुशहाली होती है।
जीवन रथ के कठिन सफ़र में,
थामे रहते दृढ़ लगाम
अपने धैर्य और अनुभव से,
देते हमको सही दिशा-ज्ञान।
सारे घर की धुरी हैं वे,
जिस पर टिका परिवार है
पिता होते हैं घर के सारथी,
जो सही राह दिखलाते हैं॥