कुल पृष्ठ दर्शन : 1

आती है चिड़िया रानी

सरोजिनी चौधरी
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
****************************************

चिड़िया रानी बड़े सबेरे
रोज़ मेरे घर आती हैं,
आँगन में वे फुदक-फुदक कर
बिखरे दाने खाती हैं।

चहक-चहक कर खुशी दिखाती
इधर-उधर मँडराती है,
छत पर रखा पानी पीने
रोज़ वो ऊपर जाती है।

चहक-चहक कर सखी सहेली
को भी नित वो बुलाती है,
फिर सब मिल कर चिरी-चिरैया
मीठे राग सुनाती हैं।

कोषों दूर वे चलती रहती,
नहीं कभी घबराती है।
गर्मी, ठंड, बारिश का मौसम,
रोज़ वो घर मेरे आती है॥