कुल पृष्ठ दर्शन : 6

आओ देश का गुणगान करें

राजू महतो ‘राजूराज झारखण्डी’
धनबाद (झारखण्ड) 
********************************************

आओ देश का गुणगान करें,  
साथ तिरंगे को सलाम करें
शहीद हुए देश के वीरों की,  
कहानी को आज याद करें।

हमें आज़ादी दिलाने वालों,  
सरहद पर जान गंवाने वालों
तेरी कुर्बानी को सदा याद करूँ,  
तुझे मैं दिल से प्रणाम करूँ।

तेरे खून से सींची मिट्टी,  
तेरे सपनों से सजी धरती
इसकी हम देखभाल करें,  
सुरक्षा इसकी हर हाल करें।

किसान, जवान, वैज्ञानिक,  
सबका योगदान है महान
मिलकर चलें, मिलकर बढ़ें,  
यही भारत की है पहचान।

छोटे-बड़े का भेद मिटाकर,  
सबका ही सम्मान करें
हिंदू-मुस्लिम सब मिल आज,  
आओ देश का गुणगान करें।

‘जय हिंद’ का नारा गूँजे,  
गूँजे हमारा ही संकल्प।
एकता की डोर में बँधकर,  
करें देश को और उज्ज्वल॥

परिचय-साहित्यिक नाम `राजूराज झारखण्डी` से पहचाने जाने वाले राजू महतो का निवास झारखण्ड राज्य के जिला धनबाद स्थित गाँव-लोहापिटटी में है। जन्म तारीख १० मई १९७६ और जन्म स्थान धनबाद है। भाषा ज्ञान-हिन्दी का रखने वाले श्री महतो ने स्नातक सहित एलीमेंट्री एजुकेशन (डिप्लोमा) की शिक्षा प्राप्त की है। साहित्य अलंकार की उपाधि भी हासिल है। आपका कार्यक्षेत्र-नौकरी (विद्यालय में शिक्षक) है। सामाजिक गतिविधि में आप सामान्य जनकल्याण के कार्य करते हैं। लेखन विधा-कविता एवं लेख है। इनकी लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों को दूर करने के साथ-साथ देशभक्ति भावना को विकसित करना है। पसंदीदा हिन्दी लेखक-प्रेमचन्द जी हैं। विशेषज्ञता-पढ़ाना एवं  कविता लिखना है। देश और हिंदी भाषा के प्रति आपके विचार-“हिंदी हमारे देश का एक अभिन्न अंग है। यह राष्ट्रभाषा के साथ-साथ हमारे देश में सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। इसका विकास हमारे देश की एकता और अखंडता के लिए अति आवश्यक है।